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इंतिहा इंतजार की... 20 बसें कंडम, 30 नई बसें मिलीं नहीं, यात्री बेबस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Nov 2021 11:48 PM IST
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20 buses condense, 30 new buses not found, passengers helpless
वर्कशॉप में खड़ी खराब बसें। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। रोडवेज डिपो में बसों की संख्या निरंतर घटती जा रही है। इस साल 20 बसें कंडम घोषित होने से डिपो में सिर्फ 118 बसें रह गई है। इनमें से 43 बसें लोहारू सब डिपो में शामिल हैं। ऐसे में यात्री बेबस हैं। सरकार की ओर से डिपो में नई 30 बसों शामिल करने का इंतजार अभी और लंबा होता जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार मार्च 2022 तक नई बसें आ जाएंगी। ऐसे में यात्रियों को चार महीने और परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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लोहारू सब डिपो भी दादरी डिपो के अधीन है। दादरी डिपो के बेडे़ में इस समय 143 बसें हैं जिनमें से 25 किलोमीटर स्कीम के तहत हायर की गई बसें हैं। रोडवेज के बेडे़ में 118 बसें हैं। इनमें से 65 बसों का संचालन दादरी बस स्टैंड से, जबकि 43 का लोहारू सब डिपो से होता है। इस साल डिपो की 20 बसें कंडम हुई हैं, जबकि परिवहन विभाग की मार्फत सरकार ने 30 नई बसें दादरी डिपो को अलॉट की हैं। बस अलॉटमेंट हुए दो माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक नई बसें दादरी डिपो में नहीं पहुंची हैं। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार नई बसों के लिए चेसिस नंबर अलॉट हो चुका है और गुरुग्राम में बसों की बॉडी तैयार करवाई जा रही है। मार्च तक नई बसें बेडे़ में शामिल हो जाएंगी और तब तक दूसरे विकल्प तलाश कर काम चलाया जाएगा। 20 बसें कंडम होने का असर सीधे तौर पर विभिन्न लोकल रूटों की व्यवस्थाओं पर पड़ा है। अधिकारी लोकल रूटों पर फेरे में कटौती कर काम चला रहे हैं।
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प्रतिदिन बीस हजार से अधिक यात्री करते हैं सफर
दादरी बस स्टैंड परिसर से इस समय 65 बसों का संचालन होता है, जिनमें प्रतिदिन करीब बीस हजार यात्री सफर करते हैं। इनमें से करीब 15 बसें दिल्ली, चंडीगढ़, अलवर, शिमला, अजमेर आदि रूटों पर चलती हैं। डिपो की बसें प्रतिदिन 25 हजार किलोमीटर से अधिक दूरी तय करती हैं और रोडवेज को करीब दस लाख का प्रतिदिन राजस्व प्राप्त होता है। बसों की संख्या बढ़ने के बाद रोडवेज का राजस्व भी बढ़ेगा।
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इन गांवों में नहीं पहुंच रही बसें
इस समय नौरंगाबास जाटान, नौरंगाबास राजपूतान, माई, रामलवास, दुधवा, झिंझर, सरूपगढ़, हिंडोल समेत जिले के दस गांवों में रोडवेज बसों के पहिये नहीं घूम रहे हैं। वहीं, कुछ रूटों पर छात्राएं स्पेशल बसें चलाने की मांग कर चुकी हैं, लेकिन डिपो के बेडे़ में बसों की संख्या कम होने से अधिकारियों को व्यवस्थाएं बनाने में दिक्कतें आ रही हैं।
ये तैयार हो रही वैकल्पिक व्यवस्था
रोडवेज सूत्रों के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर लोहारू सब डिपो से करीब पांच बसें जल्द दादरी बस स्टैंड पर मंगवाई जा सकती हैं। इसके अलावा अगर किसी रूट पर ज्यादा दिक्कत हुई तो किलोमीटर स्कीम के तहत हायर की गई बसों के फेरे और बढ़वाए जा सकते हैं।

इस साल 20 बसें कंडम होने से थोड़ी दिक्कतें आ रही हैं। 30 नई बसें जिले को अलॉट हो चुकी हैं और मार्च 2022 तक नई बसों के डिपो के बेडे में शामिल होने की उम्मीद है। इसके बाद समस्या का समाधान हो जाएगा। - रविश हुड्डा, जीमएए चरखी दादरी डिपो
फोटो 01
बस स्टैंड के बूथ पर खड़ीं बसें।
फोटो 02
वर्कशॉप में खड़ी खराब बसें।
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