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19 हजार भवन मालिकों पर पड़ेगी बढ़े हुए विकास शुल्क की मार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Feb 2022 12:26 AM IST
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19 thousand building owners will be hit by increased development fee
चरखी दादरी। विकास शुल्क कैलेक्टर रेट का पांच प्रतिशत किए जाने की मार शहर में करीब 15 हजार मकान मालिकों पर पड़ेगी। नई बसी कॉलोनियां ही नहीं, पुराने शहर और लाल डोरे में शामिल मकान मालिकों को भी विकास शुल्क भरना होगा। नगर परिषद की ओर से फिलहाल रिहायशी मकानों का 120 रुपये प्रति वर्ग गज विकास शुल्क लिया जाता है। कॉमर्शियल क्षेत्र में विकास शुल्क 650 रुपये प्रति वर्गगज है। सरकार के इस फैसले पर शहर वासियों का कहना है कि विकास के नाम पर बोझ लादा जा रहा है, जबकि सुविधाएं कुछ मिल नहीं रही हैं। लोगों ने सरकार से यह फैसला वापस लिए जाने की मांग की है।
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राज्य सरकार ने हाल ही में निर्णय लेकर सभी शहरों में नगर निगम, नगर परिषद व पालिकाओं में विकास शुल्क कलेक्टर रेट का पांच प्रतिशत वसूलने की नोटिफिकेशन जारी की है। यानी अब विकास शुल्क की वसूली कलेक्टर रेट के आधार पर होगी। शहर में एरिया वाइज जमीन के अलग अलग कलेक्टर रेट सरकार ने निर्धारित कर रखे हैं। दादरी शहर में जमीनी कलेक्टर पिछले दिनों काफी बढ़ गए थे। सरकार ने गत नवंबर माह में शहर के लिए नए कलेक्टर रेट जारी किए थे। अब नए कलेक्टर रेट तैयार होने के बाद सरकार ने विकास शुल्क के भी नए रेट तय कर दिए हैं, ताकि नगर परिषद व सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी हो सके। राजस्व की बढ़ोतरी आम आदमी की जेब पर डाका है।
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शहर में प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने वाले करीब 24 हजार लोगों की नई प्रॉपर्टी आईडी हाल ही में बनाई गई हैं। नगर अधिकारियों की मानें, तो शहर में करीब 15 हजार लोगों के मकानों के नक्शे पास हैं। करीब चार हजार दुकानें एवं कॉमर्शियल संस्थान है, जिनके पहले से नक्शे पास हैं। अब सरकार के नए नियमों के अनुसार इनसे कलेक्टर रेट का पांच प्रतिशत विकास शुल्क वसूला जाएगा। मान लिजिए नगर के किसी क्षेत्र का कलेक्टर रेट 20000 रुपये प्रतिवर्ग है तो मकान मालिक से एक हजार रुपये प्रति वर्ग के हिसाब से विकास शुल्क वसूला जाएगा।
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शहर के नए कलेक्टर रेट की सूची :
इन क्षेत्रों में 25 से 35 हजार रेट
जगह आवासीय रेट-20221
- रोहतक गेट से अनाज मंडी गेट -35000
2 नप कार्यालय से काठमंडी 25000
3 अनाज मांडी 25000
4 जीवन सिंह जैन मार्ग से तिकोना पार्क 25000
5 तिकोना पार्क से सीसीआई बाइपास 25000
6 रेलवे स्टेशन से पुराना बस स्टैंड 25000
7 रोहतक चौक से रेलवे फाटक 25000
8 नप कार्यालय से भिवानी रोड माइनर 25000
9 एमसी कॉलोनी 25000
===============
इन क्षेत्रों में 15 से 25 हजार रेट
जगह -- आवासीय रेट
- तिकोना पार्क से सीसीआई बाइपास 15000
2 रेलवे फाटक से रावलधी चुंगी 15000
3 महेंद्रगढ़ बाइपास से तिकोना पार्क 15000
4 गांधी नगर 15000
5 रोहतक चौक से राजकीय स्कूल 15000
6 रंगीला मंदिर से कन्या कॉलेज 18000
7 गोशाला चौक से महेंद्रगढ़ चुंगी 18000
8 चिड़िया मोड़ से नहर तक 15000
9 महेंद्रगढ़ बाइपास से भिवानी चौक 1200
जो मकान एवं दुकान मालिक अपना नक्शा पास करवा चुके, उनसे विकास शुल्क कतई नहीं लेना चाहिए। कलेक्टर रेट पर विकास शुल्क वसूलना न्यायोचित नहीं है। विकास शुल्क में बढ़ोतरी करके शहरी मतदाताओं पर कुठाराघात किया है। विकास शुल्क उन्हीं मालिकों से लिए जाए जो नए मकान व दुकान बना रहे हैं। इनसे भी पुराने रेट पर ही विकास शुल्क वसूला जाना चाहिए।
- मोतीलाल बिंदल, पूर्व चेयरमैन नगर परिषद।
सरकार का विकास शुल्क में बढ़ोतरी करने का निर्णय सरासर गलत है। पहले ही लोगों पर कोरोना महामारी की आर्थिक मार पड़ी है। गरीब आदमी अब शहरों में मकान बनाने का सपना भी नहीं ले सकेगा। सरकार को पुराने रेट यथावत रखने चाहिएं। सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करते हुए इसे वापस लेना चाहिए।

- बख्शी सैनी, पूर्व वाइस चेयरमैन नगर परिषद।
सरकार के ये निर्देश फिलहाल सब शहरों के लिए जारी हुए हैं। इस संबंध में जैसे ही सरकार की कोई अन्य गाइडलाइन जारी होगी उसी के तहत अगला प्रारूप तैयार किया जा सकेगा।
- सचिव प्रशांत पाराशर, नगर परिषद।
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