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Charkhi Dadri News: मानव मल गाद प्रबंधन योजना के तहत 19 टैंकर होल्डर्स करवा चुके पंजीकरण
Sun, 17 Dec 2023 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 17 Dec 2023 11:51 PM IST
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शौचालय कुई खाली करने वाला सेफ्टी टैंकर।
मल का उठान करने के बाद टैंकर होल्डर को जनस्वास्थ्य विभाग के अधीन सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के कर्मचारियों के पास लिखित में दर्ज करवाना होगा पूरा विवरण
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। मानव मल गाद प्रबंधन योजना के तहत शौचालयों की कुई या अन्य सार्वजनिक जगह से मल का उठान करने के बाद टैंकर होल्डर को पूरा विवरण दर्ज करवाना होगा। ये ब्योरा जनस्वास्थ्य विभाग की इंजीनियरिंग शाखा के अधीन सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों को लिखित में देना होगा। योजना के तहत अब तक जिला में 19 टैंकर होल्डर्स पंजीकरण बरवा चुके हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत यह मानव मल गाद प्रबंधन स्कीम अगस्त माह में शुरू हो चुकी है। टैंकर होल्डर ने विभाग के पास रजिस्ट्रेशन करवाना शुरू कर दिया है। नियमानुसार पंजीकरण के बाद ही टैंकर होल्डर मल का उठान कर सकता है। वहीं, जिले में अभी कई टैंकर होल्डर्स ने पंजीकरण की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की है, ऐसे में उन पर कार्रवाई संभव है।
बिना पंजीकरण के टैंकर होल्डर अगर शौचालय की कुई को खाली करता है तो उसे प्रथम बार पांच हजार रुपये जुर्माना चुकाना होगा। दूसरी बार उल्लंघन करने पर इस जुर्माना राशि में 20 प्रतिशत और शामिल कर दिया जाएगा। फिर भी टैंकर होल्डर नियमों की अवमानना करता है तो उसे छह माह की सजा तक काटनी पड़ सकती है।
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- ऐसे करवा सकते हैं पंजीकरण
टैंकर होल्डर को पंजीकरण करवाने के लिए विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना है। उसके बाद विभाग की ओर से अनुमति दी जा रही है। विभाग इस स्कीम के तहत जिला स्तर पर हेल्पलाइन नंबर भी जारी करेगा। इस स्कीम के तहत मल का उठान कर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में डाले जाने का प्रावधान है। टैंकर होल्डर को अधिकतम 1600 रुपये व न्यूनतम 600 रुपये प्रति टैंकर किराया मिलेगा। लंबी दूरी होने पर मकान मालिक को 10 रुपये प्रति किलोमीटर अतिरिक्त चार्ज चुकाना होगा।
- जागरूकता अभियान को गति देने की जरूरत
इस समय जागरूकता अभियान कम ही चलाए जा रहे हैं। जागरूकता अभियान में और तेजी लाए जाने की जरूरत है। जिले में 165 ग्राम पंचायतें हैं। हालांकि गांवों में सफाई कर्मचारी भी तैनात हैं। सार्वजनिक स्थानों पर कचरे का जमाव होने की वजह से स्वच्छता का कार्य ज्यादा प्रभावित हो रहा है। इस कचरे का समायोजन नहीं होने से ज्यादा दिक्कत बन रही है।
अब तक जिले में 19 टैंकर होल्डर्स पंजीकरण करवा चुके हैं। बिना अनुमति के कोई भी टैंकर होल्डर कुई की सफाई नहीं कर सकेगा। विभाग की ओर से यह कार्य प्रगति पर है। आम लोगों को इस मिशन में सहयोग करने की जरूरत है।
-रामनिवास, एपीओ, स्वच्छता मिशन
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चरखी दादरी। मानव मल गाद प्रबंधन योजना के तहत शौचालयों की कुई या अन्य सार्वजनिक जगह से मल का उठान करने के बाद टैंकर होल्डर को पूरा विवरण दर्ज करवाना होगा। ये ब्योरा जनस्वास्थ्य विभाग की इंजीनियरिंग शाखा के अधीन सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों को लिखित में देना होगा। योजना के तहत अब तक जिला में 19 टैंकर होल्डर्स पंजीकरण बरवा चुके हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत यह मानव मल गाद प्रबंधन स्कीम अगस्त माह में शुरू हो चुकी है। टैंकर होल्डर ने विभाग के पास रजिस्ट्रेशन करवाना शुरू कर दिया है। नियमानुसार पंजीकरण के बाद ही टैंकर होल्डर मल का उठान कर सकता है। वहीं, जिले में अभी कई टैंकर होल्डर्स ने पंजीकरण की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की है, ऐसे में उन पर कार्रवाई संभव है।
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बिना पंजीकरण के टैंकर होल्डर अगर शौचालय की कुई को खाली करता है तो उसे प्रथम बार पांच हजार रुपये जुर्माना चुकाना होगा। दूसरी बार उल्लंघन करने पर इस जुर्माना राशि में 20 प्रतिशत और शामिल कर दिया जाएगा। फिर भी टैंकर होल्डर नियमों की अवमानना करता है तो उसे छह माह की सजा तक काटनी पड़ सकती है।
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- ऐसे करवा सकते हैं पंजीकरण
टैंकर होल्डर को पंजीकरण करवाने के लिए विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना है। उसके बाद विभाग की ओर से अनुमति दी जा रही है। विभाग इस स्कीम के तहत जिला स्तर पर हेल्पलाइन नंबर भी जारी करेगा। इस स्कीम के तहत मल का उठान कर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में डाले जाने का प्रावधान है। टैंकर होल्डर को अधिकतम 1600 रुपये व न्यूनतम 600 रुपये प्रति टैंकर किराया मिलेगा। लंबी दूरी होने पर मकान मालिक को 10 रुपये प्रति किलोमीटर अतिरिक्त चार्ज चुकाना होगा।
- जागरूकता अभियान को गति देने की जरूरत
इस समय जागरूकता अभियान कम ही चलाए जा रहे हैं। जागरूकता अभियान में और तेजी लाए जाने की जरूरत है। जिले में 165 ग्राम पंचायतें हैं। हालांकि गांवों में सफाई कर्मचारी भी तैनात हैं। सार्वजनिक स्थानों पर कचरे का जमाव होने की वजह से स्वच्छता का कार्य ज्यादा प्रभावित हो रहा है। इस कचरे का समायोजन नहीं होने से ज्यादा दिक्कत बन रही है।
अब तक जिले में 19 टैंकर होल्डर्स पंजीकरण करवा चुके हैं। बिना अनुमति के कोई भी टैंकर होल्डर कुई की सफाई नहीं कर सकेगा। विभाग की ओर से यह कार्य प्रगति पर है। आम लोगों को इस मिशन में सहयोग करने की जरूरत है।
-रामनिवास, एपीओ, स्वच्छता मिशन