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46 स्कूलों के 165 कमरे जर्जर, तीन हजार विद्यार्थी परेशान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Aug 2021 10:28 PM IST
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165 rooms of 46 schools shabby, three thousand students upset
चरखी दादरी। जिले में इस समय 46 राजकीय स्कूलों के 165 कमरे कंडम स्थिति में हैं। ये कमरे कक्षाएं लगाने के लायक नहीं रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से दो बार फाइल भेजने के बाद भी सरकार इन कमरों को कंडम घोषित नहीं कर रही है। इसके चलते तीन हजार विद्यार्थी और 400 से अधिक शिक्षक परेशानियां झेल रहे हैं। कमरों की कमी के चलते बारिश के मौसम में भी शिक्षकों को मजबूरी वश बाहर बैठाकर पढ़ाई करवानी पड़ रही है।
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जिले में 210 प्राइमरी स्कूल, 50 सीनियर सेकेंडरी और 70 उच्च विद्यालय हैं। शेष मिडल स्कूलों सहित जिले में राजकीय स्कूलों की कुल संख्या 365 है। कई दशक पूर्व बने राजकीय स्कूलों की हालत अब खस्ता बनी हुई है। इस समय जिले में 46 स्कूलों में 165 कमर कंडम स्थिति में हैं। शिक्षा विभाग की ओर से इन कमरों को कंडम घोषित करवाने और इनकी जगह नए बनवाए जाने के लिए दो साल में दो बार प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेजा जा चुका है, लेकिन सरकार की ओर इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है। शिक्षा विभाग इन कमरों की सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कर चुका है। सरकार के इन कमरों को कंडम घोषित करने के बाद ही नए सिरे से निर्माण की योजना सिरे चढ़ेगी।
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विभाग की सरकार की अनुमति का इंतजार
शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार 46 स्कूलों में कमरे कंडम होने से तीन हजार विद्यार्थी और 400 से अधिक शिक्षक परेशानियां झेल रहे हैं। कमरों की कमी के चलते शिक्षकों को मजबूरीवश बाहर बैठाकर पढ़ाई करवानी पड़ रही है। मौजूदा मौसम में तो यह भी संभव नहीं है। अब अगली प्रक्रिया शुरू करने के लिए विभाग को दो साल से सरकार की अनुमति का इंतजार है।
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कमरों के निर्माण के लिए बजट की भी दरकार
विभिन्न स्कूलों में कंडम कमरों के पुनर्निर्माण के लिए सरकार की स्वीकृति के साथ बजट का भी इंतजार है। सरकार को तत्परता से इन कमरों को कंडम घोषित करते हुए नए सिरे से इनका निर्माण करवाने के लिए विभाग को बजट जारी करना चाहिए, ताकि जल्द से जल्द राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी बाहर बैठकर पढ़ाई करने की समस्या से निजात मिल सके।

शिक्षा विभाग इन कमरों को कंडम घोषित करवाने के लिए दो बार मुख्यालय फाइल भेज चुका है। जैसे ही सरकार की ओर से निर्देश आने के बाद ही अगली प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
जयवीर सिंह, एसडीओ, समग्र शिक्षा
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