{"_id":"62b9e9d9af156c227a0e5776","slug":"139-condom-rooms-will-be-demolished-in-90-state-schools-education-department-wrote-a-letter-to-pwd-charkhidadri-news-hsr635299928","type":"story","status":"publish","title_hn":"90 राजकीय स्कूलों के तोड़े जाएंगे 139 कंडम कमरे, शिक्षा विभाग ने पीडब्ल्यूडी को लिखा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
90 राजकीय स्कूलों के तोड़े जाएंगे 139 कंडम कमरे, शिक्षा विभाग ने पीडब्ल्यूडी को लिखा पत्र
विज्ञापन
राजकीय स्कूल के कंडम घोषित किए गए कमरे।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। ग्रीष्मकालीन अवकाश अब खत्म होने वाला है और एक जुलाई से विद्यार्थी स्कूल पहुंचेंगे। इसके मद्देनजर शिक्षा विभाग ने जिला के 90 स्कूलों के 139 कमरों को तुड़वाने के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा है। इन कमरों की जगह नए कमरे बनाए जाएंगे और अब पीडब्ल्यूडी इन कमरों को तोड़ने पर आने वाली लागत का आकलन कर फाइल शिक्षा विभाग के पास भेजेगा। उसके बाद ऑक्सन प्रक्रिया शुरू होगी और फिर अनुमानित लागत का प्रारूप तैयार कर बजट के लिए फाइल मुख्यालय भेजी जाएगी। कमरे कंडम होने के चलते इन स्कूलों के विद्यार्थियों के अलावा शिक्षकों को भी परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। नए कमरों का निर्माण होने से एक पांच हजार से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
राजकीय स्कूलों में कंडम कमरों, छत व चाहरदीवारी आदि की लंबे समय से हालत खराब बनी हुई है। इन स्कूलों के भवन बारिश, सर्दी व गर्मी का मौसम झेलने की स्थिति में नहीं हैं। जिले में 365 प्राइमरी, मिडल, हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। सीएम की विकास रैली में भी जर्जर कमरों के लिए बजट की घोषणा होने की उम्मीद है।
जिले के अधिकतर सरकारी स्कूल 45 से 50 वर्ष पुराने हैं। अब इन स्कूलों के भवन जवाब दे चुके हैं। किसी स्कूल में कमरों की छत कंडम हो चुकी है तो कहीं कमरों की दीवारों में दरारें बनी हुई हैं। कई स्कूलों में चाहरदीवारी टूटी पड़ी हैं। चाहरदीवारी नहीं होने से स्कूल परिसरों में लगे पौधों को बेसहारा पशु नष्ट कर देते हैं। कई ऐसे भी स्कूल हैं, जिनका लेवल काफी नीचा होने की वजह से जलभराव की समस्या बन जाती है, जिससे कई दिनों तक स्कूल बंद करने पड़ते हैं। विद्यार्थियों की इससे पढ़ाई प्रभावित होती है। अब बारिश सीजन भी शुरू होने जा रहा है और इसे देखते हुए शिक्षा विभाग की योजना है कि पुराने कमरों को तोड़कर जल्द से जल्द नए का निर्माण करवाया जाए।
विज्ञापन
जानिए किस स्कूल के कितने कमरे हैं कंडम
राजकीय स्कूल प्राइमरी स्कूल रामनगर में तीन कमरे कंडम घोषित कर रखे हैं। इसी प्रकार राजकीय मिडल स्कूल गोठड़ा में तीन कमरे, मिडल स्कूल मकड़ाना में छह, राजकीय प्राइमरी स्कूल मकड़ानी में पांच, राजकीय प्राइमरी स्कूल संतोखपुरा में तीन, नगर स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सात, राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल छपार में चार, प्राइमरी स्कूल सारंगपुर में तीन, प्राइमरी स्कूल तिवाला में छह, प्राइमरी स्कूल खेड़ी बूरा में छह, राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल चरखी दादरी में आठ, राजकीय प्राइमरी स्कूल मंदोला में दो कमरे, आदमपुर डाढ़ी स्कूल में एक कमरा, प्राइमरी स्कूल खोरड़ा में तीन कमरे, डूडीवाला-किशनपुरा में एक कमरा, प्राइमरी स्कूल पंचगांव में दो, मिडल स्कूल ऊण में तीन, डोहका मौजी में आठ, प्राइमरी स्कूल हुई में दो कमरे, मिडल स्कूल हुई में दो कमरे कंडम घोषित कर रखे हैं। इसी प्रकार मिडल स्कूल जगरामबास में तीन, उच्च विद्यालय लाड में दो, प्राइमरी स्कूल सिरसली में तीन कमरे, सीनियर सेकेंडरी स्कूल कारी आदू में तीन, प्राइमरी स्कूल हंसावास कलां में तीन, डोहका हरिया स्कूल दो कमरे, काकड़ोली सरदाना में तीन, काकड़ोली हट्ठी में एक कमरा, प्राइमरी स्कूल नीमड़ बडेसरा में तीन, काकड़ोली हुक्मी स्कूल में तीन, प्राइमरी स्कूल नांधा में चार, प्राइमरी स्कूल रामलवास में दो, मिडल स्कूल जेवली में एक, प्राइमरी स्कूल जेवली में पांच, नौरंगाबास जाटान में दो, बीजणा स्कूल में दो कमरों की छत कंडम घोषित कर रखी है। राजकीय स्कूल कलियाणा में आठ कमरे व कांहड़ा में दो कमरे कंडम घोषित कर रखे हैं।
इन स्कूलों में पूरा भवन हो चुके कंडम
गोपालवास व डांडमा स्कूलों का पूरा भवन कंडम घोषित हो चुका है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गोपालवास व मिडल स्कूल डांडमा का भी पूरा भवन कंडम घोषित है। ढाणी गुजरान स्कूल की छत कंडम घोषित की गई है। वहीं, राजकीय उच्च विद्यालय डालावास में पूरे भवन को कंडम घोषित कर रखा है।
कमरे तुड़वाने के लिए हमने पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा है। अब पीडब्ल्यूडी कमरों को तुड़वाने पर आने वाली लागत का आकलन करेगा उसके बाद ऑक्सन प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
- कुलदीप सिंह, जिला शिक्षा परियोजना अधिकारी।
विज्ञापन
राजकीय स्कूलों में कंडम कमरों, छत व चाहरदीवारी आदि की लंबे समय से हालत खराब बनी हुई है। इन स्कूलों के भवन बारिश, सर्दी व गर्मी का मौसम झेलने की स्थिति में नहीं हैं। जिले में 365 प्राइमरी, मिडल, हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। सीएम की विकास रैली में भी जर्जर कमरों के लिए बजट की घोषणा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
जिले के अधिकतर सरकारी स्कूल 45 से 50 वर्ष पुराने हैं। अब इन स्कूलों के भवन जवाब दे चुके हैं। किसी स्कूल में कमरों की छत कंडम हो चुकी है तो कहीं कमरों की दीवारों में दरारें बनी हुई हैं। कई स्कूलों में चाहरदीवारी टूटी पड़ी हैं। चाहरदीवारी नहीं होने से स्कूल परिसरों में लगे पौधों को बेसहारा पशु नष्ट कर देते हैं। कई ऐसे भी स्कूल हैं, जिनका लेवल काफी नीचा होने की वजह से जलभराव की समस्या बन जाती है, जिससे कई दिनों तक स्कूल बंद करने पड़ते हैं। विद्यार्थियों की इससे पढ़ाई प्रभावित होती है। अब बारिश सीजन भी शुरू होने जा रहा है और इसे देखते हुए शिक्षा विभाग की योजना है कि पुराने कमरों को तोड़कर जल्द से जल्द नए का निर्माण करवाया जाए।
विज्ञापन
जानिए किस स्कूल के कितने कमरे हैं कंडम
राजकीय स्कूल प्राइमरी स्कूल रामनगर में तीन कमरे कंडम घोषित कर रखे हैं। इसी प्रकार राजकीय मिडल स्कूल गोठड़ा में तीन कमरे, मिडल स्कूल मकड़ाना में छह, राजकीय प्राइमरी स्कूल मकड़ानी में पांच, राजकीय प्राइमरी स्कूल संतोखपुरा में तीन, नगर स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सात, राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल छपार में चार, प्राइमरी स्कूल सारंगपुर में तीन, प्राइमरी स्कूल तिवाला में छह, प्राइमरी स्कूल खेड़ी बूरा में छह, राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल चरखी दादरी में आठ, राजकीय प्राइमरी स्कूल मंदोला में दो कमरे, आदमपुर डाढ़ी स्कूल में एक कमरा, प्राइमरी स्कूल खोरड़ा में तीन कमरे, डूडीवाला-किशनपुरा में एक कमरा, प्राइमरी स्कूल पंचगांव में दो, मिडल स्कूल ऊण में तीन, डोहका मौजी में आठ, प्राइमरी स्कूल हुई में दो कमरे, मिडल स्कूल हुई में दो कमरे कंडम घोषित कर रखे हैं। इसी प्रकार मिडल स्कूल जगरामबास में तीन, उच्च विद्यालय लाड में दो, प्राइमरी स्कूल सिरसली में तीन कमरे, सीनियर सेकेंडरी स्कूल कारी आदू में तीन, प्राइमरी स्कूल हंसावास कलां में तीन, डोहका हरिया स्कूल दो कमरे, काकड़ोली सरदाना में तीन, काकड़ोली हट्ठी में एक कमरा, प्राइमरी स्कूल नीमड़ बडेसरा में तीन, काकड़ोली हुक्मी स्कूल में तीन, प्राइमरी स्कूल नांधा में चार, प्राइमरी स्कूल रामलवास में दो, मिडल स्कूल जेवली में एक, प्राइमरी स्कूल जेवली में पांच, नौरंगाबास जाटान में दो, बीजणा स्कूल में दो कमरों की छत कंडम घोषित कर रखी है। राजकीय स्कूल कलियाणा में आठ कमरे व कांहड़ा में दो कमरे कंडम घोषित कर रखे हैं।
इन स्कूलों में पूरा भवन हो चुके कंडम
गोपालवास व डांडमा स्कूलों का पूरा भवन कंडम घोषित हो चुका है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गोपालवास व मिडल स्कूल डांडमा का भी पूरा भवन कंडम घोषित है। ढाणी गुजरान स्कूल की छत कंडम घोषित की गई है। वहीं, राजकीय उच्च विद्यालय डालावास में पूरे भवन को कंडम घोषित कर रखा है।
कमरे तुड़वाने के लिए हमने पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा है। अब पीडब्ल्यूडी कमरों को तुड़वाने पर आने वाली लागत का आकलन करेगा उसके बाद ऑक्सन प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
- कुलदीप सिंह, जिला शिक्षा परियोजना अधिकारी।