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Charkhi Dadri News: रोहतक चौक से लेकर चंपापुरी जलघर तक 125 अवैध कनेक्शन, पाइपलाइन भी दे चुकी जवाब
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चरखी दादरी। शहर में 45 साल पुरानी पेयजल लाइनें कंडम हो चुकी हैं जबकि इनमें अवैध कनेक्शनों की भी भरमार है। इसका खामियाजा नियमित पेयजल उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। परशुराम चौक से चंपापुरी जलघर तक मुख्य लाइन में 125 अवैध कनेक्शन मिले हैं। विभाग की ओर से इन कनेक्शनों को काटा जाएगा। दूसरी ओर जर्जर लाइनें बदलने की योजना ठंडे बस्ते में पड़ी है।
दरअसल, जर्जर लाइनों के जरिये सीवर युक्त पानी की सप्लाई घरों में पहुंच रही हैं। इस समय पांच हजार से अधिक लोग दूषित और लो-प्रेशर आपूर्ति से परेशान हैं। सरकार के दावों के बावजूद लोगों को पीने का शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। पुरानी लाइनें होने की वजह से इनको ठीक करना भी मुश्किल है। इन पाइप लाइनों की मियाद भी पूरी हो चुकी है। ऐसे में इन लाइनों को बदलना ही विकल्प बचा है। चंपापुरी जलघर से परशुराम चौक तक की मुख्य लाइन अवैध कनेक्शनों के चलते कई जगह से लीक है। इसके चलते अंतिम छोर तक पानी का प्रेशर नहीं बन पाता और 55 प्रतिशत पानी ही अंतिम छोर तक पहुंच पाता है।
बता दें कि शहर में करीब 45 साल पुरानी पेयजल लाइनें हैं। इन लाइनों की मियाद यानि समयावधि भी पूरी हो चुकी है। इससे शहर में पानी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। शहर में पेयजल की गुणवत्ता भी लंबे समय से नहीं है। जिस समय शहर का जलघर बना था उस समय ये मुख्य लाइनें बिछाई गई थी। ये मेन लाइनें अब जवाब दे चुकी हैं। इनके साथ ही सीवर की लाइनें भी बिछ हुई हैं। लंबा समय होने से वे भी जर्जर हो चुकी हैं। जिसके चलते लाइन लीक होने के चलते सीवर का दूषित पानी पेयजल लाइनों में मिक्स होकर घरों में पहुंच रहा है।
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- इन क्षेत्रों में डैमेज हैं पेयजल लाइनें
मेन जलघर से रोहतक रोड होते हुए परशुराम चौक, तिकोना पार्क लाइन, चंपापुरी से गांधी नगर कॉलोनी, ढाणी ओवरब्रिज, लोहारू रोड, गोशाला रोड, घिकाड़ा रोड आदि क्षेत्रों में लाइनें डैमेज हो चुकी हैं।
- 22 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बदलने की फाइल मुख्यालय अटकी
जनस्वास्थ्य विभाग ने सीएम घोषणा के तहत 22 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइनें बदलने का प्रपोजल बजट के लिए मुख्य ऑफिस भेज रयी है। अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिली है। शहर के लिए अगले 50 वर्षों के लिए पेयजल प्लान तैयार करने की जरूरत है। लोग आए दिन विभाग को दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायतें कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी सप्लाई का सीधे रूप में सेवन नहीं किया जा सकता। इसे आरओ में फिल्टर कर पीना पड़ता है।
पेयजल लाइनों के अवैध कनेक्शन कटवाए जा रहे हैं। कंडम पेयजल लाइनों को जल्द ही बदल दिया जाएगा और जून तक इस पर काम शुरू करने की योजना है। पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए विभाग प्रयासरत है।
-जगदीशचंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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दरअसल, जर्जर लाइनों के जरिये सीवर युक्त पानी की सप्लाई घरों में पहुंच रही हैं। इस समय पांच हजार से अधिक लोग दूषित और लो-प्रेशर आपूर्ति से परेशान हैं। सरकार के दावों के बावजूद लोगों को पीने का शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। पुरानी लाइनें होने की वजह से इनको ठीक करना भी मुश्किल है। इन पाइप लाइनों की मियाद भी पूरी हो चुकी है। ऐसे में इन लाइनों को बदलना ही विकल्प बचा है। चंपापुरी जलघर से परशुराम चौक तक की मुख्य लाइन अवैध कनेक्शनों के चलते कई जगह से लीक है। इसके चलते अंतिम छोर तक पानी का प्रेशर नहीं बन पाता और 55 प्रतिशत पानी ही अंतिम छोर तक पहुंच पाता है।
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बता दें कि शहर में करीब 45 साल पुरानी पेयजल लाइनें हैं। इन लाइनों की मियाद यानि समयावधि भी पूरी हो चुकी है। इससे शहर में पानी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। शहर में पेयजल की गुणवत्ता भी लंबे समय से नहीं है। जिस समय शहर का जलघर बना था उस समय ये मुख्य लाइनें बिछाई गई थी। ये मेन लाइनें अब जवाब दे चुकी हैं। इनके साथ ही सीवर की लाइनें भी बिछ हुई हैं। लंबा समय होने से वे भी जर्जर हो चुकी हैं। जिसके चलते लाइन लीक होने के चलते सीवर का दूषित पानी पेयजल लाइनों में मिक्स होकर घरों में पहुंच रहा है।
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- इन क्षेत्रों में डैमेज हैं पेयजल लाइनें
मेन जलघर से रोहतक रोड होते हुए परशुराम चौक, तिकोना पार्क लाइन, चंपापुरी से गांधी नगर कॉलोनी, ढाणी ओवरब्रिज, लोहारू रोड, गोशाला रोड, घिकाड़ा रोड आदि क्षेत्रों में लाइनें डैमेज हो चुकी हैं।
- 22 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बदलने की फाइल मुख्यालय अटकी
जनस्वास्थ्य विभाग ने सीएम घोषणा के तहत 22 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइनें बदलने का प्रपोजल बजट के लिए मुख्य ऑफिस भेज रयी है। अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिली है। शहर के लिए अगले 50 वर्षों के लिए पेयजल प्लान तैयार करने की जरूरत है। लोग आए दिन विभाग को दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायतें कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी सप्लाई का सीधे रूप में सेवन नहीं किया जा सकता। इसे आरओ में फिल्टर कर पीना पड़ता है।
पेयजल लाइनों के अवैध कनेक्शन कटवाए जा रहे हैं। कंडम पेयजल लाइनों को जल्द ही बदल दिया जाएगा और जून तक इस पर काम शुरू करने की योजना है। पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए विभाग प्रयासरत है।
-जगदीशचंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग