फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   1.34 crores deposited in the accounts of allowances, yet the students went to school without shoes and sweaters

खातों में भत्ते के 1.34 करोड़ डाले, फिर भी बिना जूतों और स्वेटर स्कूल चले विद्यार्थी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 17 Nov 2021 12:00 AM IST
विज्ञापन
1.34 crores deposited in the accounts of allowances, yet the students went to school without shoes and sweaters
बिना स्वेटर और जूते पहने गुजरते राजकीय स्कूल के विद्यार्थी। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। राजकीय स्कूलों के आठवीं तक के बच्चों को स्वेटर और जूते खरीदने के लिए भत्ता राशि उनके खाते में डाली दी गई है। जिले में पहले से आठवीं के 274975 में से 25645 विद्यार्थियों के बैंक खातों में यह राशि भेज दी गई है, लेकिन फिर भी विद्यार्थी बिना जूतों और स्वेटर के स्कूल में पहुंचे रहे हैं, क्योंकि अभिभावक इस राशि का इस्तेमाल अन्य कार्य में कर लेते हैं। फिलहाल जिले में मात्र पांच प्रतिशत विद्यार्थियों के खाते में यह राशि नहीं डाली गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार ये वे केस हैं जिनके बैंक या अन्य ब्योरा में कोई खामियां हैं।
विज्ञापन

जिले में 210 प्राइमरी और 48 मिडिल स्कूल हैं, जिनमें साढ़े 27 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सरकार की ओर से इन विद्यार्थियों के खातों में सर्दियों की भत्ता राशि डालने के लिए एक करोड़ 42 लाख रुपये की ग्रांट जारी की गई थी, जिसमें से करीब एक करोड़ 34 लाख रुपये खातों में डाली जा चुकी है। जिला में कक्षा पांचवीं तक छात्र संख्या 17040 है जबकि मिडिल स्कूलों में छात्र संख्या 10455 है। प्राइमरी तक 400 और इससे ऊपर मिडिल कक्षा तक 800 रुपये की राशि बैंक खातों में भेजी जाती है। इसके लिए प्रत्येक छात्र का जीरो बैलेंस पर बैंक खाता खुलवाया जाता है। हैड ऑफिस से सीधे राशि छात्र के बैंक खाते में डाली जाती है। मौजूदा शिक्षा सत्र की यह राशि 95 प्रतिशत से अधिक छात्रों के बैंक खातों में पहुंच चुकी है। जिन छात्रों को राशि नहीं मिली है उनके आधार कार्ड, बैंक खाता नंबर या अन्य कागजी प्रक्रिया में खामियां हैं, जिनको शिक्षकों द्वारा दुरुस्त करवाया जा रहा है। संवाद
विज्ञापन

शिक्षकों की अपील भी नजरअंदाज
सर्दी ने दस्तक दे रखी है और भत्ता राशि आने के बाद भी अभिभावक बच्चों को स्वेटर और जूते खरीदकर नहीं दे रहे। संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि खातों में राशि पहुंचने के बाद अभिभावक इसे निकालकर अन्य सामान खरीदने के लिए इस्तेमाल कर चुके हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ शिक्षकों ने बताया कि पैसे छात्रों के बैंक खातों आने के बाद भी अभिभावक स्वेटर व जूते आदि खरीदकर नहीं दे रहे हैं, जबकि वे फोन पर भी ऐसे अभिभावकों से अपील कर चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

अभिभावकों ने की भत्ता राशि बढ़ाने की मांग
अभिभावक दलबीर, निरंजन, राजेश, सुनील, हजारी, रमन, स्वर्ण, दिलावर व रमेश का कहना है कि सरकार नाममात्र भत्ता राशि ही खातों में डाल रही है। उनका कहना है कि 400 और 700 रुपये में वर्दी, जूते- जुराब और स्वेटर की खरीद नहीं हो सकती। सरकार को भत्ता राशि बढ़ानी चाहिए।

वर्जन :::: तकरीबन सभी छात्रों के बैंक खातों में राशि पहुंच चुकी है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों के लिए गर्म वस्त्र खरीदें, ताकि उन्हें सर्दी से बचाया जा सके। इसमें किसी भी प्रकार के सहयोग के लिए शिक्षक व विभाग अधिकारी तत्पर हैं।
जलधीर कलकल, बीईओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed