{"_id":"6948b8a94222aa96aa06548b","slug":"winter-session-of-haryana-assembly-nayab-saini-2025-12-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana Assembly: कांग्रेस का वाॅकआउट, विधायक इंदु राज नरवाल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव स्वीकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana Assembly: कांग्रेस का वाॅकआउट, विधायक इंदु राज नरवाल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव स्वीकार
Mon, 22 Dec 2025 12:47 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 22 Dec 2025 12:47 PM IST
सार
सत्र में सबसे अहम मुद्दा लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग द्वारा वर्ष 2014 से 2024-25 के बीच आयोजित परीक्षाओं में पेपर लीक और रद्द की गई भर्तियों से जुड़ा है। डबवाली से विधायक अदित्य देवीलाल ने मुख्यमंत्री से स्पष्ट जानकारी मांगी है।
विज्ञापन
सदन में बोलते सीएम नायब सैनी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन की शुरुआत प्रश्न काल से हुई। प्रश्न काल के दौरान जल भराव व स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित सवाल पूछे गए।
विज्ञापन
वहीं कॉलिंग अटेंशन व शॉर्ट डिस्कशन स्वीकार नहीं किए जाने पर कांग्रेस ने वाकआउट कर दिया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है इसके बावजूद कोई काॅलिंग अटेंशन, शार्ट डिस्कशन स्वीकार नहीं किया गया। स्पीकर ने कहा कि आपका अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार किया गया था, उसमें सभी मुद्दे शामिल किए गए थे। इसलिए विपक्ष का कॉलिंग अटेंशन व शॉर्ट डिस्कशन स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद कांग्रेस के विधायक सदन से वाकआउट कर गए।
विज्ञापन
विधायक शक्ति रानी शर्मा द्वारा कांग्रेस विधायक इंदु राज नरवाल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव रखा गया, जिसको स्पीकर की अनुमति से संबंधित कमेटी को भेजा गया।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन को बताया कि 2014 से पहले हर साल केवल 700 एमबीबीएस डॉक्टर और 4 स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिलते थे। हमारी सरकार में अब 2500 एमबीबीएस डॉक्टर और 200 के करीब स्पेशलिस्ट डॉक्टर हर साल मिलते हैं। पहले के वक्त में ये कभी विचार नहीं किया गया कि कैसे स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर की जा सकती हैं। हमारी सरकार के वक्त में 30 बेड के अस्पताल को 50 बेड, 50 बेड के अस्पताल को 100 बेड, 100 बेड के अस्पताल को 200 और 200 बेड के अस्पताल को 400 बेड तक अपग्रेड किया है। हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया जारी है। हर जिले में एक अस्पताल ऐसा विकसित किया जा रहा है, जहां सभी प्रकार की सुविधाएं हो। अस्पताल में इलाज के साथ-साथ स्वच्छता का ध्यान रखा जा रहा है।