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Chandigarh-Haryana News: आधार प्रमाणीकरण से होगा सत्यापन, आवेदन के साथ होगा ई-केवाईसी
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हरियाणा राज्य फाॅर्मेसी परिषद में ड्रग लाइसेंस के लिए चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति
परिषद् की ओर से नया साॅफ्टवेयर भी हो रहा तैयार, फाइल स्टेट्स की भी मिलेगी जानकारी
चंडीगढ़। हरियाणा राज्य फाॅर्मेसी परिषद से ड्रग लाइसेंस बनवाने और रिन्यूअल जैसे कार्यों को कराने के लिए अब आवेदकों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। आवेदकों को राहत दिलाने के लिए परिषद बड़ी कार्ययोजना पर काम कर रही है। इसके तहत जल्द ही आवेदन का सत्यापन आधार नंबर से होगा। आवेदन के साथ आवेदकों को बताना होगा कि उनका ई-केवाईसी (नो योर कस्टमर) है कि नहीं। यदि ई-केवाईसी नहीं है तो उन्हें आवेदन के साथ यह कार्रवाई भी करनी होगी। ऐसे में आवेदकों को अब चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
हरियाणा राज्य फाॅर्मेसी परिषद आवेदकों के कार्यों को आसानी से कराने के लिए नए सिरे से साॅफ्टवेयर तैयार करा रही है। इस साॅफ्टवेयर पर आवेदकों को जानकारी मिलती रहेंगी कि उनकी फाइल कहां और किस अधिकारी व कर्मचारी के पास है। परिषद में प्रतिमाह करीब 1000 तक आवेदन आते हैं। अभी तक ऑनलाइन आवेदन के बाद सत्यापन का कार्य कराने के लिए मुख्यालय आना होता है। कोई तकनीकी खामी या फिर अधूरे दस्तावेज होने की स्थिति में कई बार मुख्यालय आना होता था।
लेकिन अब अगले 8 से 10 दिनों में नए साॅफ्टवेयर के संचालन की योजना है। इसके बाद आधार से ऑथेंटिकेशन और ई-केवाईसी पर कार्य होगा। पीसीआई (फाॅर्मेसी काउंसिलिंग ऑफ इंडिया) से पंजीकृत काॅलेज से पढ़ाई करने वाले आवेदन कर सकते हैं। हरियाणा राज्य फाॅर्मेसी परिषद के सदस्य सोहनलाल ने बताया कि उपचार के नाम से होम्योपैथी, फाॅर्मेसी और दूसरी सभी परिषदों का एक साॅफ्टवेयर तैयार हो रहा है। इसका लाभ यह होगा कि लोग जिस सेवा को चुनना चाहें उसी पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
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परिषद् की ओर से नया साॅफ्टवेयर भी हो रहा तैयार, फाइल स्टेट्स की भी मिलेगी जानकारी
चंडीगढ़। हरियाणा राज्य फाॅर्मेसी परिषद से ड्रग लाइसेंस बनवाने और रिन्यूअल जैसे कार्यों को कराने के लिए अब आवेदकों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। आवेदकों को राहत दिलाने के लिए परिषद बड़ी कार्ययोजना पर काम कर रही है। इसके तहत जल्द ही आवेदन का सत्यापन आधार नंबर से होगा। आवेदन के साथ आवेदकों को बताना होगा कि उनका ई-केवाईसी (नो योर कस्टमर) है कि नहीं। यदि ई-केवाईसी नहीं है तो उन्हें आवेदन के साथ यह कार्रवाई भी करनी होगी। ऐसे में आवेदकों को अब चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
हरियाणा राज्य फाॅर्मेसी परिषद आवेदकों के कार्यों को आसानी से कराने के लिए नए सिरे से साॅफ्टवेयर तैयार करा रही है। इस साॅफ्टवेयर पर आवेदकों को जानकारी मिलती रहेंगी कि उनकी फाइल कहां और किस अधिकारी व कर्मचारी के पास है। परिषद में प्रतिमाह करीब 1000 तक आवेदन आते हैं। अभी तक ऑनलाइन आवेदन के बाद सत्यापन का कार्य कराने के लिए मुख्यालय आना होता है। कोई तकनीकी खामी या फिर अधूरे दस्तावेज होने की स्थिति में कई बार मुख्यालय आना होता था।
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लेकिन अब अगले 8 से 10 दिनों में नए साॅफ्टवेयर के संचालन की योजना है। इसके बाद आधार से ऑथेंटिकेशन और ई-केवाईसी पर कार्य होगा। पीसीआई (फाॅर्मेसी काउंसिलिंग ऑफ इंडिया) से पंजीकृत काॅलेज से पढ़ाई करने वाले आवेदन कर सकते हैं। हरियाणा राज्य फाॅर्मेसी परिषद के सदस्य सोहनलाल ने बताया कि उपचार के नाम से होम्योपैथी, फाॅर्मेसी और दूसरी सभी परिषदों का एक साॅफ्टवेयर तैयार हो रहा है। इसका लाभ यह होगा कि लोग जिस सेवा को चुनना चाहें उसी पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
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