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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   This is the English principle that the king cannot make a mistake: High Court, Court News, Haryana News

राजा से गलती नहीं हो सकती यह अंग्रेजी सिद्धांत : हाईकोर्ट

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कहा, लापरवाही से वाहन चलाना संप्रभु कार्य नहीं हो सकता, दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा दें
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-सेना के वाहन से दुर्घटना पर केंद्र को हाईकोर्ट ने नहीं माना संप्रभु प्रतिरक्षा का पात्र
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक सड़क पर सेना के जवान द्वारा लापरवाही से वाहन चलाने के मामलों में भारत सरकार संप्रभु प्रतिरक्षा का दावा नहीं कर सकती। कोर्ट ने चालक को लापरवाह मानने के बावजूद पीड़ितोंं को मुआवजा न देने के मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के फैसले को संविधान के खिलाफ मानते हुए खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा, राजा से गलती नहीं हो सकती यह अंग्रेजी सिद्धांत, आधुनिक भारतीय संविधान पर यांत्रित रूप से लागू नहीं कर सकते हैं।


कोर्ट ने कहा कि संप्रभु प्रतिरक्षा कोई पूर्ण अधिकार नहीं है, यह केवल उन्हीं अत्यंत सीमित कार्यों पर लागू होती है जो राज्य की मूल संप्रभु शक्तियों से सीधे तौर पर जुड़े हों। इसे सरकारी कर्मचारियों के रोजमर्रा के प्रशासनिक, परिचालन या वाहन चलाने जैसे कार्यों को न्यायिक जांच या नागरिक दायित्व से बचाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। राज्य जब भी अपनी शक्तियों का प्रयोग करता है, वह संविधान और जनता की इच्छा के अनुरूप कार्य करने के लिए बाध्य है। राज्य स्वयं को ऐसी सर्वोच्च सत्ता नहीं मान सकता जो नागरिकों के मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रताओं से ऊपर हो।
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16 अगस्त 1996 को कुरुक्षेत्र के खानपुर कोलियां गांव के पास जीटी रोड पर एक सैन्य ट्रक ने बस को ओवरटेक करते समय लापरवाही से वाहन चलाते हुए मारुति कार को टक्कर मार दी थी। इससे कार में सवार पांच लोगों को चोटें आई थीं। हाईकोर्ट ने चार घायल नागरिकों को मुआवजा देते हुए मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल कुरुक्षेत्र के वर्ष 2001 के फैसले को पलट दिया। ट्रिब्यूनल ने सेना के चालक को लापरवाह मानने के बावजूद यह कहते हुए मुआवजा देने से इनकार कर दिया था कि वह संप्रभु कार्य कर रहा था जिससे भारत संघ को जिम्मेदारी से मुक्त माना गया। हाईकोर्ट ने ट्रिब्यूनल के इस निष्कर्ष को कानून की दृष्टि से पूरी तरह अस्थिर करार देते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़क पर लापरवाही से वाहन चलाना किसी भी सूरत में संप्रभु कार्य नहीं हो सकता।
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