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Chandigarh-Haryana News: शिक्षकों को छात्रों के निपुण मूल्यांकन की समीक्षा करनी होगी
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साक्षरता को मजबूत बनाने के लिए शिक्षा निदेशालय ने उठाया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेशभर के प्राथमिक विद्यालयों में साक्षरता और संख्यात्मक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब हर कक्षा शिक्षक को अपने छात्रों के निपुण मूल्यांकन परिणामों की समीक्षा कर लिखित अंडरटेकिंग देनी होगी। इस योजना के अनुसार कक्षा शिक्षक को यह वचन देना होगा कि उन्होंने छात्र-वार परिणाम देखे हैं और बच्चों की सीखने की कमजोरियों की पहचान कर उन्हें सुधारने के लिए नियमित फॉलो-अप और अकादमिक सपोर्ट देंगे। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि शैक्षणिक वर्ष के अंत तक हर बच्चा पढ़ाई और गणित की बुनियादी समझ में निपुण बने। यह पहल हरियाणा को शिक्षा सुधार में राष्ट्रीय मॉडल बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। इससे प्रत्येक बच्चे को व्यक्तिगत ध्यान मिलेगा। शिक्षा की नींव मजबूत बनेगी और हर बच्चा बुनियादी स्तर पर निपुण होगा। वहीं, सरकार को प्रगति की निगरानी आसान होगी। साथ ही शिक्षकों की जिम्मेदारी तय होगी। इसके तहत शिक्षकों को छात्र-वार निपुण मूल्यांकन परिणामों की समीक्षा करना, बच्चों की कमजोरियों को पहचानकर व्यक्तिगत सहयोग देना, नियमित फॉलो-अप और अकादमिक सपोर्ट सुनिश्चित करने के साथ हर बच्चे को अगले स्तर तक प्रगति दिलाना। सत्र के अंत तक पूरी कक्षा को निपुण बनाने की जिम्मेदारी होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेशभर के प्राथमिक विद्यालयों में साक्षरता और संख्यात्मक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब हर कक्षा शिक्षक को अपने छात्रों के निपुण मूल्यांकन परिणामों की समीक्षा कर लिखित अंडरटेकिंग देनी होगी। इस योजना के अनुसार कक्षा शिक्षक को यह वचन देना होगा कि उन्होंने छात्र-वार परिणाम देखे हैं और बच्चों की सीखने की कमजोरियों की पहचान कर उन्हें सुधारने के लिए नियमित फॉलो-अप और अकादमिक सपोर्ट देंगे। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि शैक्षणिक वर्ष के अंत तक हर बच्चा पढ़ाई और गणित की बुनियादी समझ में निपुण बने। यह पहल हरियाणा को शिक्षा सुधार में राष्ट्रीय मॉडल बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। इससे प्रत्येक बच्चे को व्यक्तिगत ध्यान मिलेगा। शिक्षा की नींव मजबूत बनेगी और हर बच्चा बुनियादी स्तर पर निपुण होगा। वहीं, सरकार को प्रगति की निगरानी आसान होगी। साथ ही शिक्षकों की जिम्मेदारी तय होगी। इसके तहत शिक्षकों को छात्र-वार निपुण मूल्यांकन परिणामों की समीक्षा करना, बच्चों की कमजोरियों को पहचानकर व्यक्तिगत सहयोग देना, नियमित फॉलो-अप और अकादमिक सपोर्ट सुनिश्चित करने के साथ हर बच्चे को अगले स्तर तक प्रगति दिलाना। सत्र के अंत तक पूरी कक्षा को निपुण बनाने की जिम्मेदारी होगी।