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भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट से जूझ रहा प्रदेश : हुड्डा
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पूर्व मुख्यमंत्री ने बिजली कटौती व तीस्ता बिजली समझाैते को लेकर उठाए सवाल
कहा, बिना बिजली लिए 1345 करोड़ रुपये लुटा दिए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश सरकार पर बिजली व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच पूरा प्रदेश बिजली संकट का सामना कर रहा है जबकि सरकार बिना बिजली खरीदे ही करोड़ों रुपये लुटा रही है।
हुड्डा ने कहा कि राज्य के 17 जिलों से मिल रही रिपोर्ट के अनुसार शहरों और गांवों में रोजाना 3 से 14 घंटे तक अघोषित बिजली कट लग रहे हैं। कई जगह ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर जल रहे हैं। बिजली की केबल में आग और फ्यूज उड़ने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। जगमग योजना के बावजूद गांवों में केवल 10 से 12 घंटे बिजली मिल पा रही है जिससे पेयजल और सिंचाई की समस्या भी बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय हरियाणा को पावर सरप्लस राज्य बनाया गया था और उस दौरान चार पावर प्लांट तथा एक न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित किए गए थे। जबकि मौजूदा सरकार अपने कार्यकाल में एक भी यूनिट बिजली उत्पादन नहीं बढ़ा सकी है। हुड्डा ने सिक्किम की तीस्ता ऊर्जा लिमिटेड को लेकर भी सवाल उठाते कहा कि सरकार ने 200 मेगावाट बिजली समझौते के तहत बिना एक भी यूनिट बिजली लिए 1345 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। उन्होंने पूछा कि इस भुगतान के लिए मुख्यमंत्री, कैबिनेट और बिजली मंत्री की मंजूरी क्यों नहीं ली गई और सरकार सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं गई?
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कहा, बिना बिजली लिए 1345 करोड़ रुपये लुटा दिए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश सरकार पर बिजली व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच पूरा प्रदेश बिजली संकट का सामना कर रहा है जबकि सरकार बिना बिजली खरीदे ही करोड़ों रुपये लुटा रही है।
हुड्डा ने कहा कि राज्य के 17 जिलों से मिल रही रिपोर्ट के अनुसार शहरों और गांवों में रोजाना 3 से 14 घंटे तक अघोषित बिजली कट लग रहे हैं। कई जगह ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर जल रहे हैं। बिजली की केबल में आग और फ्यूज उड़ने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। जगमग योजना के बावजूद गांवों में केवल 10 से 12 घंटे बिजली मिल पा रही है जिससे पेयजल और सिंचाई की समस्या भी बढ़ गई है।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय हरियाणा को पावर सरप्लस राज्य बनाया गया था और उस दौरान चार पावर प्लांट तथा एक न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित किए गए थे। जबकि मौजूदा सरकार अपने कार्यकाल में एक भी यूनिट बिजली उत्पादन नहीं बढ़ा सकी है। हुड्डा ने सिक्किम की तीस्ता ऊर्जा लिमिटेड को लेकर भी सवाल उठाते कहा कि सरकार ने 200 मेगावाट बिजली समझौते के तहत बिना एक भी यूनिट बिजली लिए 1345 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। उन्होंने पूछा कि इस भुगतान के लिए मुख्यमंत्री, कैबिनेट और बिजली मंत्री की मंजूरी क्यों नहीं ली गई और सरकार सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं गई?
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