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Chandigarh-Haryana News: जांच के लिए रोहतक पहुंची एसआईटी की टीम
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी की टीम जांच के लिए रोहतक पहुंच गई है। टीम रोहतक थाने में दर्ज एफआईआर को लेकर जांच कर रही है। एसआईटी चीफ पुष्पेंद्र कुमार ने हरियाणा पुलिस से जेल में बंद एडीजीपी के गनमैन के खिलाफ दर्ज एफआईआर का पूरा रिकॉर्ड मांग लिया है। बताया जा रहा है कि टीम शनिवार रात को ही रोहतक पहुंच गई थी। टीम वहां अलग9अलग लोगों से पूछताछ कर सकती है। किस आधार पर एफआईआर और गनमैन को गिरफ्तार किया गया ये जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को लिखा पत्र
जांच अधिकारी डीएसपी चरणजीत सिंह विर्क ने रविवार को एडीजीपी के परिजनों को पत्र लिखकर पोस्टमार्टम करवाने की अपील की। सूत्रों के मुताबिक पत्र में स्पष्ट किया गया कि निष्पक्ष जांच के लिए पोस्टमार्टम होना जरूरी है। इसके लिए पुलिस ने परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए शव की पहचान करने के लिए लिखा है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस पत्र में यह भी लिखा है कि देरी से पोस्टमार्टम होने पर कई अहम सबूत प्रभावित हो सकते हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर मौत के असली कारणों का खुलासा होगा और जांच आगे बढ़ाई जाएगी। बता दें कि अमर उजाला ने रविवार को शव डीकंपोज होने से कई अहम सबूत प्रभावित हो सकते हैं, शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को यह पत्र भेजा।
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी की टीम जांच के लिए रोहतक पहुंच गई है। टीम रोहतक थाने में दर्ज एफआईआर को लेकर जांच कर रही है। एसआईटी चीफ पुष्पेंद्र कुमार ने हरियाणा पुलिस से जेल में बंद एडीजीपी के गनमैन के खिलाफ दर्ज एफआईआर का पूरा रिकॉर्ड मांग लिया है। बताया जा रहा है कि टीम शनिवार रात को ही रोहतक पहुंच गई थी। टीम वहां अलग9अलग लोगों से पूछताछ कर सकती है। किस आधार पर एफआईआर और गनमैन को गिरफ्तार किया गया ये जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को लिखा पत्र
जांच अधिकारी डीएसपी चरणजीत सिंह विर्क ने रविवार को एडीजीपी के परिजनों को पत्र लिखकर पोस्टमार्टम करवाने की अपील की। सूत्रों के मुताबिक पत्र में स्पष्ट किया गया कि निष्पक्ष जांच के लिए पोस्टमार्टम होना जरूरी है। इसके लिए पुलिस ने परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए शव की पहचान करने के लिए लिखा है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस पत्र में यह भी लिखा है कि देरी से पोस्टमार्टम होने पर कई अहम सबूत प्रभावित हो सकते हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर मौत के असली कारणों का खुलासा होगा और जांच आगे बढ़ाई जाएगी। बता दें कि अमर उजाला ने रविवार को शव डीकंपोज होने से कई अहम सबूत प्रभावित हो सकते हैं, शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को यह पत्र भेजा।
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