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Chandigarh-Haryana News: हाईकोर्ट से बहाल बिजली विभाग का एसई अगले ही दिन निलंबित
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हाईकोर्ट ने आदेश में कहा था, बगैर कारण बताए सरकारी कर्मी को निलंबित करना गलत
इस बार विभाग ने पत्र में निलंबित करने का कारण एसई की कम परफॉर्मेंस लिखा
चंडीगढ़। जींद में तैनात बिजली विभाग के एक अधीक्षण अभियंता (एसई) को एक सप्ताह में दो बार निलंबित कर दिया गया है। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता हरिदत्त को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से राहत मिलने के अगले ही दिन बुधवार को दोबारा से निलंबित कर दिया गया। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के मैनेजिंग डायरेक्टर की तरफ से यह निलंबन पत्र जारी हुआ है। इस बार पत्र में एसई को निलंबित करने की वजह उनकी कम परफॉर्मेंस लिखा गया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि कोई कारण बताए बगैर एक सरकारी कर्मचारी को निलंबित करना गैरकानूनी है।
दरअसल, एक मंत्री का फोन नहीं उठाने के बाद विभागीय मंत्री की ओर से निलंबित करने के आदेश के खिलाफ एसई हरिदत्त पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गए थे, जहां हाईकोर्ट ने एक सरकारी इंजीनियर को बिना किसी स्पष्ट कारण के निलंबित करने को गैरकानूनी ठहराते हुए उनका निलंबन आदेश रद्द कर दिया था।
यह है मामला
16 अप्रैल को शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने जींद में किसानों की समस्या सुनते हुए एसई हरिदत्त को फोन किया था, उनका फोन नहीं उठाने पर ढांडा ने बिजली मंत्री अनिल विज से शिकायत की थी। इस पर विज ने एसई के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे, इसके कुछ देर बाद हिसार डीएचबीवीएन ने निलंबन का आदेश जारी किया था।
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इस बार विभाग ने पत्र में निलंबित करने का कारण एसई की कम परफॉर्मेंस लिखा
चंडीगढ़। जींद में तैनात बिजली विभाग के एक अधीक्षण अभियंता (एसई) को एक सप्ताह में दो बार निलंबित कर दिया गया है। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता हरिदत्त को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से राहत मिलने के अगले ही दिन बुधवार को दोबारा से निलंबित कर दिया गया। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के मैनेजिंग डायरेक्टर की तरफ से यह निलंबन पत्र जारी हुआ है। इस बार पत्र में एसई को निलंबित करने की वजह उनकी कम परफॉर्मेंस लिखा गया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि कोई कारण बताए बगैर एक सरकारी कर्मचारी को निलंबित करना गैरकानूनी है।
दरअसल, एक मंत्री का फोन नहीं उठाने के बाद विभागीय मंत्री की ओर से निलंबित करने के आदेश के खिलाफ एसई हरिदत्त पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गए थे, जहां हाईकोर्ट ने एक सरकारी इंजीनियर को बिना किसी स्पष्ट कारण के निलंबित करने को गैरकानूनी ठहराते हुए उनका निलंबन आदेश रद्द कर दिया था।
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यह है मामला
16 अप्रैल को शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने जींद में किसानों की समस्या सुनते हुए एसई हरिदत्त को फोन किया था, उनका फोन नहीं उठाने पर ढांडा ने बिजली मंत्री अनिल विज से शिकायत की थी। इस पर विज ने एसई के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे, इसके कुछ देर बाद हिसार डीएचबीवीएन ने निलंबन का आदेश जारी किया था।
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