फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Puran's wife questions Chandigarh Police's FIR, calling it legally void, Y Puran Kumar suicide case, Haryana News

Chandigarh-Haryana News: पूरण की पत्नी ने चंडीगढ़ पुलिस की एफआईआर पर उठाए सवाल, बताया कानूनी रूप से खोखला

विज्ञापन
21 पन्नों की एफआईआर में मुख्य आरोपियों का नाम स्पष्ट नहीं होने पर आईएएस अमनीत ने उठाए सवाल
विज्ञापन

चंडीगढ़ की एसएसपी को पत्र लिखकर एफआईआर में संशोधन की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
चंडीगढ़। दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार ने चंडीगढ़ पुलिस की 21 पेज की एफआईआर को कानूनी रूप से खोखला बताते हुए उस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमनीत ने चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरदीप कौर को पत्र लिखकर एफआईआर को अधूरी और कई खामियों वाली बताकर तत्काल संशोधन की मांग की है।
अमनीत ने पत्र में बताया कि नौ अक्तूबर को दर्ज की गई एफआईआर संख्या 156 की प्रति जो एसएसपी कंवरदीप कौर की ओर से रात 10.22 बजे उनके आवास पर सौंपी गई है वह अधूरी और बिना हस्ताक्षर वाली है। अमनीत के मुताबिक उन्होंने पुलिस को जो शिकायत दी थी उसमें हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया के नाम का उल्लेख था मगर एफआईआर में दोनों का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिखा गया है जबकि दोनों ही अधिकारी उनके पति की मौत की मुख्य वजह थे। चिट्ठी में उन्होंने लिखा कि निर्धारित एफआईआर प्रारूप के अनुसार सभी आरोपियों को कॉलम संख्या-7 के तहत स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध किया जाना चाहिए मगर यह भी नहीं किया गया है। उसकी जगह चंडीगढ़ पुलिस ने एज पर फाइनल नोट यानी पूरण कुमार से बरामद सुसाइड नोट को इस कॉलम में शामिल किया है। अमनीत ने चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से आग्रह करते हुए कहा कि एफआईआर को संशोधित करें और सभी आरोपियों के नाम स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाए।
विज्ञापन

आईएएस अमनीत ने आरोप लगाया कि एफआईआर में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं को कमजोर किया गया है। अपराध की गंभीरता के अनुरूप ये धाराएं नहीं हैं। उन्होंने सही कानूनी प्रावधानों को लागू करते हुए कहा कि एफआईआर में धारा 3(2)(v) को जोड़ा जाए। यह मौजूदा अपराध के लिए प्रासंगिक और इसका कठोर प्रावधान है। साथ ही उन्होंने आत्महत्या के स्पॉट से चंडीगढ़ पुलिस को मिली फाइनल नोट की एक अन्य प्रति प्राप्त न होने पर भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें फाइनल नोट की प्रमाणित प्रतियां अब तक नहीं मिली, ताकि वह दोनों का मिलान कर सकें। उन्होंने एसएसपी से एफआईआर में तत्काल सुधार, संशोधन करने, रिकॉर्ड और सत्यापन के लिए अंतिम नोट की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन




आईएएस अमनीत को अब तक वाई पूरन का सुसाइड नोट नहीं दिया

एसएसपी चंडीगढ़ को लिखे पत्र में आईएएस अमनीत पी कुमार ने कहा है कि अब तक उन्हें पूरण कुमार की आत्महत्या के समय जेब और लैपटॉप बैग से पुलिस को जो सुसाइड नोट मिला था, वह बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने सुसाइड नोट की कॉपी देने के लिए कहा है ताकि वह उस कॉपी को मिले फाइनल नोट से मिला सकें कि वह कहीं अलग तो नहीं।

हरियाणा सरकार की मंजूरी के बाद भी कार्रवाई से कतरा रही चंडीगढ़ पुलिस

हरियाणा के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने नाम न लिखे जाने की शर्त पर बताया कि पूरण कुमार के आत्महत्या मामले में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार देर शाम डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया पर कानूनी कार्रवाई करने की सरकारी मंजूरी दे दी थी। इसके बावजूद चंडीगढ़ पुलिस ने वीरवार देर रात जो एफआईआर दर्ज की उसमें एफआईआर के कॉलम नंबर-7 में आरोपी अधिकारियों के नाम नहीं लिखे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed