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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Puran Kumars wife told the police that the DGP and the Rohtak SP were responsible for her husband's suicide and demanded an FIR be lodged

Chandigarh-Haryana News: पूरण कुमार की पत्नी ने पुलिस से कहा- मेरे पति की आत्महत्या के लिए डीजीपी और रोहतक के एसपी जिम्मेदार, दर्ज हो एफआईआर

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जापान दौरे से लौटीं आईएएस अमनीत ने चंडीगढ़ सेक्टर 11 थाने में शिकायत दी, दोनों पुलिस अधिकारियों पर लगाया जातिगत प्रताड़ना का आरोप
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लिखा- डीजीपी शत्रुजीत कपूर के निर्देश पर रोहतक के एसपी ने रची मेरे पति को झूठे मामले में फंसाने की साजिश
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद न्यूज एजेंसी

चंडीगढ़। एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के लिए उनकी पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार ने डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बुधवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 थाने में दी लिखित शिकायत में दोनों अधिकारियों पर जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने (धारा 108, भारतीय न्याय संहिता 2023 व एससी-एसटी एक्ट) के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।
शिकायत में अमनीत ने लिखा है कि वे एक लोकसेवक के तौर पर नहीं बल्कि पीड़ित पत्नी व मां के तौर पर शिकायत दे रही हैं। इस मामले में तत्काल आरोपियों के खिलाफ एफआईआर और गिरफ्तारी की जाए। उन्होंने कहा कि मेरे पति बेदाग और ईमानदार अधिकारी थे जो सात अक्तूबर को हमारे घर पर गोली लगने से मृत पाए गए। उन्होंने कई सालों से अपने पति को अपमानित होते देखा है। उनके पति को जानकारी मिली थी कि डीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर के निर्देश पर उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है और उन्हें झूठे मामले में फंसाया जाएगा। इस बारे में उन्होंने मुझे सूचित किया था।
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शत्रुजीत कपूर के निर्देश पर रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने सुनियोजित साजिश के तहत रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में मेरे पति के स्टाफ सदस्य सुशील के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। फिर सबूत गढ़कर मेरे पति को फंसाया। इससे मजबूर होकर उन्हें आत्महत्या का कदम उठाना पड़ा। मेरे पति ने इस बारे में डीजीपी शत्रुजीत कपूर से बात भी की थी मगर डीजीपी ने बात को दबा दिया। एसपी रोहतक को भी फोन किया था लेकिन एसपी रोहतक ने जानबूझकर फोन का जवाब नहीं दिया। इस संबंध में अमर उजाला ने डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन दोनों पुलिस अधिकारी उपलब्ध नहीं हो सके।
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आठ पन्नों का सुसाइड नोट टूटे हुए मन का दस्तावेज
अमनीत ने शिकायत में लिखा है कि आठ पन्नों का सुसाइड नोट एक टूटे हुए मन का दस्तावेज है जो उन अधिकारियों के नामों को उजागर करता है जिनकी वजह से उन्हें इस हद तक कदम उठाना पड़ा। मेरे लिए उन शब्दों को खोजना असंभव है जो मैंने और मेरे बच्चों ने खोया है। एक पति, एक पिता, एक ऐसा व्यक्ति जिसका एकमात्र अपराध सेवा में ईमानदारी थी। मेरे पति ने विशेष रूप से शत्रुजीत कपूर के खिलाफ अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों अधिनियम 1989 के तहत संरक्षण की मांग की थी क्योंकि उन्हें जातिगत भेदभाव, जाति आधारित गालियां, जाति आधारित भेदभाव और सार्वजनिक अपमान का बार-बार सामना करना पड़ रहा था। अनुसूचित जाति की पहचान के आधार पर मेरे पति को परेशान करना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत एक अलग और गंभीर अपराध है।
इतना प्रताड़ित किया कि आत्महत्या के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा
अमनीत ने लिखा है कि मैं सिर्फ अपने परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि हर ईमानदार अधिकारी के जीवन और सम्मान के मूल्य के लिए भी गुहार लगा रही हूं। यह कोई साधारण आत्महत्या का मामला नहीं है बल्कि उच्च पदस्थ अधिकारियों की ओर से व्यवस्थित उत्पीड़न का सीधा नतीजा है जिन्होंने अपने पद का इस्तेमाल करके उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और उन्हें इस हद तक धकेल दिया कि उनके पास आत्महत्या के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। इसलिए मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें और बिना किसी देरी के उन्हें तुरंत गिरफ्तार करें। दोनों आरोपी शक्तिशाली व्यक्ति हैं और स्थिति को अपने पक्ष में करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। इसमें सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने सहित जांच में बाधा डालना शामिल है। उन्होंने कहा- न्याय सिर्फ होना ही नहीं चाहिए बल्कि होते हुए दिखना भी चाहिए। हमारे जैसे परिवारों के लिए भी, जो ताकतवरों की क्रूरता से टूट गए हैं। मेरे बच्चों को जवाब मिलना चाहिए।

दो सुसाइड नोट थे, एक लैपटॉप बैग से मिला

अमनीत ने लिखा कि मेरे परिवार को सूचित किया गया है कि पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है लेकिन मैं जब घर पहुंची और अलमारी खोली तो लैपटॉप का बैग पड़ा था। लैपटॉप के बैग में सुसाइड नोट की एक और कॉपी मिली। लैपटॉप खोलकर देखा तो उसमें भी वही सुसाइड नोट टाइप किया हुआ था। अमनीत ने लैपटॉप भी पुलिस को सौंप दिया है।
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एडीजीपी के शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ, पत्नी बोलीं- पति की मौत के जिम्मेदारों को नहीं छोडूंगी


कहा- उनका पति इतना कमजोर नहीं था, पति की छवि को बदनाम करने की कोशिश की गई

घटनास्थल पर काफी देर रुकीं अमनीत, फिर मोर्चरी में जाकर किए पति के दर्शन



इससे पहले अमनीत पी कुमार जापान दौरे को बीच में छोड़कर बुधवार को चंडीगढ़ लौट आईं। उन्होंने वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों से हुई बातचीत में कहा है कि इसके लिए जो जिम्मेदार हैं उन्हें वे नहीं छोड़ेंगी। उनका पति इतना कमजोर नहीं था। उन्होंने सुसाइड नोट में जिम्मेदार ठहराए गए अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। अमनीत पी कुमार उन पुलिस अधिकारियों से भी नाराज हैं जिन्होंने पूरण कुमार को बदनाम करने की कोशिश की है। पूरण कुमार के शव का पोस्टमार्टम बुधवार को नहीं हो सका। उनकी बड़ी बेटी अमेरिका में है। वो वीरवार को वापस आएंगी। इसके बाद पोस्टमार्टम होगा। अमनीत पी कुमार ने शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से करवाने की मांग की है।

अमनीत पी कुमार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ जापान दौरे पर गई थीं। बुधवार को वह सबसे पहले चंडीगढ़ सेक्टर-24 स्थित अपने सरकारी आवास में पहुंचीं। उनके आने की सूचना मिलते ही मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी समेत कई आईएएस व आईपीएस अधिकारी मिलने पहुंचे। इस दौरान बातचीत में अमनीत ने कहा कि उनके पति मजबूत दिल वाले थे। कभी नहीं सोचा था कि वे ऐसा कदम उठाएंगे। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, उनके पति की मौत के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति वे को नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने रोहतक पुलिस के एक अधिकारी के बयान पर भी सवाल उठाए जो खुलकर मीडिया में वाई पूरण कुमार का नाम ले रहे थे। इसके बाद वह सेक्टर 11 स्थित उस कोठी में पहुंचीं जहां पूरण कुमार ने आत्महत्या की थी। वहां वह काफी देर तक रुकी रहीं। उसके बाद वह अपने विधायक भाई के साथ चंडीगढ़ सेक्टर 16 अस्पताल पहुंची और पति के दर्शन किए।

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पत्नी का फोन नहीं उठाया तो बेटी को बताया



अधिकारियों के अनुसार अमनीत पी कुमार मंगलवार को जापान से लगातार पूरण कुमार को फोन कर रही थीं लेकिन उनके फोन न उठाने पर उन्हें शक हुआ। उन्होंने छोटी बेटी को फोन करके पिता से बात कराने को कहा। बेटी जब बेसमेंट में गई तो उसने पिता को खून से लथपथ पाया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पूरण कुमार ने सुसाइड नोट पत्नी अमनीत या अन्य आईपीएस अधिकारियों को पहले से भेजा था या नहीं। इसका पता मोबाइल की जांच के बाद ही चलेगा।

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गनमैन सुशील को 6 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया था
कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि पूरण कुमार की मौत का संबंध रोहतक में दर्ज भ्रष्टाचार के मामले से हो सकता है। इस केस में गनमैन सुशील को 6 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया था। उस पर आरोप है कि उसने पूरन कुमार के नाम पर एक शराब ठेकेदार से 2.5 लाख रुपये की मांग की थी।

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वाई पूरण कुमार बहुत अच्छे अधिकारी थे, जो आज हमारे बीच नहीं है। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि हमारा एक साथी अधिकारी चला गया।

अनुराग रस्तोगी, मुख्य सचिव हरियाणा
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