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स्थिति चिंताजनक: अदालत में प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा याचिकाओं की बाढ़, क्या है वजह? हाईकोर्ट ने जताई चिंता
Sun, 15 Jun 2025 12:42 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Sun, 15 Jun 2025 12:42 PM IST
सार
परिवार की मर्जी के खिलाफ लव मैरिज करने वाले प्रेमी जोड़े अपनी जान को खतरा बताते हुए अदालत की शरण में जाते हैं और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। ऐसी याचिकाओं की अदालत में बाढ़ सी आ गई है, जिसपर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने चिंता जताई है।
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high court
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि काजल बनाम हरियाणा सरकार मामले में राज्य सरकारों द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की अनदेखी के कारण अदालत में प्रेमी जोड़ों की ओर से दाखिल सुरक्षा याचिकाओं की बाढ़ आ गई है और स्थिति चिंताजनक बन गई है।
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कोर्ट ने कहा कि काजल बनाम हरियाणा राज्य एवं अन्य के मामले में पंजाब, हरियाणा एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ द्वारा अधिसूचित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं किया गया है तथा इसकी अनदेखी के कारण न्यायालय में मुकदमेबाजी की बाढ़ आ गई है। उक्त एसओपी के तहत निर्धारित समयावधि के भीतर संबंधित प्राधिकारियों द्वारा सुरक्षा आवेदन पर निर्णय लेना अनिवार्य है।
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उक्त एसओपी के तहत दिए गए किसी भी आदेश के विरुद्ध अपील दायर करने के वैकल्पिक उपाय का लाभ उठाए बिना हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की जा रही हैं। न्यायालय ने आगे कहा कि उक्त एसओपी के तहत नियुक्त प्राधिकारी या तो इसके बारे में अनभिज्ञ हैं या समय-सीमा एवं दिशा-निर्देशों का पालन करने में ढिलाई बरत रहे हैं।
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हरियाणा, पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ का के वकीलों ने कोर्ट को विश्वास दिलाया कि एसओपी को आम जनता की जानकारी के लिए और संबंधित मंचों पर व्यापक रूप से प्रकाशित किया जाएगा और इसका अनुपालन सख्ती से सुनिश्चित किया जाएगा। पीठ ने आगे निर्देश दिया कि इन एसओपी की एक प्रति बार के सदस्यों के बीच प्रसारित करने के लिए भी भेजी जाए।