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औषधीय पौधों को संरक्षित कर अधिक संख्या में उगाएं: राव नरवीर
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आगामी पौधरोपण अभियान के मद्देनजर 20 लाख पौधे तैयार
चंडीगढ़। वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने मांधना गांव स्थित त्रिफला वाटिका में जाकर वहां लगाए गए औषधीय पौधों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान मंत्री ने अधिकारियों के निर्देश दिए कि औषधीय पौधों को संरक्षित कर इन्हें अधिक से अधिक संख्या में उगाएं, ताकि आयुर्वेद के माध्यम से उपचार में इस वाटिका की अहम भूमिका हो। आगामी पौधरोपण अभियान के मद्देनजर शुक्रवार को पंचकूला स्थित वन विभाग की नर्सरी में पहुंचे मंत्री ने बताया कि वन विभाग की नर्सरियों में इस सीजन के लिए पौधारोपण के लिए 20 लाख पौधे तैयार करवाए गए हैं।
मंत्री राव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आने वाले पौधारोपण के सीजन के दौरान व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर अधिक से अधिक पौधे लगाएं। इसके बाद मंत्री ने नेचर कैंप में ही स्थापित क्लाईमेट चेंज लैब का भी निरीक्षण किया। वहीं, मंत्री मोरनी स्थित फोर्ट पहुंचे, वहां पर दूधगढ़, भोज राजपुरा व बालदवाला की पंचायतों की ओर से वन मंत्री को एक मांग पत्र सौंपा गया, जिस पर उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी उचित मांगों को जल्द पूरा किया जाएगा।
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चंडीगढ़। वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने मांधना गांव स्थित त्रिफला वाटिका में जाकर वहां लगाए गए औषधीय पौधों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान मंत्री ने अधिकारियों के निर्देश दिए कि औषधीय पौधों को संरक्षित कर इन्हें अधिक से अधिक संख्या में उगाएं, ताकि आयुर्वेद के माध्यम से उपचार में इस वाटिका की अहम भूमिका हो। आगामी पौधरोपण अभियान के मद्देनजर शुक्रवार को पंचकूला स्थित वन विभाग की नर्सरी में पहुंचे मंत्री ने बताया कि वन विभाग की नर्सरियों में इस सीजन के लिए पौधारोपण के लिए 20 लाख पौधे तैयार करवाए गए हैं।
मंत्री राव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आने वाले पौधारोपण के सीजन के दौरान व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर अधिक से अधिक पौधे लगाएं। इसके बाद मंत्री ने नेचर कैंप में ही स्थापित क्लाईमेट चेंज लैब का भी निरीक्षण किया। वहीं, मंत्री मोरनी स्थित फोर्ट पहुंचे, वहां पर दूधगढ़, भोज राजपुरा व बालदवाला की पंचायतों की ओर से वन मंत्री को एक मांग पत्र सौंपा गया, जिस पर उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी उचित मांगों को जल्द पूरा किया जाएगा।
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