{"_id":"68bb52c624d05d63090db953","slug":"penalty-will-be-imposed-on-schools-not-showing-seats-for-admission-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1095-811111-2025-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: स्कूलों में दाखिलों की सीट न दर्शाने वाले विद्यालयों पर लगेगा जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: स्कूलों में दाखिलों की सीट न दर्शाने वाले विद्यालयों पर लगेगा जुर्माना
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो,
चंडीगढ़। हरियाणा में स्कूलों में कई मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों ने दाखिलों की सीट का ब्योरा ही नहीं दिया। अब माैलिक शिक्षा निदेशालय ने कड़ी नाराजगी जताते हुए शिक्षा के अधिकार के तहत दाखिलों के संबंध में सीट न दर्शाने और मान्यता के दस्तावेज अपलोड न करने पर सख्ती होगी। अब संबंधित विद्यालयों पर 7 हजार रुपये तक जुर्माना किया जाएगा।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में शिक्षा के अधिकार के नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई के निर्देश सभी माैलिक शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। निदेशालय के पत्र के अनुसार, जिन मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों का शुल्क यानी फीस प्रति माह 1000 रुपये तक है, उन प्रत्येक विद्यालय पर 30 हजार रुपये का जुर्माना होगा। जिन मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों का मासिक शुल्क प्रति माह 3000 रुपये है, उनके ऊपर 7000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसी तरह से जिन मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों का शुल्क प्रति माह 3000 रुपये से अधिक है उन स्कूलों को अपने स्तर पर कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निजी सुनवाई के लिए बुलााय जाएगा और अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार जुर्माना और आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। वहीं, गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को बंद करने के लिए माैलिक शिक्षा अधिकारी अपने स्तर से नोटिस देकर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा अन्य स्थिति के आधार पर अस्वीकृत किया गया है उनका ब्योरा भी निदेशालय ने मांगा है। जिन स्कूलों को अभी तक नोटिस नहीं दिए गए हैं उन स्कूलों को तुरंत नोटिस देकर उनका जवाब मांगे। यह भी आदेश दिए गए हैं कि जिन विद्यालयों के मान्यता प्रमाण-पत्र वैध पाये जाते हैं, उनकी सूची बनाकर मान्यता प्रमाण पत्र सहित निदेशालय में भेजनी होगी। जिन विद्यालयों ने मान्यता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता या गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं तो उनकी सूची अलग-अलग मांगी गई हैं। निदेशालय ने यह भी आदेश दिए हैं कि अल्पसंख्यक श्रेणी के विद्यालयों के अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र सत्यापित करके, प्रमाण पत्र संलग्न करते हुए, ऐसे विद्यालयों की सूची बनाकर दें। जिससे कार्रवाई 10 सितंबर तक की जा सके।
विज्ञापन
चंडीगढ़। हरियाणा में स्कूलों में कई मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों ने दाखिलों की सीट का ब्योरा ही नहीं दिया। अब माैलिक शिक्षा निदेशालय ने कड़ी नाराजगी जताते हुए शिक्षा के अधिकार के तहत दाखिलों के संबंध में सीट न दर्शाने और मान्यता के दस्तावेज अपलोड न करने पर सख्ती होगी। अब संबंधित विद्यालयों पर 7 हजार रुपये तक जुर्माना किया जाएगा।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में शिक्षा के अधिकार के नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई के निर्देश सभी माैलिक शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। निदेशालय के पत्र के अनुसार, जिन मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों का शुल्क यानी फीस प्रति माह 1000 रुपये तक है, उन प्रत्येक विद्यालय पर 30 हजार रुपये का जुर्माना होगा। जिन मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों का मासिक शुल्क प्रति माह 3000 रुपये है, उनके ऊपर 7000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसी तरह से जिन मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों का शुल्क प्रति माह 3000 रुपये से अधिक है उन स्कूलों को अपने स्तर पर कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निजी सुनवाई के लिए बुलााय जाएगा और अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार जुर्माना और आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। वहीं, गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को बंद करने के लिए माैलिक शिक्षा अधिकारी अपने स्तर से नोटिस देकर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा अन्य स्थिति के आधार पर अस्वीकृत किया गया है उनका ब्योरा भी निदेशालय ने मांगा है। जिन स्कूलों को अभी तक नोटिस नहीं दिए गए हैं उन स्कूलों को तुरंत नोटिस देकर उनका जवाब मांगे। यह भी आदेश दिए गए हैं कि जिन विद्यालयों के मान्यता प्रमाण-पत्र वैध पाये जाते हैं, उनकी सूची बनाकर मान्यता प्रमाण पत्र सहित निदेशालय में भेजनी होगी। जिन विद्यालयों ने मान्यता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता या गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं तो उनकी सूची अलग-अलग मांगी गई हैं। निदेशालय ने यह भी आदेश दिए हैं कि अल्पसंख्यक श्रेणी के विद्यालयों के अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र सत्यापित करके, प्रमाण पत्र संलग्न करते हुए, ऐसे विद्यालयों की सूची बनाकर दें। जिससे कार्रवाई 10 सितंबर तक की जा सके।
विज्ञापन