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Chandigarh-Haryana News: यातायात नियमों के उल्लंघन पर इस साल अब तक 21 लाख से ज्यादा चालान
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फोटो -
डीजीपी अजय सिंघल ने यातायात व्यवस्था व सड़क सुरक्षा की समीक्षा के दाैरान दिए कई निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में इस साल अब तक सात प्रमुख यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में 21 लाख 69 हजार 669 चालान किए गए हैं। प्रदेश में लागू नेक्स्ट जेन ई-चालान व्यवस्था के तहत उल्लंघन के तीन दिन के भीतर वाहन मालिक को नोटिस भेजना होगा। इसके बाद 45 दिन में चालान स्वीकार करने या उसे चुनौती देने का मौका मिलेगा। इस अवधि में कोई कार्रवाई नहीं होने पर चालान स्वत: स्वीकार माना जाएगा। शिकायत मिलने पर उसका निपटारा 30 दिन में करना होगा। हर जिले में एक नोडल और दो शिकायत निवारण अधिकारी लगाए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय पंचकूला में मंगलवार को डीजीपी अजय सिंघल ने यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा की समीक्षा की। अधिकारियों को जाम वाले स्थानों की पहचान कर पहले से पुलिस बल लगाने, यातायात डायवर्ट करने और डिजिटल माध्यमों से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
50 फीसदी राशि जमाकर चुनौती का प्रावधान
शिकायत खारिज होने पर वाहन चालक चालान राशि का 50 प्रतिशत जमा करवाकर चालान को अदालत में चुनौती दे सकेगा। स्वीकार किए गए चालान का भुगतान 90 दिन में करना होगा। लंबित चालान की स्थिति में वाहन के पंजीकरण या चालक के लाइसेंस से जुड़े काम रोके जा सकते हैं। वाहन को पोर्टल पर लेन-देन के लिए प्रतिबंधित भी किया जा सकता है।
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बिना हेलमेट पर 45 फीसदी चालान
हरियाणा में 2026 के दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने के 9 लाख 75 हजार 160 चालान हुए हैं। यानी 44.9 फीसदी चालान अकेले इसी श्रेणी के हैं। इसके बाद ओवरस्पीडिंग के 3 लाख 67 हजार 118 (16.9 फीसदी) और लेन ड्राइविंग के 3 लाख 3,435 (14 फीसदी) चालान किए गए हैं। गलत दिशा में वाहन चलाने के 2 लाख 68 हजार 360 (12.4 फीसदी), बिना नंबर प्लेट के 1 लाख 40 हजार 851 (6.5 फीसदी) और बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के 77 हजार 413 (3.6 फीसदी) मामलों में चालान की कार्रवाई हुई। शराब पीकर वाहन चलाने के 37,332 मामले (1.7 फीसदी) रहे।
वाहन स्क्रैपिंग नीति के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर
प्रदेश में पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए 27 केंद्र बनाए गए हैं। पात्र वाहन मालिकों को पुराने वाहन की स्क्रैप कीमत के अलावा कर में छूट और नया वाहन खरीदने पर नियमानुसार रियायत मिल सकती है। पुलिस को वाहन स्क्रैपिंग नीति के प्रति लोगों को जागरूक करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी जुड़े।
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डीजीपी अजय सिंघल ने यातायात व्यवस्था व सड़क सुरक्षा की समीक्षा के दाैरान दिए कई निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में इस साल अब तक सात प्रमुख यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में 21 लाख 69 हजार 669 चालान किए गए हैं। प्रदेश में लागू नेक्स्ट जेन ई-चालान व्यवस्था के तहत उल्लंघन के तीन दिन के भीतर वाहन मालिक को नोटिस भेजना होगा। इसके बाद 45 दिन में चालान स्वीकार करने या उसे चुनौती देने का मौका मिलेगा। इस अवधि में कोई कार्रवाई नहीं होने पर चालान स्वत: स्वीकार माना जाएगा। शिकायत मिलने पर उसका निपटारा 30 दिन में करना होगा। हर जिले में एक नोडल और दो शिकायत निवारण अधिकारी लगाए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय पंचकूला में मंगलवार को डीजीपी अजय सिंघल ने यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा की समीक्षा की। अधिकारियों को जाम वाले स्थानों की पहचान कर पहले से पुलिस बल लगाने, यातायात डायवर्ट करने और डिजिटल माध्यमों से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
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50 फीसदी राशि जमाकर चुनौती का प्रावधान
शिकायत खारिज होने पर वाहन चालक चालान राशि का 50 प्रतिशत जमा करवाकर चालान को अदालत में चुनौती दे सकेगा। स्वीकार किए गए चालान का भुगतान 90 दिन में करना होगा। लंबित चालान की स्थिति में वाहन के पंजीकरण या चालक के लाइसेंस से जुड़े काम रोके जा सकते हैं। वाहन को पोर्टल पर लेन-देन के लिए प्रतिबंधित भी किया जा सकता है।
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बिना हेलमेट पर 45 फीसदी चालान
हरियाणा में 2026 के दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने के 9 लाख 75 हजार 160 चालान हुए हैं। यानी 44.9 फीसदी चालान अकेले इसी श्रेणी के हैं। इसके बाद ओवरस्पीडिंग के 3 लाख 67 हजार 118 (16.9 फीसदी) और लेन ड्राइविंग के 3 लाख 3,435 (14 फीसदी) चालान किए गए हैं। गलत दिशा में वाहन चलाने के 2 लाख 68 हजार 360 (12.4 फीसदी), बिना नंबर प्लेट के 1 लाख 40 हजार 851 (6.5 फीसदी) और बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के 77 हजार 413 (3.6 फीसदी) मामलों में चालान की कार्रवाई हुई। शराब पीकर वाहन चलाने के 37,332 मामले (1.7 फीसदी) रहे।
वाहन स्क्रैपिंग नीति के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर
प्रदेश में पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए 27 केंद्र बनाए गए हैं। पात्र वाहन मालिकों को पुराने वाहन की स्क्रैप कीमत के अलावा कर में छूट और नया वाहन खरीदने पर नियमानुसार रियायत मिल सकती है। पुलिस को वाहन स्क्रैपिंग नीति के प्रति लोगों को जागरूक करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी जुड़े।