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Chandigarh-Haryana News: अब सेमी-स्किल्ड कैदियों की रोजाना मजदूरी 90 व अनस्किल्ड की 80 रुपये
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-अब हर साल महंगाई भत्ते से जुड़ेगी राशि
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने जेलों में काम करने वाले कैदियों की मजदूरी में इजाफा किया है। अब स्किल्ड कैदियों की मजदूरी 50 से बढ़ाकर 90 रुपये और अनस्किल्ड कैदियों की मजदूरी 40 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। सरकार ने यह भी तय किया है कि अब कैदियों की मजदूरी हर साल महंगाई भत्ते (डीए) के साथ खुद से बढ़ेगी। जारी पत्र के अनुसार वित्त विभाग ने इस पर सहमति दे दी है और यह वृद्धि प्रत्येक वर्ष 1 जनवरी से लागू होगी। मजदूरी की गणना श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के सीपीआई इंडेक्स के आधार पर की गई है। दरअसल, जेल विभाग ने 2022 में मजदूरी बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा था। अब मंजूरी मिलने से राज्यभर के कैदियों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल कैदियों की जीवन परिस्थितियों में सुधार होगा बल्कि उनमें पुनर्वास और समाज में सकारात्मक योगदान की भावना भी मजबूत होगी। जेल महानिदेशक आलोक कुमार राय ने बताया कि राज्य की कई जेलों में आईटीआई और तकनीकी शिक्षा से जुड़े कोर्स शुरू किए गए हैं। उनका उद्देश्य कैदियों को विभिन्न हुनर सिखाकर आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि रिहाई के बाद वे सम्मानजनक आजीविका कमा सकें।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने जेलों में काम करने वाले कैदियों की मजदूरी में इजाफा किया है। अब स्किल्ड कैदियों की मजदूरी 50 से बढ़ाकर 90 रुपये और अनस्किल्ड कैदियों की मजदूरी 40 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। सरकार ने यह भी तय किया है कि अब कैदियों की मजदूरी हर साल महंगाई भत्ते (डीए) के साथ खुद से बढ़ेगी। जारी पत्र के अनुसार वित्त विभाग ने इस पर सहमति दे दी है और यह वृद्धि प्रत्येक वर्ष 1 जनवरी से लागू होगी। मजदूरी की गणना श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के सीपीआई इंडेक्स के आधार पर की गई है। दरअसल, जेल विभाग ने 2022 में मजदूरी बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा था। अब मंजूरी मिलने से राज्यभर के कैदियों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल कैदियों की जीवन परिस्थितियों में सुधार होगा बल्कि उनमें पुनर्वास और समाज में सकारात्मक योगदान की भावना भी मजबूत होगी। जेल महानिदेशक आलोक कुमार राय ने बताया कि राज्य की कई जेलों में आईटीआई और तकनीकी शिक्षा से जुड़े कोर्स शुरू किए गए हैं। उनका उद्देश्य कैदियों को विभिन्न हुनर सिखाकर आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि रिहाई के बाद वे सम्मानजनक आजीविका कमा सकें।