{"_id":"6998cd82d9c214ff890c9efa","slug":"mou-with-iit-roorkee-for-technical-education-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1089-954200-2026-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: तकनीकी शिक्षा के लिए आईआईटी रुड़की से करार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: तकनीकी शिक्षा के लिए आईआईटी रुड़की से करार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने तकनीकी शिक्षा के लिए बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है।
तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से की गई इस पहल का उद्देश्य राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और बहुतकनीकी संस्थानों में शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा देना है। यह समझौता पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा और भविष्य में परियोजना आधारित सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा।
समझौते पर आईआईटी रुड़की की ओर से प्रो. विवेक कुमार मलिक, डीन (प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श) तथा हरियाणा की ओर से महानिदेशक तकनीकी शिक्षा प्रभजोत सिंह ने हस्ताक्षर किए हैं। इस अवसर पर दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि आईआईटी रुड़की राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है जो इंजीनियरिंग और उन्नत अनुसंधान के क्षेत्र में वैश्विक पहचान रखता है। इस करार से राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों, बहुतकनीकी संस्थानों और तकनीकी विश्वविद्यालयों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
विद्यार्थियों और शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञता और संसाधनों तक पहुंच मिलेगी। समझौते के तहत संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और ज्ञान-साझाकरण पहलें संचालित की जाएंगी। छात्रों को प्रशिक्षण और शोध के अवसर मिलेंगे जबकि संयुक्त अनुसंधान, संकाय विनिमय और संसाधनों के साझा उपयोग से अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए हैकाथॉन, इनक्यूबेशन कार्यक्रम और स्टार्टअप मार्गदर्शन भी शामिल हैं।
विज्ञापन
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने तकनीकी शिक्षा के लिए बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है।
तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से की गई इस पहल का उद्देश्य राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और बहुतकनीकी संस्थानों में शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा देना है। यह समझौता पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा और भविष्य में परियोजना आधारित सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा।
समझौते पर आईआईटी रुड़की की ओर से प्रो. विवेक कुमार मलिक, डीन (प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श) तथा हरियाणा की ओर से महानिदेशक तकनीकी शिक्षा प्रभजोत सिंह ने हस्ताक्षर किए हैं। इस अवसर पर दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि आईआईटी रुड़की राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है जो इंजीनियरिंग और उन्नत अनुसंधान के क्षेत्र में वैश्विक पहचान रखता है। इस करार से राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों, बहुतकनीकी संस्थानों और तकनीकी विश्वविद्यालयों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
विद्यार्थियों और शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञता और संसाधनों तक पहुंच मिलेगी। समझौते के तहत संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और ज्ञान-साझाकरण पहलें संचालित की जाएंगी। छात्रों को प्रशिक्षण और शोध के अवसर मिलेंगे जबकि संयुक्त अनुसंधान, संकाय विनिमय और संसाधनों के साझा उपयोग से अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए हैकाथॉन, इनक्यूबेशन कार्यक्रम और स्टार्टअप मार्गदर्शन भी शामिल हैं।