फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Monitoring and management of health services will be completely digital.

Chandigarh-Haryana News: स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी व प्रबंधन पूरी तरह से डिजिटल होगा

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

चंडीगढ़। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि प्रदेश में आईटी आधारित रीयल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग अब अनुमान या मैनुअल रिपोर्ट पर नहीं बल्कि लाइव डाटा के अनुसार काम करेगा।

सरकार की पहल का सबसे अहम हिस्सा मोबाइल हेल्थ टीमों की व्हीकल ट्रैकिंग और लॉग मैनेजमेंट सिस्टम हैं जो आने वाले महीनों में पूरे स्वास्थ्य ढांचे को बदल देगा। अभी तक स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीमें गांव-ढाणियों में कितनी दूरी चलीं, कितने मरीजों तक पहुंचीं और दिनभर क्या काम किया इसका पूरा रिकॉर्ड कागजों और मौखिक रिपोर्ट पर निर्भर था। लेकिन नए सिस्टम में अब एक भी किलोमीटर या एक भी विजिट छिप नहीं सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अब स्वास्थ्य सेवाएं तेज होंगी, पारदर्शी होंगी और किसी भी मरीज की देखभाल में देरी नहीं होगी। स्वास्थ्य व्यवस्था अब मैनुअल सिस्टम से पूरी तरह निकलकर रीयल टाइम, पारदर्शी और जवाबदेह मॉडल में कदम रख रही है।
विज्ञापन




हर स्वास्थ्य वाहन की हर मूवमेंट अब लाइव दिखाई देगी
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि नई प्रणाली के तहत मोबाइल हेल्थ टीमों को हर सुबह अपने वाहन की फोटो के साथ ओडोमीटर रीडिंग एप पर दर्ज करनी होगी। जिस-जिस गांव या साइट पर वे जाएंगी वहां फोटो सहित लोकेशन और ओडोमीटर रीडिंग अपलोड करनी होगी। दिन के अंत में गाड़ी पार्क करने के बाद क्लोजिंग रीडिंग डाली जाएगी। इससे अधिकारी टीमों के काम की पूरी रिपोर्ट मिल सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर मरीज का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड
सरकार की दूसरी बड़ी शुरुआत है एनीमिया मुक्त हरियाणा (एएमएच) एप का अपग्रेडेड वर्जन। इसके चलते अब हर लाभार्थी का पूरा उपचार रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज होगा। नए रीयल टाइम डैशबोर्ड से अधिकारी तुरंत देख सकेंगे कि किस जिले में बेहतर सुधार हो रहा है और किस जगह अतिरिक्त हस्तक्षेप की जरूरत है।



बच्चों की स्वास्थ्य सेवाएं भी ऑनलाइन
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) का टर्शियरी केयर एप भी अब पूरी तरह ऑनलाइन ट्रैकिंग पर आधारित होगा। जन्मजात दिल की बीमारियों से ग्रसित बच्चों की पहचान, रेफरल और उपचार पूरे डिजिटल प्लेटफॉर्म से मॉनिटर किए जाएंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण ट्रैकर से इंटीग्रेशन होने के बाद बच्चों की पोषण स्थिति से लेकर इलाज की प्रगति तक सभी पैरामीटर एक ही क्लिक में उपलब्ध होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed