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Haryana: भरोसे, निष्ठा व ईमानदारी की नींव पर नायाब सफर, गाड़ी चलाने से लेकर सरकार के मुखिया तक बने सैनी
Fri, 18 Oct 2024 08:17 AM IST
नवीन दलाल
कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़
कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़
Published by: नवीन दलाल
Updated Fri, 18 Oct 2024 08:17 AM IST
सार
हरियाणा की लगातार दूसरी बार कमान संभालने वाले नायब सिंह सैनी देवी मां के अनन्य भक्त हैं। वह हर बड़े कार्य की शुरुआत से पहले देवी मां के सामने सिर झुकाते हैं। शुक्रवार को शपथ लेने से पहले उन्होंने माता मनसा देवी के दर्शन किए।
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हरियाणा में नायब सरकार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा के 57 साल के इतिहास में लगातार तीसरी बार विधानसभा चुनाव में हैट्रिक लगाकर भाजपा ने इतिहास रच दिया। भाजपा की तीसरी सरकार में नायब सिंह सैनी ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सैनी का राजनैतिक सफर भी काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। नायब सैनी हरियाणा की राजनीति में शुरुआत से केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के करीबी और भरोसेमंद रहे हैं। इसी भरोसे, निष्ठा और ईमानदारी की नींव पर मनोहर लाल की गाड़ी चलाने की जिम्मेदारी से लेकर नायब सैनी ने दूसरी बार सरकार के मुखिया बनने तक का सफर तय किया है। मनोहर और नायब सैनी दोनों ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से हैं।
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नायब सिंह सैनी ने भाजपा के साथ सफर कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में शुरू किया था। 1996-97 में मनोहर लाल ने उन्हें रोहतक स्थित भाजपा कार्यालय में कंप्यूटर का कामकाज संभालने का जिम्मा दिया था। यह कंप्यूटर नरेंद्र मोदी ने संगठन मंत्री मनोहर लाल को दिया था। तभी से नायब सैनी मनोहर लाल के बेहद विश्वास पात्र हैं। नायब के करीबी लोग बताते हैं कि कई बार ऐसा हुआ कि मनोहर ने महत्वपूर्ण काम के लिए जाते हुए अपनी गाड़ी चलाने का जिम्मा भरोसेमंद नायब को दिया। धीरे-धीरे मनोहर का सैनी में विश्वास बढ़ता गया।
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सैनी मनोहर को मानते हैं राजनैतिक गुरु
2009 में पार्टी के टिकट पर नायब सैनी ने नारायणगढ़ से विधानसभा का चुनाव लड़ा, मगर वह कांग्रेस उम्मीदवार रामकिशन से हार गए। इसके बाद सैनी को कोई हरा नहीं पाया। 2014 में नारायणगढ़ से चुनाव जीतने के दो साल बाद सैनी को पार्टी ने राज्यमंत्री बनाया। 2019 में कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र से सैनी ने करीब तीन लाख वोटों से जीत हासिल की। विनम्रता और सौम्य छवि को देखते हुए पार्टी ने 2023 में उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया।
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इसके छह महीने बाद ही पार्टी ने पूर्व सीएम मनोहर लाल की जगह उन्हें सीएम नियुक्त किया। राजनीति में उनके सफल होने के पीछे मनोहर लाल का अहम रोल रहा है। मनोहर लाल को सैनी अपना राजनीतिक गुरु भी मानते हैं। इससे पहले 2002 में नायब सिंह सैनी अंबाला से भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री बनाए गए थे। साल 2005 में सैनी युवा मोर्चा अंबाला के जिला अध्यक्ष बन गए। इसके बाद 2012 में सैनी भाजपा अंबाला के जिलाध्यक्ष बन गए। इसमें भी मनोहर लाल की अहम भूमिका थी।
देवी मां के अनन्य भक्त हैं सैनी
हरियाणा की लगातार दूसरी बार कमान संभालने वाले नायब सिंह सैनी देवी मां के अनन्य भक्त हैं। वह हर बड़े कार्य की शुरुआत से पहले देवी मां के सामने सिर झुकाते हैं। शुक्रवार को शपथ लेने से पहले उन्होंने माता मनसा देवी के दर्शन किए। वह मां कामाख्या के उपासक हैं और अक्सर मां कामाख्या के मंदिर जाते हैं। चुनाव से पहले और चुनाव जीतने के बाद भी नायब सैनी गुवाहाटी में मां के दरबार पहुंचे और पूजा अर्चना की। जिस दिन परिणाम आना था, उस दिन भी उन्होंने कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर स्थित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर में पूजा किया थी।