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Haryana: एसआई से ASI बनाने का डीजीपी का आदेश रद्द, हाईकोर्ट ने एक साल की वेतन वृद्धि कटौती को माना उपयुक्त

Sat, 27 Sep 2025 05:15 PM IST
चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरो Updated Sat, 27 Sep 2025 05:15 PM IST
सार

चंडीगढ़ में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस अधिकारी सुखदेव सिंह की पदावनति की सजा रद्द करते हुए केवल एक साल की वेतन वृद्धि रोकने की सजा उपयुक्त मानी। यह मामला 12 साल से चल रहा था।

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High Court quashes DGP's order promoting Sub Inspectors to ASIs, Court News, Haryana News
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस के अधिकारी सुखदेव सिंह को दी गई डिमोशन की सजा को रद्द कर दिया और उसकी जगह एक साल की वेतन वृद्धि रोकने की अस्थायी सजा बरकरार रखी।
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यह मामला 12 साल से अदालत में चल रहा था। कुरुक्षेत्र निवासी सुखदेव सिंह ने 2020 में दायर याचिका के जरिए 14 मई 2018 को हरियाणा पुलिस महानिदेशक द्वारा दी गई सजा को चुनौती दी थी। दरअसल, उन्हें विभागीय जांच में दोषी ठहराते हुए सब-इंस्पेक्टर से असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर पद पर भेज दिया गया था। यह मुकदमा का दूसरा दौर था। 
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पहले 2013 में सुखदेव सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उस समय कोर्ट ने 19 मई 2017 को आदेश दिया था कि उनके मामले पर दो अन्य सह-अभियुक्त पुलिसकर्मियों के मामलों की तरह विचार किया जाए। उन मामलों में पुलिस महानिदेशक ने दोषियों की बर्खास्तगी की सजा को कम कर दिया था। हालांकि, 2018 में पुलिस महानिदेशक ने फिर से सुखदेव सिंह की पदावनति की सजा को बरकरार रखा। इसके बाद उन्होंने दोबारा कोर्ट का रुख किया। 
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सरकार की ओर से पेश वकील ने तर्क दिया कि सुखदेव सिंह और कई अन्य पुलिस अधिकारी एक महिला (नीशा तलवार उर्फ मंजू) को संरक्षण दे रहे थे जो देह व्यापार में लिप्त थी। इस वजह से पुलिस विभाग की छवि खराब हुई। लगभग बीस पुलिस अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की गई थी। इनमें से कुछ को बर्खास्त किया गया और कुछ को चेतावनी या वेतन कटौती जैसी सजा दी गई। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि सुखदेव सिंह को सह-अभियुक्तों की तरह केवल एक साल की वेतन वृद्धि रोकने की सजा मिलनी चाहिए थी।
 
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