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Chandigarh-Haryana News: एक सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग ने की 3,939 सर्जरी
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17 से 22 नवंबर तक चले शिविरों में हजारों मरीजों का इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेशभर में 17 से 22 नवंबर तक विशेष शल्य चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए जिनमें विभिन्न जिलों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने इन शिविरों में कुल 3,939 ऑपरेशन किए। इनमें 3,114 बड़े ऑपरेशन तथा 825 छोटे ऑपरेशन शामिल रहे। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि गरीबी अब किसी भी व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस अभियान की सफलता भविष्य में स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में प्रेरणा देगी। अंत में उन्होंने डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और जिला प्रशासन का धन्यवाद किया।
शिविरों में किए गए प्रमुख ऑपरेशन की संख्या -
•
1,241 मोतियाबिंद के ऑपरेशन।
•
503 सिजेरियन ऑपरेशन।
•
366 महिला नलबंदी ऑपरेशन।
•
130 लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन) पित्त की थैली के ऑपरेशन।
•
92 कान के ऑपरेशन।
•
88 हर्निया ऑपरेशन।
•
25 घुटना प्रत्यारोपण ऑपरेशन।
•
11 कूल्हा प्रत्यारोपण ऑपरेशन शामिल।
•
2,074 मरीजों ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत उपचार प्राप्त किया।
•
661 मरीजों का इलाज चिरायु योजना के माध्यम से हुआ।
सबसे ज्यादा आपरेशन कहां हुए
मोतियाबिंद के सबसे अधिक 230 ऑपरेशन भिवानी में और 151 ऑपरेशन रोहतक में हुए। पित्त की थैली के लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन पंचकूला में 36, जबकि फरीदाबाद में 25 किए गए। घुटना प्रत्यारोपण (टीकेआर) के 4-4 ऑपरेशन रोहतक, महेंद्रगढ़ और झज्जर में किए गए। कान के 21 बड़े व 137 छोटे ऑपरेशन करनाल में हुए। महिला नलबंदी में सोनीपत 72 ऑपरेशन के साथ पहले स्थान पर रहा जबकि पलवल में 56 ऑपरेशन हुए।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेशभर में 17 से 22 नवंबर तक विशेष शल्य चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए जिनमें विभिन्न जिलों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने इन शिविरों में कुल 3,939 ऑपरेशन किए। इनमें 3,114 बड़े ऑपरेशन तथा 825 छोटे ऑपरेशन शामिल रहे। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि गरीबी अब किसी भी व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस अभियान की सफलता भविष्य में स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में प्रेरणा देगी। अंत में उन्होंने डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और जिला प्रशासन का धन्यवाद किया।
शिविरों में किए गए प्रमुख ऑपरेशन की संख्या -
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1,241 मोतियाबिंद के ऑपरेशन।
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503 सिजेरियन ऑपरेशन।
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366 महिला नलबंदी ऑपरेशन।
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130 लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन) पित्त की थैली के ऑपरेशन।
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92 कान के ऑपरेशन।
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88 हर्निया ऑपरेशन।
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25 घुटना प्रत्यारोपण ऑपरेशन।
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11 कूल्हा प्रत्यारोपण ऑपरेशन शामिल।
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2,074 मरीजों ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत उपचार प्राप्त किया।
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661 मरीजों का इलाज चिरायु योजना के माध्यम से हुआ।
सबसे ज्यादा आपरेशन कहां हुए
मोतियाबिंद के सबसे अधिक 230 ऑपरेशन भिवानी में और 151 ऑपरेशन रोहतक में हुए। पित्त की थैली के लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन पंचकूला में 36, जबकि फरीदाबाद में 25 किए गए। घुटना प्रत्यारोपण (टीकेआर) के 4-4 ऑपरेशन रोहतक, महेंद्रगढ़ और झज्जर में किए गए। कान के 21 बड़े व 137 छोटे ऑपरेशन करनाल में हुए। महिला नलबंदी में सोनीपत 72 ऑपरेशन के साथ पहले स्थान पर रहा जबकि पलवल में 56 ऑपरेशन हुए।
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