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हरियाणा: हर 43 मिनट में हृदय रोग से एक मौत, सात साल में 85,539 जानें गईं; 2021-22 में सबसे ज्यादा ने तोड़ा दम

Tue, 29 Sep 2026 07:10 AM IST
Sharukh Khan आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Sharukh Khan Updated Tue, 29 Sep 2026 07:10 AM IST
सार

हरियाणा में हर 43 मिनट में हृदय रोग से एक मौत हो रही है। सात साल में 85,539 लोगों ने जान गवां दी है। साल में 2021-22 में सबसे ज्यादा लोगों ने इस बीमारी से दम तोड़ा है।  सात साल में 2021-22 में सबसे ज्यादा 14,072 लोगों ने जान गंवाई है। यमुनानगर में सबसे अधिक 18,334 मौतें हुई हैं।

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Haryana Heart Disease Deaths: One Person Dies Every 43 Minutes, Health Data Shows check details
Heart attack - फोटो : अमर उजाला GFX

विस्तार

हरियाणा में हृदय रोग से होने वाली मौतों का आंकड़ा चिंता बढ़ाने वाला है। पिछले सात साल में प्रदेश में 85,539 लोगों की हृदय संबंधी बीमारियों से मौत हुई। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2025-26 में औसतन हर दिन 33 लोगों की जान गई यानी करीब हर 43 मिनट में एक मौत दर्ज हुई। हालांकि, इन आंकड़ों को सीधे हार्ट अटैक से हुई मौतों का आंकड़ा नहीं माना जा सकता।
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हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में इन्हें हृदय संबंधी बीमारियों से हुई मौत के तौर पर दर्ज किया गया है। यानी इसमें हृदय से जुड़ी अलग-अलग बीमारियों से हुई मौतें शामिल हैं। इसके बावजूद सात साल में 85 हजार से ज्यादा मौतों का यह आंकड़ा प्रदेश में हृदय रोगों के बढ़ते बोझ की गंभीर तस्वीर जरूर सामने रखता है।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बीते सात साल में 2021-22 सबसे ज्यादा मौत हुई। इस साल 14,072 लोगों ने हृदय संबंधी बीमारियों के कारण जान गंवाई।

यमुनानगर सबसे ज्यादा प्रभावित
जिला वार आंकड़ों के मुताबिक, यमुनानगर में हृदय रोग से ज्यादा मौतें हुई हैं। पिछले सात साल में यहां 18,334 लोगों की हृदय संबंधी बीमारियों से मौत हुई। यह आंकड़ा इतना अधिक है कि बाकी किसी भी जिले में सात साल के दौरान मौतों की संख्या 10 हजार तक भी नहीं पहुंची। 
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यमुनानगर के बाद रोहतक में 7,873 और सिरसा में 7,567 मौतें दर्ज हुई। महेंद्रगढ़ में 6,802, कैथल में 6,429, रेवाड़ी में 5,623, झज्जर में 5.339 और जींद में 5,103 मौतें हुई। सिर्फ वर्ष 2025-26 की बात करें तो यमुनानगर में 2,626 मौतें दर्ज हुई। इसी अवधि में रोहतक में 1,207 और महेंद्रगढ़ में 1,137 लोगों की हृदय संबंधी बीमारियों के कारण जान गई।
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हृदय रोगों से होने वाली मौत को रोकेंगी टेली ईसीजी
हृदय रोग से होने वाली मौतों को रोकने के लिए राज्य सरकार ने गांव-गांव में स्पंदन वन टेली ईसीजी सेवा की शुरुआत की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में शुरू हुई स्पंदन वन टेली-ईसीजी सेवा के तहत मौके पर ही ईसीजी की जांच की जा रही है और रिपोर्ट विशेषज्ञ डॉक्टरों तक भेजी जा रही है। गंभीर मरीजों को शुरुआती इलाज देकर तुरंत ऐसे अस्पताल भेजा जा रहा है जहां एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की सुविधा है। 
 

पीपीपी मॉडल के तहत स्वास्थ्य केंद्रों को स्मार्टफोन से जुड़ने वाली पोर्टेबल ईसीजी मशीनें दी गई हैं। रिपोर्ट विशेषज्ञ डॉक्टरों तक भेजी जाती है और तीन मिनट से कम समय में राय मिलने का प्रावधान है। 
 

पिछले हफ्ते तक करीब 600 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में यह व्यवस्था शुरू हो चुकी थी। इनमें पीएचसी, सीएचसी, उप-मंडलीय और जिला अस्पताल शामिल हैं। इस दौरान 33,854 ईसीजी जांच हुईं और 1,342 गंभीर मामले मिले।

हरियाणा के पूर्व स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. कुलदीप सिंह के अनुसार, इस व्यवस्था के बाद जिला अस्पतालों के आपातकालीन विभागों में मौतों में 20 प्रतिशत की कमी देखी जा रही है।

गैस समझकर न टालें सीने का दर्द, इलाज में देरी पड़ सकती है भारी
चंडीगढ़ जीएमसीएच 32 के कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. जीतराम कश्यप ने बताया कि हरियाणा में हृदय रोग से मौत का आंकड़ा पहली नजर में ज्यादा लग रहा है। अस्पताल के रिकॉर्ड में ज्यादातर कारण कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट दर्ज किया जाता है क्योंकि अंततः हृदय की धड़कन रुक जाती है। इसके अलावा हृदय रोग से होने वाली मौत में इलाज में देरी भी एक बड़ी वजह है। कई मरीज सोने के दर्द की गैस समझकर घर पर ही इलाज करते गाते हैं जबकि हार्ट अटैक में समय पर उपचार बाद जरूरी है।
 

ऐसे काम करता है स्पंदन वन
मरीज सीने में दर्द या हार्ट अटैक के लक्षण लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचता है। प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी या आशा वर्कर पोर्टेबल ईसीजी मशीन से जांच करते हैं। डॉक्टर रिपोर्ट देखकर तीन मिनट से कम में नतीजा भेजते हैं। गंभीर मामले में मरीज को खून पतला करने वाली और थक्का गलाने वाली दवाओं की लोडिंग डोज दी जाती है। स्थिर मरीज को कैथेटराइजेशन लैब वाले जिला अस्पताल भेजा जाता है जहां एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी होती है। सारा डेटा लाइव डैशबोर्ड पर दर्ज होता है।
 

हृदय रोग के कारण
मोटापा नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के मुताबिक, हरियाणा की शहरी महिलाओं में 44 फीसदी व गांव की महिलाओं में 33.2 फीसदी मोटापा है। वहीं, शहरी पुरुषों में 38.4 फीसदी और ग्रामीण इलाकों में 31 फीसदी है।

 

उच्च रक्तचाप हरियाणा का हर पांचवा झारास उच्य रक्तचाप से पीड़ित है। एनएफएचएस -6 के मुताबिक 20.9 शहरी पुरुष और 18.7 ग्रामीण पुरुष उच्च रक्तचाप का शिकार हैं। 17.8 फीसदी शहरी महिलाएं और 16.1 फीसदी ग्रामीण महिलाएं उच्य रक्तचाप से पीड़ित हैं।

ब्लड शुगर 
हरियाणा के 19.8 शहरी पुरुष व 17.7 फीसदी ग्रामीण पुरुष ब्लड शुगर से पीड़ित हैं। शहरी महिलाएं 18.2 फीसदी और 15.9 ग्रामीण महिलाएं ब्लड शुगर से पीड़ित हैं। इनका ब्लड शुगर 140 एमजी/डीएल से ज्यादा मिला है।
 

तंबाकू 
हरियाणा का चार में से एक पुरुष किसी न किसी रूप में तंबाकू का इस्तेमाल करता है। महिलाओं की दर शहरी इलाकों में मात्र 1.3 फीसदी व ग्रामीण इलाकों में 2.8 फीसदी है।
 

मौत के साल दर-साल आंकड़े
वर्ष मौत
2019-20 10,898
2020-21 12,056
2021-22 14,072
2022-23 12,937
2023-24 11,670
2024-25 11,703
2025-26 12,203
कुल 85,539
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