'वादों का हिसाब दें': हरियाणा के सीएम नायब सैनी का केजरीवाल-मान को चैलेंज, राहुल पर भी कसा तंज; खास बातचीत
हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने कहा कि पंजाब के लोग भाजपा को पूर्ण बहुमत देंगे तो जैसे हरियाणा में नशे के खिलाफ और अन्य काम हो रहे हैं, पंजाब में भी होंगे। मोदी सरकार की जिन योजनाओं का लाभ हरियाणा के लोग उठा रहे हैं उन सभी का लाभ पंजाब के लोगों को भी मिलेगा। पढ़ें अमर उजाला से उनकी खास बातचीत...
विस्तार
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब के युवाओं के साथ धोखा किया है और कांग्रेस देश के युवाओं को गुमराह कर रही है। आप सरकार ने पंजाब में 25 लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था लेकिन पूरा नहीं किया।
उन्होंने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल व पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को चुनौती दी कि अब जबकि उनकी सरकार के दो माह ही बचे हैं तो वह साझा प्रेस कांफ्रेंस करके बताएं कि कितने रोजगार दिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं से झूठ बोलकर उन्हें सड़कों पर दौड़ा रही है कि वोट चोरी हो गया...कहीं राहुल गांधी खुद ही चोरी न हो जाएं।
हमने दो साल में 76 वादे पूरे किए, आप ने क्या किया
अमर उजाला से विशेष बातचीत में नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में दो साल में उनकी सरकार ने संकल्प पत्र के 217 में से 76 वादे पूरे कर लिए हैं, बाकी भी तीन साल से पहले पूरे कर लिए जाएंगे। पंजाब में भाजपा की जमीन मजबूत करने के लिए सालभर में सौ के करीब दौरे कर चुके सैनी ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी ने जो वादे किए थे, लोग उन्हें भी देख रहे हैं।
पंजाब में कितनों को रोजगार मिला
केजरीवाल और मान ने मंचों से कहा था कि ''साड्डी (हमारी) पार्टी कट्टर ईमानदार'' है। पंजाब के भोले लोगों ने यह जानकर उन पर भरोसा कर लिया कि कांग्रेस ने तो कुछ किया नहीं, यह लोग शायद भला करेंगे लेकिन हुआ नहीं। पंजाब के कितने लोगों को रोजगार मिला वह अब बताएं...नहीं तो मैं बता देता हूं। पंजाब और हरियाणा में एक ही दिन दो भर्ती परीक्षाओं के रिजल्ट घोषित हुए। हरियाणा में शिक्षकों की भर्ती का नतीजा घोषित हुआ और उसी दिन सूची जारी हो गई। मैं उस दिन पुन्हाना में था। देखा कि उस ग्रामीण क्षेत्र के कई युवा भर्ती हुए हैं। उनकी कोई सिफारिश नहीं थी। दूसरी ओर पंजाब में एक्साइज इंस्पेक्टरों की भर्ती का नतीजा आता है। भर्ती कौन हुए..? वे भी हुए जिन्होंने अपने नाम के आगे किसी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, किसी ने डीपीआईएस, किसी ने फोटो तो किसी ने इक दिन कर्मां वाला...लिखा हुआ था। कई बच्चों ने दो फार्म भरे, दो सेंटर भरे, दोनों जगह से इंस्पेक्टर लग गए,। यह सब राहुल गांधी को नहीं दिखाई देता। उन्हें यह भी नहीं दिखाई देता कि पंजाब में नशे को रोकने का काम करने वाले एक नौजवान को गोली मार दी गई। आज तक राहुल गांधी पंजाब नहीं आए। उन्होंने कहा कि नशे के लिए पंजाब में रही सरकारें ही जिम्मेदार हैं, जिन्होंने झूठे वादे किए, झूठे प्रलोभन दिए, रंगला पंजाब के सब्जबाग दिखाए।
भगवंत मान के सवाल पर सैनी ने कहा कि 2007 से 17 तक हम शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन सरकार में जरूर थे लेकिन तब भी भाजपा ने नशे के खिलाफ आवाज उठाई थी। गठबंधन में भाजपा के हिस्से कुल 23 सीटें होती थीं, उनमें भी कितनी आतीं थीं?
हरियाणा में दस आईएमटी का काम तेज
हरियाणा में उद्यमियों को सुविधाओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि दस नए आईएमटी बनाने का काम प्रगति पर है। जींद वगैरह में क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। हम बाहर के उद्यमियों को हरियाणा में उद्योग लगाने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। दूसरी ओर, पंजाब से उद्योगपति दूसरे प्रदेशों में भाग रहे हैं। उनमें सुरक्षा का भाव नहीं है।
किसानों को नहीं आएग दिक्कत
उन्होंने कहा कि हरियाणा में किसानों को मंडियों में समस्या न आए, इस पर सरकार की पूरी नजर है। अव्यवस्थाएं हो जाती हैं, हम उन्हें दूर कर रहे हैं। इस बार एकदम से और समय से पहले ज्यादा धान आ जाने से यह दिक्कत हुई। आने वाले साल में इसे लेकर व्यवस्थाएं और दुरुस्त की जाएंगीं। दो लाख सरकारी नौकरियों के वादे और अब तक 46 हजार को रोजगार दिए जाने को बेरोजगारों से अन्याय बताने के विपक्ष के आरोप पर उन्होंने कहा कि विपक्ष झूठ बोल रहा है। कांग्रेस के अपने समय में स्थिति क्या थी, यह देखे। उसने कितने बच्चों को नौकरी दी। वह मुझसे श्वेतपत्र मांगते हैं, मैं उनसे इस मसले पर श्वेतपत्र मांगता हूं।
एमएसपी पर खरीदी जा रही है पूरी फसल
मुख्यमंत्री ने रोजगार, किसान, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखते हुए दो लाख सरकारी नौकरियां देने के वादे को पूरा करने के लिए भर्ती प्रक्रिया तेज करने की बात कही। कहा कि निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने और उद्योगों की जरूरत के हिसाब से आईटीआई व विश्वविद्यालय में कोर्स शुरू करने की सरकार की तैयारी है। किसानों से जुड़े मुद्दे पर सरकार का दावा है कि पूरी फसल एमएसपी पर खरीदी जा रही है।
हालांकि, धान खरीद के दौरान मंडियों में बढ़ते दबाव को देखते हुए अगले सीजन की तैयारियों में बदलाव की जरूरत भी मुख्यमंत्री ने मानी है। रंगदारी और अपराध पर सख्त कार्रवाई का भरोसा देने के साथ उन्होंने सरकारी धन की सुरक्षा के लिए नई निगरानी व्यवस्था बनाने की बात कही है। उन्होंने कहा- अपराधी कहीं भी छिपा जाए, उनकी पुलिस उसे पाताल से ढूंढकर ले आएगी। राहुल गांधी समेत विपक्ष पर भी काफी कुछ कहा है। पेश है विस्तृत बातचीत-
जवाब: देखिए, पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। तीसरी बार सरकार बनने के बाद दो साल पूरे हुए हैं। चुनाव के समय हमने जनता के सामने 217 संकल्प रखे थे। इनमें से 76 संकल्प पूरे कर चुके हैं। बाकी 143 पर काम चल रहा है। हमारी सरकार ने वादे पूरे करने के लिए पांच साल का इंतजार नहीं किया। कई वादे पहले ही साल में पूरे किए। हमारा प्रयास है कि जनता से किया हर वादा पूरा हो। किसान को उसकी फसल का सही दाम मिले। युवाओं को रोजगार मिले। आम परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। यही हमारी प्राथमिकता है।
सवाल: इनमें सबसे बड़ी उपलब्धि किसे मानते हैं?
जवाब: देखिए हमारी बहुत सारी उपलब्धियां हैं। विपक्ष की ड्यूटी विरोध करना मगर विरोध तो ठीक मुद्दे पर करें। उनके समय में क्या हालात थे। लोग उस हालात में भी नहीं बोलते थे। आपने ठीक कहा कि लोगों की अपेक्षाएं हैं। मोदी जी से बहुत अपेक्षाएं हैं। होनी भी चाहिए। उन अपेक्षाओं को पूरा करना सरकार का दायित्व है। हमारे लिए हर वर्ग का विकास जरूरी है। लेकिन किसानों की
बात करूं तो हमने उनकी पूरी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर खरीदने का फैसला किया। हरियाणा ऐसा करने वाला पहला राज्य है। हम किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम दिलाना चाहते हैं।
सवाल: मंडियों को लेकर कुछ समस्याएं हैं। इस समस्या का समाधान कैसे करेंगे?
जवाब: देखिए, इस बार धान की खरीद जल्दी शुरू करने के लिए हमने केंद्र सरकार से आग्रह किया था। केंद्र पूरे देश की परिस्थितियों को देखकर फैसला करता है। हमारी मांग पर 29 सितंबर से खरीद की अनुमति मिली। पहले फसल धीरे-धीरे मंडियों में आती थी। अब मशीनों के कारण कटाई तेजी से होती है। जो फसल पहले डेढ़-दो महीने में आती थी, वह अब करीब 15 दिन में मंडियों में पहुंच जाती है। इससे व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है। हमने मंडियों के बाहर भी कुछ जगहों की पहचान की है। अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगली बार 15 दिन के सीजन को ध्यान में रखकर तैयारी करें। किसानों को फसल बेचने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। मैं खुद अधिकारियों और मंडियों के संपर्क में रहता हूं। जहां दिक्कत आती है, वहां उपायुक्त को तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए जाते हैं। मैं किसान का बेटा हूं। किसान की परेशानी समझता हूं।
सवाल: भाजपा ने दो लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था। आप 46 हजार से ज्यादा युवाओं को नौकरी देने की बात कह रहे हैं। बाकी नौकरियां कब तक मिलेंगी?
जवाब: हमने हरियाणा लोक सेवा आयोग और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को भर्ती कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। भर्तियां लगातार चल रही हैं। हमारा लक्ष्य है कि युवाओं को समय पर नौकरी मिले। 2014 से पहले नौकरी पाने के लिए युवाओं और उनके परिवारों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ती थीं। उस समय क्या हालात थे, आज के युवाओं को पता नहीं है। इनके समय में बच्चे क्या उनके पिता भी परेशान होते थे। वह इस उधेड़बुन में रहता था कि किससे सिफारिश करें। सिफारिश लग गई तो पैसे का इंतजाम कैसे किया जाए। कई परिवार जमीन बेचते थे, गहने गिरवी रखते थे और कर्ज लेते थे। फिर भी नौकरी मिलने की गारंटी नहीं होती थी। आज हम बिना पर्ची, बिना खर्ची के नौकरी देने की व्यवस्था पर काम कर रहे हैं। युवाओं का भरोसा बढ़ा है।
सवाल: क्या सिर्फ सरकारी नौकरियों से बेरोजगारी दूर हो जाएगी? निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए क्या कर रहे हैं?
जवाब: नहीं, रोजगार के लिए निजी क्षेत्र भी बहुत जरूरी है। हम हरियाणा में उद्योग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। बजट में 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप यानी आईएमटी बनाने की घोषणा की थी। इनके लिए जमीन की पहचान और खरीद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हमने एक सर्वे भी कराया है कि युवाओं को किस तरह की नौकरी चाहिए और उद्योगों को किस तरह के प्रशिक्षित कर्मचारी चाहिए। सर्वे में 40 प्रतिशत युवाओं ने सरकारी नौकरी और 60 प्रतिशत ने निजी नौकरी की इच्छा जताई। अब हम उद्योगों और आईटीआई, पॉलिटेक्निक तथा विश्वविद्यालयों को जोड़ रहे हैं। उद्योग बताएंगे कि उन्हें किस तरह के कौशल वाले युवा चाहिए। उसी हिसाब से पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। इससे युवाओं को प्रशिक्षण के बाद नौकरी मिलने में मदद मिलेगी। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। कांग्रेस ने दस साल के शासन में कितने युवाओं को नौकरी दी और कितनों की नौकरी कोर्ट में रद्द हुई, यह बताए। कांग्रेस हमसे श्वेत पत्र मांगती है, लेकिन उसे अपने कार्यकाल का हिसाब भी देना चाहिए। वह बताए कि उसने दस साल में कितनों को और कैसे नौकरियां दीं। भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिना पर्ची, बिना खर्ची के युवाओं को नौकरी देकर उन्हें सशक्त बना रही है। आज युवाओं का भरोसा बढ़ा है।
सवाल: राहुल गांधी लगातार वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं। आप क्या कहना चाहेंगे?
जवाब: राहुल गांधी लगातार झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने एक घर में 300 वोट होने की बात कही थी। जब आपकी टीम वहां गई और पूछा तो घर के मालिक ने चार वोट होने की बात कही। उन्हें बिना आधार के आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के साथ बात करनी चाहिए। उनके पास कोई विजन नहीं है।
सवाल: हरियाणा में रंगदारी की घटनाओं से कारोबारी परेशान हैं। अपराधियों में डर पैदा करने के लिए सरकार क्या कर रही है?
जवाब: कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। पुलिस को साफ निर्देश हैं कि अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। जो व्यक्ति गलत नजर से आएगा तो वह अपने पैरों पर वापस नहीं जाएगा। विदेश में बैठकर धमकी देने वाले 14 आरोपियों को भी वापस लाया गया है। ऐसे मामलों में पुलिस लगातार काम कर रही है। विपक्ष इसमें भी झूठ फैला रहा है। कांग्रेस के समय में तो एफआईआर दर्ज नहीं होती थी। कांग्रेस के समय जो अपराध था वह किस चरम पर था। यदि इनके समय पर अपराध देखे तो उस समय आबादी भी कम थी। अब आबादी भी बढ़ी है। आज देखें तो उसमें बहुत बड़ी गिरावट है। हर व्यक्ति को सुरक्षित रहने और सम्मान से जीने का अधिकार है। अगर किसी को धमकी मिलती है या उसकी शिकायत पर सुनवाई नहीं होती, तो वह मेरे पास आ सकता है। उसकी बात सुनी जाएगी और कार्रवाई होगी। अपराधी कहीं भी छिपा हो, उसे पाताल से भी ढूंढ कर लाएंगे।
सवाल: आपकी सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है। बैंक घोटाले में वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सामने आए। ऐसी घटनाएं कैसे रुकेगी?
जवाब: जिन निजी बैंकों को पैनल में शामिल किया गया था, वे 2013 में कांग्रेस सरकार के समय शामिल हुए थे। इस मामले में सरकार ने अपना पैसा वसूल कर लिया है। भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी तैयार की गई है। अब खातों और एफडी की निगरानी की व्यवस्था मजबूत की जाएगी। एफडी पूरी होने पर पैसा दूसरे बैंक में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी तय की गई है। हमारा प्रयास है कि सरकारी धन सुरक्षित रहे और ऐसी गड़बड़ी दोबारा न हो।
सवाल: एचकेआरएन के कर्मचारियों और बिजली कर्मचारियों की मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन होते हैं। सरकार इन समस्याओं को कैसे देखती है?
जवाब: हरियाणा कौशल रोजगार निगम यानी एचकेआरएन में हमने व्यवस्था सुधारने का काम किया है। पहले ठेकेदारी व्यवस्था में कर्मचारियों के शोषण की शिकायतें आती थीं। अब कर्मचारियों को उनका पूरा पैसा दिलाने की दिशा में काम किया गया है।बिजली कर्मचारियों की मांगों पर भी सरकार गंभीर है। इस मुद्दे पर बैठक रखी गई है। इसमें मंत्री शामिल होंगे और कर्मचारियों की मांगों पर विचार किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि बातचीत से समाधान निकले और व्यवस्था भी सुचारु रूप से चलती रहे।