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Chandigarh-Haryana News: साढ़े चार लाख एकड़ फसलें डूबी, 15 सितंबर तक खुला रहेगा क्षतिपूर्ति पोर्टल
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अमर उजाला ब्यूरो,चंडीगढ़।
हरियाणा में बरसात और जलभराव के कारण अभी भी खेतों में खड़ी पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं। किसानों को नुकसान का मुआवजा देने से पहले क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से ब्योरा दर्ज कराया जा रहा है। बुधवार तक प्रदेश के 1907 गांवों में 466902.36 एकड़ फसलें जलभराव की चपेट में हैं। अभी तक 76325 किसान खेतों में खड़ी फसलों में नुकसान का पोर्टल के माध्यम से ब्योरा दर्ज करा चुके हैं। वहीं, बरसात के चलते किसानों को नुकसान हो रहा है, इसी बात को ध्यान में रखकर आपदा एवं राजस्व विभाग ने प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान का ब्योरा दर्ज कराने के लिए 15 सितंबर तक अवधि बढ़ा दी है।
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हरियाणा में बरसात और जलभराव के कारण अभी भी खेतों में खड़ी पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं। किसानों को नुकसान का मुआवजा देने से पहले क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से ब्योरा दर्ज कराया जा रहा है। बुधवार तक प्रदेश के 1907 गांवों में 466902.36 एकड़ फसलें जलभराव की चपेट में हैं। अभी तक 76325 किसान खेतों में खड़ी फसलों में नुकसान का पोर्टल के माध्यम से ब्योरा दर्ज करा चुके हैं। वहीं, बरसात के चलते किसानों को नुकसान हो रहा है, इसी बात को ध्यान में रखकर आपदा एवं राजस्व विभाग ने प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान का ब्योरा दर्ज कराने के लिए 15 सितंबर तक अवधि बढ़ा दी है।