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Chandigarh-Haryana News: फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम से हत्या व चोरी का राज खुला
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एक मामला रोहतक व दूसरा पानीपत से जुड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) ने फिंगरप्रिंट विज्ञान और नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (एनएएफआईएस) का इस्तेमाल करते हुए सितंबर व अक्तूबर को हत्या व चोरी के दो मामलों को सुलझाने का दावा किया है। यह मामले काफी उलझे हुए थे।
पहला मामला रोहतक के सदर थाने से संबंधित मामला है। पुलिस के मुताबिक 15 जून को दयानंद ने दरखास्त दी कि उनका बेटा सतीश जो बीती रात से नहीं लौटा। इसके बाद भतीजे के साथ सतीश की तलाश में निकले जो बेहोशी की हालत गांव के ही सरकारी अस्पताल में मिला। इसके बाद उसे पीजीआई रोहतक ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस व अनुसंधान अधिकारी और फिंगरप्रिंट टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान फिंगरप्रिंट लिफ्टर ने बारीकी से निरीक्षण कर टूटी हुई शराब की बोतल के टुकड़े पाए। इन टुकड़ों पर चांस प्रिंट मिलने की संभावना को ध्यान में रखते हुए फिंगरप्रिंट लिफ्टर ने पाउडर की सहायता से चांस प्रिंट विकसित किए। इससे मिले प्रिंट की फोटोग्राफी कर एनएएफआईएस में अपलोड किया। इसका विश्लेषण करने पर फिंगर प्रिंट नरेश से मेल खा गया जो पहले से आपराधिक रिकॉर्ड वाला व्यक्ति था। तकनीकी साक्ष्य की पुष्टि के बाद आरोपी को ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया गया।
पानीपत में चोरी का खुला राज
दूसरा मामला पानीपत के चांदनी बाग थाने में चोरी का मामला था। सेक्टर 12 निवासी सोनू ने पुलिस को शिकायत दी कि उसके घर से सोने एक जोड़ी बालियां, एक सोने की अंगूठी व लगभग 60,000 रुपये नकदी गायब है। सूचना मिलते ही फिंगरप्रिंट की टीम व अन्य अधिकारी पहुंचे। फिंगरप्रिंट लोहे की अलमारी और लॉकर से चांस प्रिंट विकसित किए। फिंगरप्रिंट की फोटो कापी एनएएफआईएस में अपलोड की गई। इसका मिलान एक अपराधी सन्नी से हो गया। आरोपी को दबोच लिया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) ने फिंगरप्रिंट विज्ञान और नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (एनएएफआईएस) का इस्तेमाल करते हुए सितंबर व अक्तूबर को हत्या व चोरी के दो मामलों को सुलझाने का दावा किया है। यह मामले काफी उलझे हुए थे।
पहला मामला रोहतक के सदर थाने से संबंधित मामला है। पुलिस के मुताबिक 15 जून को दयानंद ने दरखास्त दी कि उनका बेटा सतीश जो बीती रात से नहीं लौटा। इसके बाद भतीजे के साथ सतीश की तलाश में निकले जो बेहोशी की हालत गांव के ही सरकारी अस्पताल में मिला। इसके बाद उसे पीजीआई रोहतक ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस व अनुसंधान अधिकारी और फिंगरप्रिंट टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान फिंगरप्रिंट लिफ्टर ने बारीकी से निरीक्षण कर टूटी हुई शराब की बोतल के टुकड़े पाए। इन टुकड़ों पर चांस प्रिंट मिलने की संभावना को ध्यान में रखते हुए फिंगरप्रिंट लिफ्टर ने पाउडर की सहायता से चांस प्रिंट विकसित किए। इससे मिले प्रिंट की फोटोग्राफी कर एनएएफआईएस में अपलोड किया। इसका विश्लेषण करने पर फिंगर प्रिंट नरेश से मेल खा गया जो पहले से आपराधिक रिकॉर्ड वाला व्यक्ति था। तकनीकी साक्ष्य की पुष्टि के बाद आरोपी को ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया गया।
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पानीपत में चोरी का खुला राज
दूसरा मामला पानीपत के चांदनी बाग थाने में चोरी का मामला था। सेक्टर 12 निवासी सोनू ने पुलिस को शिकायत दी कि उसके घर से सोने एक जोड़ी बालियां, एक सोने की अंगूठी व लगभग 60,000 रुपये नकदी गायब है। सूचना मिलते ही फिंगरप्रिंट की टीम व अन्य अधिकारी पहुंचे। फिंगरप्रिंट लोहे की अलमारी और लॉकर से चांस प्रिंट विकसित किए। फिंगरप्रिंट की फोटो कापी एनएएफआईएस में अपलोड की गई। इसका मिलान एक अपराधी सन्नी से हो गया। आरोपी को दबोच लिया गया है।
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