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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Families of deceased employees will get housing allowance for two years

Chandigarh-Haryana News: मृत कर्मचारियों के परिवारों को दो साल तक के लिए मिलेगा आवास भत्ता

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- सामान्य लाइसेंस शुल्क का भुगतान करके दो वर्ष तक आवास बरकरार रखने का प्रावधान
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारियों को भत्ते) नियम, 2016 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई। अब सेवा के दौरान किसी सरकारी कर्मचारी की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने पर उसके परिवार को उसकी मृत्यु से पहले से मिल रहा आवास भत्ता दो वर्ष की अवधि तक मिलता रहेगा। इसके अलावा वैकल्पिक रूप से परिवार सामान्य लाइसेंस शुल्क का भुगतान करके दो वर्ष की अवधि के लिए उस सरकारी आवास को भी बरकरार रख सकता है। वहीं, यदि मृतक कर्मचारी का परिवार दो वर्ष की अवधि पूरी होने से पहले स्वेच्छा से सरकारी आवास खाली कर देता है, तो उन्हें शेष अवधि के लिए कोई मकान किराया भत्ता नहीं मिलेगा।


एसीबी का नाम बदलकर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रखा
बैठक में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) का नाम बदलकर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा करने को मंजूरी मिल गई। यह फैसला ब्यूरो की बढ़ती भूमिका और जिम्मेदारियों की व्यापक समीक्षा के बाद लिया गया। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो नाम दोहरे फोकस को बेहतर ढंग से दर्शाता है, जिसमें भ्रष्टाचार से निपटना और प्रशासनिक ढांचे के भीतर सतर्कता तय करना है। ब्यूरो की जिम्मेदारी केवल भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों से कहीं अधिक है। सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक का संयुक्त नामकरण इसके कार्यों के पूर्ण दायरे को दर्शाता है, जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों में कदाचार, भ्रष्टाचार और पारदर्शिता के मुद्दों की जांच शामिल है। हरियाणा ब्यूरो का नाम बदलकर समान शीर्षक रखने का उद्देश्य राज्य को राष्ट्रीय रुझानों के साथ जोड़ना है, जिससे पूरे देशभर में अधिक एकरूपता और स्थिरता को बढ़ावा देना है।
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एक लाख की तय सीमा हटी, 10 हजार प्रतिमाह विशेष यात्रा भत्ता जारी रहेगा
मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा विधानसभा (सदस्यों का वेतन, भत्ते और पेंशन) अधिनियम, पेंशन के हकदार व्यक्तियों के लिए विशेष यात्रा भत्ते से संबंधित है। इसमें संशोधन के दौरान पहले से तय एक लाख रुपये की सीमा को हटा दिया गया है। नए प्रावधान के तहत पेंशन के हकदार प्रत्येक व्यक्ति को भारत में कहीं भी स्वयं या उसके परिवार के सदस्यों की यात्रा के लिए 10 हजार रुपये प्रति माह का विशेष यात्रा भत्ता मिलना जारी रहेगा।
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