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नशे का जाल: पांच पड़ोसी राज्यों से हरियाणा आ रही नशे की खेप, तस्कर हर बार अपनाते हैं अलग रूट और तरीके
Fri, 29 Nov 2024 01:12 PM IST
निवेदिता वर्मा
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 29 Nov 2024 01:12 PM IST
सार
हरियाणा का 1136 किलोमीटर सीमा पड़ोसी पांच राज्यों से जुड़ती है। इनमें सबसे अधिक 425 किलोमीटर की सीमा राजस्थान से जुड़ती है और 380 किलोमीटर सीमा पंजाब से जुड़ी है। उत्तर प्रदेश के साथ 282 किलोमीटर, दिल्ली से 152 किलोमीटर और हिमाचल प्रदेश से 97 किलोमीटर की सीमा लगती है। तस्कर इन्हीं सीमाओं का लाभ उठाते हैं और गांवों के रास्ते से लेकर एक्सप्रेस वे व हाईवे तक से नशे की आपूर्ति कर रहे हैं।
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आरोपी से बरामद नशा तस्कर
- फोटो : twitter
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विस्तार
नशे का गढ़ बनते जा रहे हरियाणा में पड़ोसी राज्यों से ही नशे की खेप आ रही है। पड़ोसी पांचों राज्यों पंजाब, राजस्थान, यूपी, हिमाचल व दिल्ली से हरियाणा में अलग-अलग नशे की आपूर्ति की जा रही है।
खास बात ये है कि राज्य और देश से बाहर बैठे तस्कर नशे की खेप भेजने के लिए हर बार नया रूट तैयार कर रहे हैं। जब तक पुलिस एक रूट का पता करती है, तब तक तस्कर दूसरा रूट तैयार कर लेते हैं। तस्करों का नेटवर्क और रूट इतना मजबूत होता है कि वह जब चाहें प्रदेश के किसी भी जिले में नशे की खेप भिजवा रहे हैं। अब तक हरियाणा पुलिस की ओर से नशा तस्करों या उनके कारिंदों की गिरफ्तारी से यह खुलासा हुआ है।
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खास बात ये है कि राज्य और देश से बाहर बैठे तस्कर नशे की खेप भेजने के लिए हर बार नया रूट तैयार कर रहे हैं। जब तक पुलिस एक रूट का पता करती है, तब तक तस्कर दूसरा रूट तैयार कर लेते हैं। तस्करों का नेटवर्क और रूट इतना मजबूत होता है कि वह जब चाहें प्रदेश के किसी भी जिले में नशे की खेप भिजवा रहे हैं। अब तक हरियाणा पुलिस की ओर से नशा तस्करों या उनके कारिंदों की गिरफ्तारी से यह खुलासा हुआ है।
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छोटे-छोटे रास्ते बन रहे माध्यम
हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) से सेवानिवृत्त अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि तस्कर नशा आपूर्ति के लिए न केवल हाईवे का प्रयोग कर रहे हैं, बल्कि छोटे-छोटे रास्तों के माध्यम से भी जिलों में नशा भेजा जा रहा है। तस्कर नशा लेकर सार्वजनिक परिवहन सेवा में सफर करते हैं और निजी गाड़ियों से लेकर फल और सब्जियों के ट्रकों में भी नशा ला रहे हैं। एनसीबी का मानना है कि यूं तो हरियाणा में दस राज्यों से नशा आ रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा पड़ोस में लगे पांचों राज्यों से अधिक नशा सप्लाई होता है। दिल्ली, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान, यूपी, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और बिहार से हरियाणा में ड्रग्स भेजा जा रहा है।सुरेंद्र सिंह ने बताया कि नशा तस्कर एक रूट पर काम नहीं करते। वे नशा सप्लाई के लिए अलग-अलग रूट बनाते हैं और अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। यकीनन हरियाणा पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो तस्करों के नेटवर्क को तोड़ रहा है, लेकिन जब तक गांववासी और शहरवासी खुलकर साथ नहीं आएंगे, इस नेटवर्क तोड़ना आसान नहीं होगा।