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हरियाणा में सांसों पर खतरा बरकरार: दिल्ली NCR से सटे 14 जिलों में ग्रैप-2 की सख्ती लागू, बहादुरगढ़ रेड जोन में
Sun, 10 Nov 2024 08:21 AM IST
नवीन दलाल
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: नवीन दलाल
Updated Sun, 10 Nov 2024 08:21 AM IST
सार
देश के 50 शहरों का एक्यूआई 200 से 300 के बीच हैं। इसमें प्रदेश के 12 जिले शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा एक्यूआई चरखी-दादरी 292 है। वहीं, दिल्ली एनसीआर से सटे 14 जिलों में 21 अक्तूबर से ग्रैप-2 की सख्ती लागू हैं।
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वायु प्रदूषण
- फोटो : Adobe stock
विस्तार
हरियाणा में प्रदूषण रोकथाम के सरकारी दावों के बीच बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं की सांसों पर खतरा बरकरार है। एक दिन पूर्व देश का सबसे प्रदूषित शहर बहादुरगढ़ शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी रेड जोन में है। हालांकि, एक दिन में बहादुरगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 392 से घटकर 305 हुआ है। जबकि चरखी-दादरी (292) भी रेड जोन के करीब है। प्रदेश में हवा की खराब स्थिति को देखकर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(एचएसपीसीबी) ने सभी जिलों में तैनात अपने अधिकारियों से कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की हैं।
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दिल्ली एनसीआर से सटे 14 जिलों में 21 अक्तूबर से ग्रैप-2 की सख्ती लागू हैं। इनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला, जींद, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी शामिल हैं। इस सख्ती का जमीनी स्तर पर कितना अमल हुआ, प्रदूषण रोकने वाले उपकरणों का कितना उपयोग किया गया है। साथ बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए उपकरण या मैनपॉवर स्तर पर किसी असुविधा होने की जानकारी भी मांगीं गई है।
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बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक प्रदूषण रोकने के लिए राज्य में एक अक्तूबर से विंटर एक्शन प्लान लागू है। इसमें सड़कों की साफ-सफाई, धूल कण दबाने के लिए छिड़काव, सड़कों की मरम्मत व पैचवर्क के निर्देश हैं। निर्माण स्थल पर एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल अनिवार्य है। वहीं, खुले में कूड़ा जलाने, होटलों, खुले भोजनालयों में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई है। ग्रैप-2 के तहत डीजल वाहनों, जलने वाले कचरे, निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध, ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को बंद करने सहित अन्य पाबंदियां होती हैं।
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प्रदेश के 12 जिलों का एक्यूआई 200 से पार
देश के 50 शहरों का एक्यूआई 200 से 300 के बीच हैं। इसमें प्रदेश के 12 जिले शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा एक्यूआई चरखी-दादरी 292 है। साथ ही भिवानी 219, फरीदाबाद 204, फतेहाबाद 203, गुरुग्राम 252, हिसार 247, जींद 276, कुरुक्षेत्र 204, पंचकूला 237, रोहतक 229, सोनीपत 260, यमुनानगर 226 हैं।