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Chandigarh-Haryana News: एक माह में बनेंगे कांग्रेस के जिलाध्यक्ष, उम्र होगी 35 से 55 साल
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गुजरात मॉडल पर चयन : करना होगा आवेदन, पांच साल तक कांग्रेस की सदस्यता अनिवार्य
-कल राहुल गांधी चंडीगढ़ में, प्रदेश के शीर्ष नेताओं, केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ करेंगे बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। 11 साल बाद हरियाणा कांग्रेस के संगठन विस्तार को लेकर शीर्ष नेता एक बार फिर गंभीर नजर आ रहा है। इसके लिए एक माह की समयसीमा भी तय कर दी है। पार्टी के हरियाणा प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने पत्रकारों से कहा कि पहली बार नई प्रक्रिया के तहत कांग्रेस के जिलाध्यक्षों व ब्लॉक स्तर के नेताओं की नियुक्ति की जा रही है।
पत्रकारों से बातचीत में बीके हरिप्रसाद ने कहा कि जिलाध्यक्ष के लिए पहली प्राथमिकता के तौर पर 35 से 55 साल की उम्र और पांच साल कांग्रेस की सदस्यता अनिवार्य की गई है। इसके ऊपर की उम्र में किसी वरिष्ठ व सम्मानित नेता को जिलाध्यक्ष बनाने पर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी फैसला लेंगे। भविष्य में इन्हें चुनाव प्रत्याशी बनाने को लेकर भी राहुल गांधी ही फैसला लेंगे। गुजरात में यह मॉडल सफल रहा है। राहुल गांधी 4 जून को चंडीगढ़ आ रहे हैं।
बीके हरिप्रसाद ने कहा कि 2025 संगठन का साल है। हर जिले में अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी (एआईसीसी) के एक-एक पर्यवेक्षक के साथ जिलों में फीडबैक लेने के लिए तीन-तीन प्रदेश स्तर के पर्यवेक्षक होंगे, उन्हें हाईकमान ने तय किया है। इस तरह कुल 68 पर्यवेक्षकों के अलावा 8 अतिरिक्त पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं। पर्यवेक्षकों में 16 पूर्व विधायक और एक पूर्व सांसद शामिल हैं।
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इस तरह चलेगी नियुक्ति प्रक्रिया
पर्यवेक्षकों द्वारा सभी जिलों में फीडबैक लेने के साथ स्थानीय नेताओं से बातचीत होगी। पहली बार हर जिले में पर्यवेक्षक दावेदारों से आवेदन मांगेंगे। यानी कोई भी आवेदन कर सकता है। यह आवेदन फॉर्म के जरिए आवेदन करना होगा। पर्यवेक्षकों के स्तर पर जिलाध्यक्ष चुनें गए तो ठीक वरना वे तीन नाम राहुल गांधी को भेंजेंगे। फिर कांग्रेस हाईकमान अध्यक्ष तय करेगा। जो अध्यक्ष पर्यवेक्षक तय करेंगे, उनकी सूची भी पहले राहुल गांधी को भेजी जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत चुने गए जिलाध्यक्षों को आगामी चुनावों में सेंट्रल इलेक्शन कमेटी में बुलाया जाएगा और वहां अपने जिले में टिकट वितरण पर राय दे सकेंगे जोकि पहले नहीं होता था।
वरिष्ठ नेताओं और पर्यवेक्षकों से अलग-अलग बैठकें
प्रेस कांफ्रेस में प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने बताया कि पहली बार गांधी परिवार का कोई सदस्य हरियाणा कांग्रेस दफ्तर आ रहा है। चार जून को सबसे पहले सुबह 11.30 बजे राहुल गांधी 17 वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इनमें एआईसीसी के महासचिव केसी वेणुगोपाल, वह खुद, पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा, सांसद कुमारी सैलजा, राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला सहित 17 वरिष्ठ नेता मौजूद होंगे। इसके बाद 22 केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद रवाना हो जाएंगे।
अब राहुल रथ पर हरियाणा कांग्रेस
विधानसभा चुनाव में 37 सीटें जीतने के बावजूद सरकार न बना पाई कांग्रेस सात महीने बाद सक्रिय हुई है। प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी जगजाहिर है, इस कारण 11 साल से लटके संगठन विस्तार में राहुल गांधी की एंट्री हुई है। पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से लेकर जिला अध्यक्षों की नियुक्ति तक पूरी प्रक्रिया की कमान राहुल ने संभाल ली है। साफ है कि अब प्रदेश के नेताओं की गुटबाजी से दूर होकर राहुल रथ पर हरियाणा कांग्रेस सवार हो चुकी है।
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-कल राहुल गांधी चंडीगढ़ में, प्रदेश के शीर्ष नेताओं, केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ करेंगे बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। 11 साल बाद हरियाणा कांग्रेस के संगठन विस्तार को लेकर शीर्ष नेता एक बार फिर गंभीर नजर आ रहा है। इसके लिए एक माह की समयसीमा भी तय कर दी है। पार्टी के हरियाणा प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने पत्रकारों से कहा कि पहली बार नई प्रक्रिया के तहत कांग्रेस के जिलाध्यक्षों व ब्लॉक स्तर के नेताओं की नियुक्ति की जा रही है।
पत्रकारों से बातचीत में बीके हरिप्रसाद ने कहा कि जिलाध्यक्ष के लिए पहली प्राथमिकता के तौर पर 35 से 55 साल की उम्र और पांच साल कांग्रेस की सदस्यता अनिवार्य की गई है। इसके ऊपर की उम्र में किसी वरिष्ठ व सम्मानित नेता को जिलाध्यक्ष बनाने पर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी फैसला लेंगे। भविष्य में इन्हें चुनाव प्रत्याशी बनाने को लेकर भी राहुल गांधी ही फैसला लेंगे। गुजरात में यह मॉडल सफल रहा है। राहुल गांधी 4 जून को चंडीगढ़ आ रहे हैं।
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बीके हरिप्रसाद ने कहा कि 2025 संगठन का साल है। हर जिले में अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी (एआईसीसी) के एक-एक पर्यवेक्षक के साथ जिलों में फीडबैक लेने के लिए तीन-तीन प्रदेश स्तर के पर्यवेक्षक होंगे, उन्हें हाईकमान ने तय किया है। इस तरह कुल 68 पर्यवेक्षकों के अलावा 8 अतिरिक्त पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं। पर्यवेक्षकों में 16 पूर्व विधायक और एक पूर्व सांसद शामिल हैं।
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इस तरह चलेगी नियुक्ति प्रक्रिया
पर्यवेक्षकों द्वारा सभी जिलों में फीडबैक लेने के साथ स्थानीय नेताओं से बातचीत होगी। पहली बार हर जिले में पर्यवेक्षक दावेदारों से आवेदन मांगेंगे। यानी कोई भी आवेदन कर सकता है। यह आवेदन फॉर्म के जरिए आवेदन करना होगा। पर्यवेक्षकों के स्तर पर जिलाध्यक्ष चुनें गए तो ठीक वरना वे तीन नाम राहुल गांधी को भेंजेंगे। फिर कांग्रेस हाईकमान अध्यक्ष तय करेगा। जो अध्यक्ष पर्यवेक्षक तय करेंगे, उनकी सूची भी पहले राहुल गांधी को भेजी जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत चुने गए जिलाध्यक्षों को आगामी चुनावों में सेंट्रल इलेक्शन कमेटी में बुलाया जाएगा और वहां अपने जिले में टिकट वितरण पर राय दे सकेंगे जोकि पहले नहीं होता था।
वरिष्ठ नेताओं और पर्यवेक्षकों से अलग-अलग बैठकें
प्रेस कांफ्रेस में प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने बताया कि पहली बार गांधी परिवार का कोई सदस्य हरियाणा कांग्रेस दफ्तर आ रहा है। चार जून को सबसे पहले सुबह 11.30 बजे राहुल गांधी 17 वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इनमें एआईसीसी के महासचिव केसी वेणुगोपाल, वह खुद, पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा, सांसद कुमारी सैलजा, राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला सहित 17 वरिष्ठ नेता मौजूद होंगे। इसके बाद 22 केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद रवाना हो जाएंगे।
अब राहुल रथ पर हरियाणा कांग्रेस
विधानसभा चुनाव में 37 सीटें जीतने के बावजूद सरकार न बना पाई कांग्रेस सात महीने बाद सक्रिय हुई है। प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी जगजाहिर है, इस कारण 11 साल से लटके संगठन विस्तार में राहुल गांधी की एंट्री हुई है। पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से लेकर जिला अध्यक्षों की नियुक्ति तक पूरी प्रक्रिया की कमान राहुल ने संभाल ली है। साफ है कि अब प्रदेश के नेताओं की गुटबाजी से दूर होकर राहुल रथ पर हरियाणा कांग्रेस सवार हो चुकी है।