{"_id":"68176b3a28bb44fb570941be","slug":"cm-saini-and-minister-rao-narbir-will-visit-vantara-project-on-7th-and-8th-june-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1089-700608-2025-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: सीएम सैनी और मंत्री राव नरबीर 7 व 8 जून को करेंगे वनतारा परियोजना का दौरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: सीएम सैनी और मंत्री राव नरबीर 7 व 8 जून को करेंगे वनतारा परियोजना का दौरा
विज्ञापन
- इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बनाई जा रही है जंगल सफारी : राव
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह 7 व 8 जून को जामनगर (गुजरात) की वनतारा परियोजना का दौरा करेंगे। हरियाणा वन विभाग अरावली क्षेत्र में जंगल सफारी व ग्रीन वाॅल प्रोजेक्ट वन्य जीवों को बचाने के कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इसी संबंध में सीएम व मंंत्री यह दौरा कर रहे हैं।
मंत्री राव ने कहा कि जंगल सफारी परियोजना पहले पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की जानी थी, मगर अब सीएम नायब सिंह सैनी ने इसकी जिम्मेदारी वन एवं वन्य जीव विभाग को सौंपी है। अरावली ग्रीन वॉल परियोजना के तहत हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली सहित चार राज्यों में 1.15 मिलियन हेक्टेयर से अधिक भूमि का सुधार कर बहु-राज्य सहयोग का एक मॉडल प्रदर्शित करना है। इससे अरावली क्षेत्र में लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। राज्य में वन मित्रों की नियुक्ति की गई है, जो स्थानीय लोगों को वनों से जोड़ रहे हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह 7 व 8 जून को जामनगर (गुजरात) की वनतारा परियोजना का दौरा करेंगे। हरियाणा वन विभाग अरावली क्षेत्र में जंगल सफारी व ग्रीन वाॅल प्रोजेक्ट वन्य जीवों को बचाने के कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इसी संबंध में सीएम व मंंत्री यह दौरा कर रहे हैं।
मंत्री राव ने कहा कि जंगल सफारी परियोजना पहले पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की जानी थी, मगर अब सीएम नायब सिंह सैनी ने इसकी जिम्मेदारी वन एवं वन्य जीव विभाग को सौंपी है। अरावली ग्रीन वॉल परियोजना के तहत हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली सहित चार राज्यों में 1.15 मिलियन हेक्टेयर से अधिक भूमि का सुधार कर बहु-राज्य सहयोग का एक मॉडल प्रदर्शित करना है। इससे अरावली क्षेत्र में लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। राज्य में वन मित्रों की नियुक्ति की गई है, जो स्थानीय लोगों को वनों से जोड़ रहे हैं।
विज्ञापन