युद्ध-नशे के विरुद्ध: अमर उजाला कार्यक्रम में बोले सीएम सैनी- नशा रोकने में नाकाम अफसरों पर होगी कड़ी कार्रवाई
हरियाणा में नशे के खिलाफ शुरू किया गया अमर उजाला का अभियान 'युद्ध-नशे के विरुद्ध' दूसरे चरण में प्रवेश कर गया है। अभियान के तहत मंगलवार को पंचकूला के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में राज्य स्तरीय कार्यक्रम एवं संवाद का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत की।
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हरियाणा में नशे की बढ़ती समस्या को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि जिस भी अधिकारी के क्षेत्र में नशा फैलता है उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके क्षेत्र में नशा न बढ़े। नशे के खिलाफ अमर उजाला की ओर से चलाए जा रहे अभियान युद्ध-नशे के विरुद्ध के तहत बुधवार को पंचकूला में राज्यस्तरीय कार्यक्रम व संवाद (संगोष्ठी) में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एलान किया कि नशा तस्करी में शामिल लोगों को छोड़ेंगे नहीं। नशे को जड़ से खत्म करने की दिशा में जो अधिकारी तत्परता से काम करेगा, सरकार उसे सम्मानित करेगी।
कार्यक्रम के दौरान गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख डीजीपी ओपी सिंह और स्वास्थ्य महानिदेशक डाॅ. कुलदीप भी मौजूद रहे। इस दौरान नशे के खिलाफ जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे विभागों के विशेषज्ञों के बीच सामूहिक चर्चा भी हुई। इसमें सभी ने एक सुर से कहा कि यह लड़ाई अकेले नहीं जीती जा सकती। सरकार और विभागों के साथ-साथ समाज और घर-परिवार को मिलकर जन जागरूकता लानी होगी।
चर्चा में स्वास्थ्य निदेशक (मनोरोग) डॉ. ब्रह्मदीप सिद्धू, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की एसपी पंखुड़ी कुमार, हरियाणा के औषधि नियंत्रक मनमोहन तनेजा, कानून विशेष व वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक राणा, स्वयंसेवी संगठन अराइव सेफ के संचालक हरमन सिद्धू और नशामुक्ति केंद्र के संचालक डॉ. अभिमन्यु रामपाल शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नशे के खिलाफ उत्कृष्ट कार्य करने वाले अलग-अलग जिलों से आए लोगों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंच से कहा कि नशे को जड़ से खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने पूरी परिकल्पना तैयार कर ली है। सरकार बहुत जल्द नशे के खिलाफ अभियान में ग्राम पंचायतों को जोड़ने जा रही है। सभी ग्राम पंचायतों को बुलाकर उनको नशे के खिलाफ बनाए गए एजेंडे को सौंपा जाएगा। जो ग्राम पंचायत अपने गांव को नशामुक्त करेगी, उसे सरकार सम्मानित करेगी। जमीनी हकीकत का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि नशे के बारे में लोगों को पता होता है और वह बात भी करते हैं। महिलाएं भी बोलती हैं कि नशा बिकता है, मगर वे जानकारी कहां दें, क्योंकि गांव के अंदर कोई भी व्यक्ति सीधे शिकायत करने से बचता है। इसलिए सरकार एक पोर्टल ला रही है, जिसमें लोग नशा तस्करी के बारे में सूचनाएं दे सकेंगे और सूचना देने वालों के नाम गुप्त रखे जाएंगे।
माता-पिता बच्चों से करें बात, नशा खत्म करने में अहम भूमिका
सीएम ने कहा कि नशे की समस्या को खत्म करने में माता-पिता की अहम भूमिका है। सभी मां-बाप को इस पर गहन चिंतन की जरूरत है। वह अपने बच्चों से इस विषय पर निरंतर चर्चा करें। यदि बच्चों के मन में नशे को लेकर कोई भावना आती है तो उस पर तुरंत काम करें। बच्चों के अंदर इस तरह से संस्कार डालें कि वह अपने जीवन में कभी भी नशे का इस्तेमाल न करे, क्योंकि नशा गरीबी को भी आमंत्रित करता है। नशे से अच्छा से अच्छा और प्रतिभावान बच्चा भी बर्बाद हो जाता है।
अमर उजाला अभियान को सरकार का साथ : सैनी
अमर उजाला के युद्ध-नशे के विरुद्ध अभियान की तारीफ करते हुए सीएम ने कहा कि यह अभियान एक दिन रंग लाएगा और प्रदेश से नशे की समस्या जड़ से खत्म होगी। अमर उजाला के अभियान को सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि यह अभियान आज से और भी तेज गति से चलेगा और पूरा प्रदेश इससे जुड़ेगा। जागरूकता अभियान के लिए संत-महात्मा को बुलाकर नशे के विरुद्ध अपील भी करवाई जाएगी। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों को नशे के विरुद्ध शपथ भी दिलाई।
संवाद (संगोष्ठी) के मुख्य बिंदु
- हरियाणा को नशे से बचाने के लिए अपने घर से ही शुरुआत करनी होगी।
- बच्चों में नशे से लड़ने के लिए संस्कार डालें, जो उनके लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा
- नशे के आरोपियों के खिलाफ पुलिस अपनी कहानी के बजाय असल तथ्य रखे तो आरोपी को जमानत नहीं मिलेगी।
- नशा खरीदने वालों को रोकना है, जब ग्राहक ही नहीं होंगे तो नशे की सप्लाई भी नहीं होगी।