फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   BJP has never won elections in 25 persent villages now focus is on them

Chandigarh-Haryana News: भाजपा 25 फीसदी गांवों में चुनाव कभी नहीं जीती, अब उन्हीं पर फोकस

विज्ञापन
मिशन-2029 : भाजपा ने 2014 से 2024 तक के छह चुनावों का किया आकलन
विज्ञापन


-24 फीसदी गांवों में पार्टी चुनाव जीतती रही है, 18 फीसदी गांवों में पार्टी कभी कभार जीती
- भाजपा का लक्ष्य विधानसभा चुनाव में पार्टी के वोट बैंक को 50 फीसदी करना


आशीष वर्मा
चंडीगढ़। हरियाणा में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के बाद भाजपा अब अपने अगले मिशन में जुट गई है। भाजपा का अगला लक्ष्य 2029 का विधानसभा चुनाव है। करीब साढ़े चार साल बाद होने वाले चुनाव में पार्टी अभी से तैयारी में लग गई है। हाल ही में पार्टी ने पिछले छह चुनाव का विश्लेषण किया है, जिसमें सामने आया है कि कुल गांवों में से 25 फीसदी गांवों में पार्टी कभी चुनाव नहीं जीत पाई। इन गांवों में चुनाव हारने के लिए कई कारण हैं, जिनमें जातीय समीकरण, स्थानीय गांव फैक्टर और कमजोर संगठन शामिल हैं। पार्टी ने इस रिपोर्ट को शीर्ष नेतृत्व को सौंप दिया है। अब इन गांवों में नए सिरे से रणनीति तैयार करने की सिफारिश की गई है।
पार्टी का लक्ष्य विधानसभा चुनाव में अपने वोट प्रतिशत को 50 फीसदी करना है। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी को 39.94 फीसदी वोट मिले थे। इसके तुरंत बाद भाजपा ने गांवों में चुनाव हारने के कारणों को तलाशने का काम शुरू किया। प्रदेश की कुल आबादी में से 67 फीसदी आबादी गांव व ढाणियों में बसती है।
विज्ञापन

18 फीसदी गांव ऐसे, जहां पार्टी छह चुनाव में एक बार जरूर जीती
पार्टी ने गांवों में 2014 से 2024 तक हुए चुनावों का विश्लेषण किया। इन दस सालों में तीन लोकसभा और तीन विधानसभा चुनाव हुए हैं। छह चुनाव के विश्लेषण में सामने आया है कि 67 फीसदी गांवों में 24 फीसदी गांवों में पार्टी चुनाव जीतती रही है। 18 फीसदी ऐसे गांव हैं, जहां पार्टी इन छह चुनाव में एक बार जरूर जीती है। वहीं 25 फीसदी गांव ऐसे हैं, जहां पार्टी कभी चुनाव नहीं जीती है। पार्टी ने इन गांवों का नाम तो नहीं बताया, मगर उन्होंने जिलों का जरूर उल्लेख किया है। जैसे कि सिरसा एक ऐसा जिला है, जहां पार्टी को पांचों सीटों पर करारी हार झेलनी पड़ी। इनमें सिरसा, डबवाली, कालांवली, ऐलनाबाद और रानियां विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। सिरसा में तीन सीटें कांग्रेस और दो सीटें इनेलो ने जीतीं। इसके अलावा रोहतक, झज्जर, फतेहाबाद के कुछ गांव शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक गांव को एक विधानसभा क्षेत्र मानकर काम करेगी पार्टी
जिन गांवों में भाजपा अब तक कोई चुनाव नहीं जीत पाई है, अब पार्टी ने उन गांवों की सूची तैयार कर ली है। पार्टी ने इन गांवों की सूची प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को सौंप दी है। पार्टी का लक्ष्य इन गांवों में वोट बैंक को बढ़ाना है। पार्टी एक गांव को एक विधानसभा क्षेत्र मानकर काम करेगी। सबसे पहले इन इलाकों में संगठन को मजबूत करने का काम किया जाएगा और उसके बाद इन गांवों की समस्याओं पर काम किया जाएगा। इसीलिए इन गांवों की रिपोर्ट सरकार को भी सौंपी गई है। पार्टी का मानना है कि यदि इन गांवों में वोट बैंक बढ़ता है तो इसका असर कुल वोटों पर भी पड़ेगा।

-----
हमने पिछले छह चुनावों का आकलन किया है। जिन गांवों में पार्टी की स्थिति कमजोर थी, उन्हें मजबूत करने की रणनीति तैयार की है। इस पर पार्टी ने काम शुरू कर दिया है।

-मोहन लाल बड़ौली, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed