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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Air becomes suffocating, Bahadurgarh is the second most polluted city in the country, Weather News, Haryana News

Chandigarh-Haryana News: दमघोंटू हुई हवा, बहादुरगढ़ देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर

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- देशभर में सबसे ज्यादा प्रदूषित यूपी को नोएडा, हरियाणा के 5 शहरों का हवा बेहद खराब
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश के कई शहरों की हवा दमघोंटू हो गई है। देशभर में बहादुरगढ़ दूसरा सबसे प्रदूषित शहर है। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 464 पहुंच गया है जो गंभीर स्थिति में मानी जाती है। देश में पहला सबसे प्रदूषित शहर यूपी का नोएडा और तीसरा सबसे प्रदूषित शहर राजधानी दिल्ली है जहां एक्यूआई क्रमश: 466 व 461 है। वहीं, बेहद खराब श्रेणी में आठ शहरों में प्रदेश के पांच शहर शामिल है। दिल्ली एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप-4) लागू होने से प्रदेश के 14 जिलों में पाबंदियां जारी है। बेहद खराब श्रेणी (300 से 400) एक्यूआई वाले शहरों में सबसे ज्यादा प्रदूषित धारूहेड़ा का 394 एक्यूआई है जोकि सिर्फ मानक के आधार पर देखे तो गंभीर श्रेणी में आने से मामूली अंतर है। इसी तरह पानीपत का 382, मानेसर का 356, जींद का 333 और बल्लभगढ़ का एक्यूआई 313 है। 13 दिसंबर को ग्रैप-4 लागू किया गया है। एक दिन पूर्व भी देश के 17 बेहद खराब आबोहवा वाले शहरों में हरियाणा के सात शहर शामिल थे। इनमें पानीपत 426 गंभीर श्रेणी में था, जिसमें दूसरे दिन मामूली सुधार हुआ है। इसी तरह धारूहेड़ा 368, बल्लभगढ़ 356, बहादुरगढ़ 353, मानेसर 351, जींद 332 और गुरुग्राम का एक्यूआई 322 था।
नौ शहर का एक्यूआई 200-300 के बीच
इसी तरह राज्य के 9 शहरों का एक्यूआई खराब श्रेणी (200-300) के बीच है। इनमें सबसे ज्यादा एक्यूआई वाले शहर चरखीदादरी 287, फतेहाबाद 299, गुरुग्राम 291 हैं, जो खराब श्रेणी के बेहद करीब है। इसी तरह कुरुक्षेत्र 258, नारनौैल 217, पलवल 207, सोनीपत 276 और यमुनानगर 201 की हवा खराब श्रेणी में है।
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डीसी पर स्कूलों की जिम्मेदारी
शिक्षा निदेशालय की ओर से ग्रैप-2 लागू होने के बाद ही सभी जिलों के जिला उपायुक्त (डीसी) को उनके जिलों के स्कूलों की जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी थी। अपने जिले में प्रदूषण की स्थिति और गंभीरता को देखते हुए डीसी फैसला लेंगे कि स्कूलों को बंद करना है या खोलना है। डीसी ही स्कूलों के ऑनलाइन व ऑफलाइन संचालन पर भी निर्देश देंगे।
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प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण, राहत के आसार नहीं
चंडीगढ़ पीजीआई के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर रविंद्र खैवाल के मुताबिक ठंड बढ़ने के कारण प्रदूषित में तेजी आई है। साथ ही ठंड बढ़ने के कारण जगह-जगह कूड़ा या लकड़ियां जलाने की बढ़ती घटनाओं के साथ हवा की कम रफ्तार के कारण प्रदूषण बढ़ा रहेगा। इससे राहत तभी मिलेगा कि जब हवा की रफ्तार तेज होगी या पश्चिमी विक्षोभ की एंट्री होगी।

कब-कब लागू होते हैं ग्रैप के नियम -
201 से 300 (खराब)- ग्रैप-1

301-400 (बहुत खराब- ग्रैप-2

401 से 450 (गंभीर)- ग्रैप-3

450 से ऊपर (अति गंभीर)- ग्रैप- 4
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