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Chandigarh-Haryana News: 62.08 लाख मीट्रिक टन धान की आवक, अभी 6 लाख टन की उठान शेष
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किसानों को भुगतान के लिए 14,820.94 करोड़ रुपये के जे फाॅर्म काटे गए
आढ़ती बोले, धान की सरकारी खरीद बंद होने का कोई लिखित में आदेश नहीं
चंडीगढ़। हरियाणा में धान खरीद का कार्य बंद हो गया। अभी तक आवक की बात करें तो 62.09 लाख मीट्रिक टन धान आ चुका है। किसानों को भुगतान के लिए 14,820.94 करोड़ रुपये के जे फाॅर्म काटे गए हैं और इनका अब भुगतान होगा। धान उठान की बात करें तो अभी भी करीब 6 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों या क्रय केंद्रों में ही पड़ा है। आढ़तियों का कहना है कि धान की सरकारी खरीद बंद हो गई इसका लिखित में कोई आदेश नहीं आया है। मंडियों में अभी जिस धान की उठान नहीं हुई है उसका भुगतान भी तुरंत हो।
हरियाणा की मंडियों में अभी तक 62,09,091.26 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक हर्ष गिरधर का कहना है कि बाजरे की सरकारी खरीद शनिवार तक थी इसे लेकर आधिकारिक पत्र आ चुका है। धान की सरकारी खरीद बंद हो गई है इसे लेकर एसोसिएशन या आढ़तियों के पास कोई पत्र नहीं आया। रविवार को खरीद नहीं होती है इसलिए सोमवार को मुख्यालय में संपर्क करेंगे जिसमें हमारी तीन मांग हैं।
आढ़तियों की आढ़त और मजदूरों को मजदूरी के भुगतान की मांग की जाएगी। दूसरी मांग यह भी है कि जिन मंडियों में अभी धान की उठान नहीं हुई है। वहां उठान तुरंत हो और भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाए। खाद्य आपूर्ति विभाग के अनुसार एफसीआई ने 28.30 मीट्रिक टन, खाद्य आपूर्ति विभाग ने 31,30,540.75 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। हैफेड के माध्यम से 18,22,884.50 मीट्रिक टन और हरियाणा स्टेट वेयर काॅर्पोरेशन ने 9,86,082.09 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।
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जब भी फसलों की सरकारी खरीद होती है तो उसमें तिथि तय होती है। कई बार किसानों या अन्य की तिथि बढ़ाने की मांग आती है लेकिन अब धान की सरकारी खरीद को लेकर कोई तिथि नहीं बढ़ेगी। वहीं, जिन किसानों के गेटपास कट गए उन सभी की फसलों की खरीद की गई और भुगतान भी अधिकतर किसानों का करा दिया है। कोई किसान यदि रह गए होंगे तो नियमानुसार उन्हें भी 48 घंटे में भुगतान की प्रक्रिया का लाभ मिल जाएगा।
- राजेश नागर, मंत्री, खाद्य व आपूर्ति विभाग हरियाणा
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आढ़ती बोले, धान की सरकारी खरीद बंद होने का कोई लिखित में आदेश नहीं
चंडीगढ़। हरियाणा में धान खरीद का कार्य बंद हो गया। अभी तक आवक की बात करें तो 62.09 लाख मीट्रिक टन धान आ चुका है। किसानों को भुगतान के लिए 14,820.94 करोड़ रुपये के जे फाॅर्म काटे गए हैं और इनका अब भुगतान होगा। धान उठान की बात करें तो अभी भी करीब 6 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों या क्रय केंद्रों में ही पड़ा है। आढ़तियों का कहना है कि धान की सरकारी खरीद बंद हो गई इसका लिखित में कोई आदेश नहीं आया है। मंडियों में अभी जिस धान की उठान नहीं हुई है उसका भुगतान भी तुरंत हो।
हरियाणा की मंडियों में अभी तक 62,09,091.26 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक हर्ष गिरधर का कहना है कि बाजरे की सरकारी खरीद शनिवार तक थी इसे लेकर आधिकारिक पत्र आ चुका है। धान की सरकारी खरीद बंद हो गई है इसे लेकर एसोसिएशन या आढ़तियों के पास कोई पत्र नहीं आया। रविवार को खरीद नहीं होती है इसलिए सोमवार को मुख्यालय में संपर्क करेंगे जिसमें हमारी तीन मांग हैं।
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आढ़तियों की आढ़त और मजदूरों को मजदूरी के भुगतान की मांग की जाएगी। दूसरी मांग यह भी है कि जिन मंडियों में अभी धान की उठान नहीं हुई है। वहां उठान तुरंत हो और भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाए। खाद्य आपूर्ति विभाग के अनुसार एफसीआई ने 28.30 मीट्रिक टन, खाद्य आपूर्ति विभाग ने 31,30,540.75 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। हैफेड के माध्यम से 18,22,884.50 मीट्रिक टन और हरियाणा स्टेट वेयर काॅर्पोरेशन ने 9,86,082.09 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।
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जब भी फसलों की सरकारी खरीद होती है तो उसमें तिथि तय होती है। कई बार किसानों या अन्य की तिथि बढ़ाने की मांग आती है लेकिन अब धान की सरकारी खरीद को लेकर कोई तिथि नहीं बढ़ेगी। वहीं, जिन किसानों के गेटपास कट गए उन सभी की फसलों की खरीद की गई और भुगतान भी अधिकतर किसानों का करा दिया है। कोई किसान यदि रह गए होंगे तो नियमानुसार उन्हें भी 48 घंटे में भुगतान की प्रक्रिया का लाभ मिल जाएगा।
- राजेश नागर, मंत्री, खाद्य व आपूर्ति विभाग हरियाणा