{"_id":"f0e6d71734358aad6c2d8b48c24e0c90","slug":"bsc-student-sucide","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां-बाप के बाद बेटे ने भी की खुदकुशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां-बाप के बाद बेटे ने भी की खुदकुशी
भूना, फतेहाबाद/ब्यूरो
Updated Thu, 19 Dec 2013 10:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव गोरखपुर में बुधवार रात बीएससी छात्र सन्नी ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली।
मृतक के मामा ने आरोप लगाया है कि युवक को उसके चाचा रणबीर, ताऊ राजेंद्र कुमार और बुआ दयावंती ने जमीन हड़पने के लिए पीटा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इस वजह से युवक ने आत्महत्या की है। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। मामा ने आरोप लगाया कि 1998 में उसके बहनोई दयानंद और बहन कृष्णा देवी ने भी उक्त आरोपियों की प्रताड़ना से तंग आकर सामूहिक रूप से आत्महत्या कर ली थी।
जिला कैथल के गांव कौलेखां निवासी महा सिंह पुत्र हरफूल सिंह ने बताया कि उसके 21 वर्षीय भांजे सन्नी पुत्र दयानंद को परमाणु संयंत्र के लिए अधिगृहीत की गई जमीन का मुआवजा मिला था। इस मुआवजा राशि को हड़पने के लिए उसके ताऊ राजेंद्र कुमार, चाचा रणबीर और बुआ दयावंती ने मिलकर पिटाई की थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया। बुधवार रात सन्नी ने सल्फास की गोलियां खा लीं, जिससे सिविल अस्पताल हिसार में उसकी मौत हो गई।
महा सिंह ने आरोप लगाया कि आरोपी सन्नी की जमीन और मुआवजा हड़पने के लिए उसे प्रताड़ित कर रहे थे। थाना प्रभारी हंसराज बिश्नोई ने बताया कि मृतक के मामा महा सिंह की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
मृतक के मामा ने आरोप लगाया है कि युवक को उसके चाचा रणबीर, ताऊ राजेंद्र कुमार और बुआ दयावंती ने जमीन हड़पने के लिए पीटा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इस वजह से युवक ने आत्महत्या की है। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। मामा ने आरोप लगाया कि 1998 में उसके बहनोई दयानंद और बहन कृष्णा देवी ने भी उक्त आरोपियों की प्रताड़ना से तंग आकर सामूहिक रूप से आत्महत्या कर ली थी।
जिला कैथल के गांव कौलेखां निवासी महा सिंह पुत्र हरफूल सिंह ने बताया कि उसके 21 वर्षीय भांजे सन्नी पुत्र दयानंद को परमाणु संयंत्र के लिए अधिगृहीत की गई जमीन का मुआवजा मिला था। इस मुआवजा राशि को हड़पने के लिए उसके ताऊ राजेंद्र कुमार, चाचा रणबीर और बुआ दयावंती ने मिलकर पिटाई की थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया। बुधवार रात सन्नी ने सल्फास की गोलियां खा लीं, जिससे सिविल अस्पताल हिसार में उसकी मौत हो गई।
महा सिंह ने आरोप लगाया कि आरोपी सन्नी की जमीन और मुआवजा हड़पने के लिए उसे प्रताड़ित कर रहे थे। थाना प्रभारी हंसराज बिश्नोई ने बताया कि मृतक के मामा महा सिंह की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।