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हरियाणा में इनेलो से गठबंधन कर सकती है भाजपा
नई दिल्ली/हरीश लखेड़ा
Updated Sat, 13 Apr 2013 01:53 PM IST
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दिल्ली के तख्त के लिए एनडीए प्लस योजना के तहत भाजपा हरियाणा में फिर से ओमप्रकाश चौटाला के इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) की ओर देखने लगी है।
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भाजपा को कुलदीप विश्नोई की हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) में ज्यादा दमखम नजर नहीं आ रहा है।
इनेलो और हजकां की दुविधा में पड़ी भाजपा की मुश्किल यह है कि वह खुद तो यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ ताल ठोक रही है और दूसरी ओर चौटाला भ्रष्टाचार के एक मामले में जेल में हैं।
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इतना ही नहीं इस मुश्किल में फंसी भाजपा हरियाणा में एनडीए के सहयोगी तलाशने के मसले पर बंटती भी नजर आ रही है।
एक तरफ पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह समेत पार्टी का एक बड़ा वर्ग हरियाणा की राजनीति की जमीनी सच्चाई समझकर चौटाला के साथ गठबंधन करने के पक्ष में हैं।
वहीं, दूसरी ओर अरुण जेटली समेत एक वर्ग अब भी सिर्फ विश्नोई के साथ गठबंधन बनाए रखने का पक्षधर है।
चौटाला के जेल जाने के बाद हरियाणा से आ रही रिपोर्ट से भी भाजपा इस नए समीकरण की संभावना देखने लगी है।
इन रिपोर्टों में कहा गया है कि चौटाला को जेल भेजने के बाद उनके पक्ष में लोगों की सहानुभूति बढ़ती जा रही है। इसका लोकसभा चुनाव में उन्हें लाभ मिलेगा।
हालांकि पार्टी प्रवक्ता कैप्टन अभिमन्यु कहते हैं कि यह सहानुभूति वोट में कितनी तब्दील होती है, यह देखना होगा।
बहरहाल, चौटाला के पक्ष में सहानुभूति को देख भाजपा उन्हें नजरंदाज करने के पक्ष में नहीं है। पार्टी मानती है कि विधानसभा चुनाव में भी भाजपा और इनेलो यदि मिलकर चुनाव लड़ते तो आज सरकार चला रहे होते।
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चौटाला समर्थक नेता यह दलील दे रहे हैं कि लोकसभा चुनाव के बाद यदि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आती है तो भी उसे चौटाला की मदद की जरूरत पड़ेगी। इसलिए यह जरूरी है कि चुनाव से पहले ही गठबंधन कर लिया जाए।
चौटाला और भाजपा का वोट बैंक अलग-अलग है, जबकि विश्नोई और भाजपा का वोट बैंक लगभग समान है। भजनलाल के बाद कुलदीप अपना करिश्मा भी नहीं दिखा पाए हैं।
भाजपा अब ऐसी दलील की तलाश में है जिससे चौटाला के जेल जाने के बावजूद इनेलो से फिर से दोस्ती की राह खोली जा सके।