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हरियाणा में भू-मित्र व्हाट्सएप चैटबाॅट लांच: इंतकाल-जमाबंदी की घर बैठे पा सकेंगे काॅपी, टोकन भी करा सकेंगे बुक
Sun, 15 Mar 2026 08:13 AM IST
Naveen
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: Naveen
Updated Sun, 15 Mar 2026 08:13 AM IST
सार
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राजस्व सेवाओं से संबंधित कार्य कराने के लिए चैटबाॅट का आमजन आसानी से उपयोग कर सकते हैं। घर बैठे ही अपने मोबाइल फोन के माध्यम से कार्य करा सकेंगे।
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व्हाट्सएप
- फोटो : व्हाट्सएप
विस्तार
हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने राजस्व सेवाओं का लाभ आमजन को आसानी से दिलाने के लिए भू-मित्र व्हाट्सएप चैटबाॅट लांच कर कर दिया है। यह चैटबाॅट 24 घंटे और 365 दिन काम करेगा। आमजन भूमि स्वामित्व और खेती संबंधी रिकॉर्ड के लिए जमाबंदी की प्रति की काॅपी चैटबाॅट से पा सकेंगे। भूमि स्वामित्व में परिवर्तन से संबंधित इंतकाल (म्यूटेशन) की काॅपी भी आसानी से पा सकते हैं। रजिस्ट्री कराने के लिए टोकन भी बुक करा सकेंगे। मुआवजा पंजीकरण और रजिस्ट्री(डीड रजिस्ट्रेशन) से संबंधित सहायता पा सकेंगे। अगले सप्ताह से डीड पंजीकरण से संबंधित सेवाओं के एसएमएस भी चैटबाॅट के माध्यम से मिलेंगे।
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राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राजस्व सेवाओं से संबंधित कार्य कराने के लिए चैटबाॅट का आमजन आसानी से उपयोग कर सकते हैं। घर बैठे ही अपने मोबाइल फोन के माध्यम से कार्य करा सकेंगे। नागरिक व्हाट्सएप नंबर 95933-00009 आमजन को सेव करना होगा। नंबर सेव करने के बाद मैसेज भेजकर भू-मित्र सेवा का उपयोग कर सकते हैं।
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हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में संवाद किया जा सकेगा। अभी तक अपने कार्य कराने के लिए आमजन को संबंधित क्षेत्रों की तहसील या उप तहसीलों में जाना पड़ता था। इसके अलावा भूमि सीमांकन के लिए आवेदन, भूमि एवं राजस्व से संबंधित शिकायतें भी दर्ज करा सकेंगे जो शिकायत होंगी उनकी रीयल टाइम ट्रैकिंग यानी शिकायत कहां और किस स्तर पर पहुंची समाधान हुआ कि नहीं यह भी जान सकेंगे।
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प्रदेश में आने वाले समय में भू-मित्र प्लेटफाॅर्म में और भी सेवाएं जोड़ी जाएंगी जिससे राजस्व विभाग की सेवाओं का आमजन को आसानी से लाभ मिल सके। योजना का लाभ यह भी होगा कि विभागीय कार्यों में अनावश्यक देरी कम होगी और लोगों विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को कार्यालयों में बेवजह ही चक्कर नहीं काटने होंगे।