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चिंताजनक लिंगानुपात : भिवानी जिले में एक हजार लड़कों पर सिर्फ 893 लड़कियां, कहां से मिलेंगी बहू
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भिवानी। प्रदेश में लिंगानुपात के मामले में भिवानी जिला 18वें पायदान पर टिका है। भिवानी जिले में एक हजार लड़कों पर सिर्फ 893 लड़कियां ही बची हैं। पहले से ही प्रदेश में लड़कियों की भारी कमी है, ऐसे में भिवानी जिला निचले पायदान से भी पांचवें नंबर पर है। लगातार घट रही लड़कियों की संख्या की वजह से कन्या भ्रूण-हत्या और लिंग जांच के मामलों में शायद कमी नहीं आई है। अगर यही हाल रहा तो लड़कों के लिए बहू कहां से लाएंगे।
भिवानी जिले में अक्तूबर माह में लिंगानुपात 893 दर्ज किया गया है। जबकि सितंबर में भी भिवानी जिले का लिंगानुपात बेहद चिंताजनक था। लगातार दूसरे माह में भी भिवानी का लिंगानुपात नहीं सुधरा। पिछले साल की तुलना में भी लिंगानुपात में गिरावट आई है। स्वास्थ्य विभाग की कन्या भ्रूण-हत्या व लिंग जांच रोकथाम के लिए टास्क फोर्स बनी है वहीं सूचना पर भी विभाग तत्परता से कार्रवाई कर रहा है। मगर प्रदेश के बाहर भी कन्या भ्रूण लिंग जांच का बड़ा खेल चल रहा है। यहां से काफी मामले पड़ोसी प्रांतों में लिंग जांच के केस पकड़ में आ चुके हैं, मगर बावजूद इसके लिंग जांच का खेल दलालों के सहारे चल रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए अकेला स्वास्थ्य विभाग ही नहीं बल्कि पूरे तंत्र को एकजुटता के साथ काम करना है।
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आशा और आंगनबाड़ी वर्करों के साथ ग्राम पंचायतों को भी अभियान में शामिल करना जरूरी हुआ
स्वास्थ्य कर्मियों के साथ आशा और आंगनबाड़ी कर्मचारियों को लिंग जांच व कन्या भ्रूण-हत्या रोकथाम की जिम्मेदारी है। मगर इस अभियान में ग्राम पंचायतों व अन्य जनप्रतिनिधियों को भी शामिल करना होगा। खिलाड़ी बेटियों को भी इस जागरूकता मुहिम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए, ताकि कोख में बेटी का कत्ल करने की सोच रखने वालों को सीख मिले।
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जनवरी से अक्तूबर माह तक प्रदेश का ये रहा है लिंगानुपात
जिला लड़के लड़कियां लिंगानुपात
पंचकूला 5366 5080 947
पलवल 12094 11371 940
नूंह 25361 23566 929
जींद 8484 7857 926
फतेहाबाद 6880 6360 924
सिरसा 8733 8029 919
यमुनानगर 10264 9430 919
कुरुक्षेत्र 6432 5907 918
पानीपत 13105 12016 917
झज्जर 4870 4464 917
अंबाला 7883 7206 914
हिसार 15256 13943 914
कैथल 7088 6475 914
गुरुग्राम 21395 19359 905
फरीदाबाद 21232 19211 905
करनाल 11531 10364 899
रेवाड़ी 7937 7128 898
भिवानी 8387 7486 893
चरखी दादरी 2526 2253 892
सोनीपत 11234 9986 889
रोहतक 14535 12727 876
महेंद्रगढ़ 5600 4862 868
जिले का ये रहा है पिछले सालों में लिंगानुपात
वर्ष लिंगानुपात
2015 894
2016 923
2017 912
2018 893
2019 924
2020 937
2021 898
2022 950
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भिवानी में लिंगानुपात बेहद खराब स्थिति में है। स्वास्थ्य विभाग गर्भ में लिंग जांच और कन्या भ्रूण-हत्या की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठा रहा है। बावजूद इसके अब भी समाज में बेटा और बेटी के प्रति लोगों का नजरिया अलग है। इसे बदलना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के अलावा ग्राम पंचायतों व जनप्रतिनिधियों को भी कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ डटकर खड़े रहने के लिए आगे आना होगा और ऐसा कुकृत्य करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करनी होगी।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन भिवानी
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भिवानी जिले में अक्तूबर माह में लिंगानुपात 893 दर्ज किया गया है। जबकि सितंबर में भी भिवानी जिले का लिंगानुपात बेहद चिंताजनक था। लगातार दूसरे माह में भी भिवानी का लिंगानुपात नहीं सुधरा। पिछले साल की तुलना में भी लिंगानुपात में गिरावट आई है। स्वास्थ्य विभाग की कन्या भ्रूण-हत्या व लिंग जांच रोकथाम के लिए टास्क फोर्स बनी है वहीं सूचना पर भी विभाग तत्परता से कार्रवाई कर रहा है। मगर प्रदेश के बाहर भी कन्या भ्रूण लिंग जांच का बड़ा खेल चल रहा है। यहां से काफी मामले पड़ोसी प्रांतों में लिंग जांच के केस पकड़ में आ चुके हैं, मगर बावजूद इसके लिंग जांच का खेल दलालों के सहारे चल रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए अकेला स्वास्थ्य विभाग ही नहीं बल्कि पूरे तंत्र को एकजुटता के साथ काम करना है।
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आशा और आंगनबाड़ी वर्करों के साथ ग्राम पंचायतों को भी अभियान में शामिल करना जरूरी हुआ
स्वास्थ्य कर्मियों के साथ आशा और आंगनबाड़ी कर्मचारियों को लिंग जांच व कन्या भ्रूण-हत्या रोकथाम की जिम्मेदारी है। मगर इस अभियान में ग्राम पंचायतों व अन्य जनप्रतिनिधियों को भी शामिल करना होगा। खिलाड़ी बेटियों को भी इस जागरूकता मुहिम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए, ताकि कोख में बेटी का कत्ल करने की सोच रखने वालों को सीख मिले।
जनवरी से अक्तूबर माह तक प्रदेश का ये रहा है लिंगानुपात
जिला लड़के लड़कियां लिंगानुपात
पंचकूला 5366 5080 947
पलवल 12094 11371 940
नूंह 25361 23566 929
जींद 8484 7857 926
फतेहाबाद 6880 6360 924
सिरसा 8733 8029 919
यमुनानगर 10264 9430 919
कुरुक्षेत्र 6432 5907 918
पानीपत 13105 12016 917
झज्जर 4870 4464 917
अंबाला 7883 7206 914
हिसार 15256 13943 914
कैथल 7088 6475 914
गुरुग्राम 21395 19359 905
फरीदाबाद 21232 19211 905
करनाल 11531 10364 899
रेवाड़ी 7937 7128 898
भिवानी 8387 7486 893
चरखी दादरी 2526 2253 892
सोनीपत 11234 9986 889
रोहतक 14535 12727 876
महेंद्रगढ़ 5600 4862 868
जिले का ये रहा है पिछले सालों में लिंगानुपात
वर्ष लिंगानुपात
2015 894
2016 923
2017 912
2018 893
2019 924
2020 937
2021 898
2022 950
भिवानी में लिंगानुपात बेहद खराब स्थिति में है। स्वास्थ्य विभाग गर्भ में लिंग जांच और कन्या भ्रूण-हत्या की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठा रहा है। बावजूद इसके अब भी समाज में बेटा और बेटी के प्रति लोगों का नजरिया अलग है। इसे बदलना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के अलावा ग्राम पंचायतों व जनप्रतिनिधियों को भी कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ डटकर खड़े रहने के लिए आगे आना होगा और ऐसा कुकृत्य करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करनी होगी।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन भिवानी