{"_id":"65429a73217860e72f05589c","slug":"women-kept-karva-chauth-fast-for-the-long-life-of-their-husbands-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-8145-2023-11-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए रखा करवाचौथ का व्रत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए रखा करवाचौथ का व्रत
विज्ञापन
भिवानी। करवाचौथ पर बुधवार को महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा। महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए चौथ माता की कथा सुनी। इसके बाद रात को चांद के दीदार करने के बाद ही महिलाओं ने करवाचौथ का व्रत संकल्प पूरा किया।
करवाचौथ को लेकर नवविवाहितों में उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने सुबह से ही व्रत को लेकर तैयारियां करनी शुरू कर दी। महिलाओं ने निर्जला और निराहार रहकर पूरा दिन व्रत रखा। महिलाओं ने व्रत के लिए नए वस्त्र पहने, सोलह शृंगार किया। महिलाओं ने सुबह 11 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक कथा सुनी। पंडितों के घर कथा सुनने वाली महिलाओं की लाइनें सुबह से ही लगनी शुरू हो गई। इस दौरान परिवार की बुजुर्ग महिलाओं ने विवाहित महिलाओं को करवा चौथ माता की पौराणिक कथा सुनाई। कथा सुनने के बाद महिलाओं ने सूर्य को अर्घ्य दिया। वहीं रात को छलनी में चांद व अपने पति को देखकर अपना व्रत खोला।
बुधवार को अलसुबह 3 बजे महिलाएं उठ गईं। इस दौरान महिलाओं ने सरगी खाई। सरगी उसे कहते है जिसे सास अपनी बहू को देती है। सरगी के लिए सास मिठाई, फल, फेमियां, मठियां व अन्य सामान देती हैं। महिलाएं सरगी सुबह 4 बजे से पहले खाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
करवाचौथ को लेकर नवविवाहितों में उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने सुबह से ही व्रत को लेकर तैयारियां करनी शुरू कर दी। महिलाओं ने निर्जला और निराहार रहकर पूरा दिन व्रत रखा। महिलाओं ने व्रत के लिए नए वस्त्र पहने, सोलह शृंगार किया। महिलाओं ने सुबह 11 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक कथा सुनी। पंडितों के घर कथा सुनने वाली महिलाओं की लाइनें सुबह से ही लगनी शुरू हो गई। इस दौरान परिवार की बुजुर्ग महिलाओं ने विवाहित महिलाओं को करवा चौथ माता की पौराणिक कथा सुनाई। कथा सुनने के बाद महिलाओं ने सूर्य को अर्घ्य दिया। वहीं रात को छलनी में चांद व अपने पति को देखकर अपना व्रत खोला।
विज्ञापन
बुधवार को अलसुबह 3 बजे महिलाएं उठ गईं। इस दौरान महिलाओं ने सरगी खाई। सरगी उसे कहते है जिसे सास अपनी बहू को देती है। सरगी के लिए सास मिठाई, फल, फेमियां, मठियां व अन्य सामान देती हैं। महिलाएं सरगी सुबह 4 बजे से पहले खाती हैं।
विज्ञापन