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Bhiwani News: भिवानी जिले में कहां, किसकी चाैधर, आज हो जाएगा फैसला
Tue, 08 Oct 2024 05:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 08 Oct 2024 05:08 AM IST
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भिवानी। विधानसभा चुनाव के नतीजे मंगलवार को आ जाएंगे। इसमें किसकी ताजपोशी होगी, इसकी तैयारी मंगलवार को ही हो जाएगी। जिले के तोशाम, भिवानी और लोहारू विधानसभा (विस) क्षेत्र में तो दिग्गजों की साख भी दांव पर है।
इन तीनों सीटों पर प्रदेश की राजनीति के दिग्गज चेहरे हैं, जिनका राजनीतिक कॅरिअर भी नतीजों पर ही टिका है। हालांकि तीनों क्षेत्रों में प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर है, जिसकी वजह से किसी की हार-जीत का पूर्वानुमान लगाना मुश्किल हो रहा है।
तोशाम सीट पर तो बंसीलाल परिवार सदस्यों का ही राजनीतिक कॅरिअर दाव पर है, क्योंकि जो प्रत्याशी वहां से विजयी होगा, उसी का भविष्य वहां से तय माना जा रहा है, जबकि हारने वाले प्रत्याशी के भविष्य में टिकट पर ही संकट आ सकता है लेकिन यह तो तय है कि चौ. बंसीलाल के गढ़ तोशाम में बंसीलाल परिवार से ही विधायक बनेगा। क्योंकि वहां भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। जिले की चारों सीट भिवानी, लोहारू, तोशाम, बवानीखेड़ा में इस बार 70.42 प्रतिशत मतदान हुआ है। इनमें से सबसे ज्यादा मतदान लोहारू क्षेत्र में 79.48 प्रतिशत हुआ है। दूसरे नंबर पर जिले की तोशाम सीट रही, जहां मतदान 72.24 प्रतिशत रहा। तीसरे स्थान पर बवानीखेड़ा सीट रही, जहां मतदान 70.44 प्रतिशत रहा है।
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जिले में सबसे कम 60.77 प्रतिशत मतदान भिवानी विस क्षेत्र में हुआ है। भिवानी जिले की तोशाम हॉट सीट पर सबकी निगाहें टिकी हैं। क्योंकि यहां से जीत दर्ज करने वाला प्रत्याशी ही यहां की जनता का विश्वास जीत पाएगा। राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी वर्ष 2005 से 2024 तक तोशाम से कांग्रेस की विधायक रहीं हैं। अब यहां से जीतने वाला विधायक ही जनता का प्रतिनिधित्व करेगा।
भिवानी सीट पर वर्ष 2009 के विस चुनाव में पहली बार जीते घनश्याम सर्राफ यहां लगातार तीन कार्यकाल से भाजपा का कमल खिला रहे हैं। अब वह जीत का चौका लगाने की तैयारी में हैं, लेकिन अगर यहां भाजपा जीत से चूक जाती है तो फिर पहली बार माकपा-कांग्रेस का साझा खाता खुल सकता है। यहां पर भी मुकाबला दिलचस्प है। क्योंकि भाजपा प्रत्याशी का भविष्य भी इसी चुनाव से ही तय होगा।
लोहारू सीट भी इनदिनों सुर्खियों में बनी है, क्योंकि सूबे के पूर्व वित्तमंत्री जयप्रकाश दलाल यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। जयप्रकाश ने ही पहली बाद लोहारू क्षेत्र में भाजपा का खाता खोला था। अब दूसरी बार भी वह जीत के प्रबल दावेदार हैं। हालांकि यहां कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। इस बार वहां से राजबीर फरटिया उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। लोहारू क्षेत्र के नतीजों पर भी प्रदेश की राजनीति के दिग्गजों का भविष्य और साख दांव पर लगी है।
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इन तीनों सीटों पर प्रदेश की राजनीति के दिग्गज चेहरे हैं, जिनका राजनीतिक कॅरिअर भी नतीजों पर ही टिका है। हालांकि तीनों क्षेत्रों में प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर है, जिसकी वजह से किसी की हार-जीत का पूर्वानुमान लगाना मुश्किल हो रहा है।
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तोशाम सीट पर तो बंसीलाल परिवार सदस्यों का ही राजनीतिक कॅरिअर दाव पर है, क्योंकि जो प्रत्याशी वहां से विजयी होगा, उसी का भविष्य वहां से तय माना जा रहा है, जबकि हारने वाले प्रत्याशी के भविष्य में टिकट पर ही संकट आ सकता है लेकिन यह तो तय है कि चौ. बंसीलाल के गढ़ तोशाम में बंसीलाल परिवार से ही विधायक बनेगा। क्योंकि वहां भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। जिले की चारों सीट भिवानी, लोहारू, तोशाम, बवानीखेड़ा में इस बार 70.42 प्रतिशत मतदान हुआ है। इनमें से सबसे ज्यादा मतदान लोहारू क्षेत्र में 79.48 प्रतिशत हुआ है। दूसरे नंबर पर जिले की तोशाम सीट रही, जहां मतदान 72.24 प्रतिशत रहा। तीसरे स्थान पर बवानीखेड़ा सीट रही, जहां मतदान 70.44 प्रतिशत रहा है।
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जिले में सबसे कम 60.77 प्रतिशत मतदान भिवानी विस क्षेत्र में हुआ है। भिवानी जिले की तोशाम हॉट सीट पर सबकी निगाहें टिकी हैं। क्योंकि यहां से जीत दर्ज करने वाला प्रत्याशी ही यहां की जनता का विश्वास जीत पाएगा। राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी वर्ष 2005 से 2024 तक तोशाम से कांग्रेस की विधायक रहीं हैं। अब यहां से जीतने वाला विधायक ही जनता का प्रतिनिधित्व करेगा।
भिवानी सीट पर वर्ष 2009 के विस चुनाव में पहली बार जीते घनश्याम सर्राफ यहां लगातार तीन कार्यकाल से भाजपा का कमल खिला रहे हैं। अब वह जीत का चौका लगाने की तैयारी में हैं, लेकिन अगर यहां भाजपा जीत से चूक जाती है तो फिर पहली बार माकपा-कांग्रेस का साझा खाता खुल सकता है। यहां पर भी मुकाबला दिलचस्प है। क्योंकि भाजपा प्रत्याशी का भविष्य भी इसी चुनाव से ही तय होगा।
लोहारू सीट भी इनदिनों सुर्खियों में बनी है, क्योंकि सूबे के पूर्व वित्तमंत्री जयप्रकाश दलाल यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। जयप्रकाश ने ही पहली बाद लोहारू क्षेत्र में भाजपा का खाता खोला था। अब दूसरी बार भी वह जीत के प्रबल दावेदार हैं। हालांकि यहां कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। इस बार वहां से राजबीर फरटिया उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। लोहारू क्षेत्र के नतीजों पर भी प्रदेश की राजनीति के दिग्गजों का भविष्य और साख दांव पर लगी है।