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अमृत योजना पड़ रही भारी, खुदाई के दौरान 25 से ज्यादा जगह तोड़ डाली पानी की लाइनें
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12 फोटो लेबर कॉलोनी में दूषित पेयजल आपूर्ति के लिए लीकेज ढूंढने के लिए खोदी गई पेयजल लाइन।
- फोटो : Bhiwani
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बारिश के पानी की निकासी के लिए अमृत योजना के तहत बिछाई जा रही लाइनें आमजन पर भारी पड़ रही हैैं। दरअसल लाइनें बिछाने के दौरान कर्मचारियों ने जेसीबी से खुदाई के समय करीब 25 स्थानों पर पेयजल लाइनों को डैमेज कर दिया है। इस कारण अब शहर के अधिकांश हिस्सों में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी इन डैमेज लाइनों को ठीक करने में परेशान है। बार-बार लाइनें टूटने से परेशान जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने अब नप अधिकारियों को पत्र लिखा है।
अमृत योजना के तहत करीब 65 करोड़ का प्रोजेक्ट पूरे शहर से बरसाती पानी की निकासी के लिए प्रबंधों को करने में खर्च किया जा रहा है। इस कार्य के चलते शहर के विभिन्न हिस्सों में अमृत योजना के तहत नगर परिषद द्वारा जमीन के नीचे नई लाइन बिछाने का काम चल रहा है। लेकिन बारिश के पानी की निकासी के लिए नई लाइन डालने की वजह से पहले से ही जमीन में बिछाई जा चुकी पब्लिक हेल्थ विभाग की पेयजल लाइन भी आड़े आ रही है। कई जगहों पर जेसीबी से खुदाई के दौरान अमृत योजना का पाइप डालने के लिए खोदी गई जमीन से पेयजल लाइन भी टूट गई। जिससे पब्लिक हेल्थ विभाग को भी बैठे बिठाए मोटा चूना लग गया, वहीं पूरे शहर में दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या भी पैदा हो गई। पहले से ही दूषित पेयजल आपूर्ति का समाधान तलाश रहे पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी नई आफत खड़ी होने से और भी मुश्किल में आ गए।
कई जगहों पर पेयजल लाइन टूटने की सूचनाओं पर पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों की भी खूब दौड़ धूप हुई। टूटी लाइनों को ठीक कर दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या का समाधान करने में सर्दी के मौसम में भी पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों के पसीने छूट गए। इतना ही नहीं शहर के बीटीएम चौक लेबर कॉलोनी बूस्टिंग स्टेशन से लेबर कॉलोनी व आसपास के इलाके में हो रही दूषित पेयजल आपूर्ति का ढूंढने के लिए भी सीसी सड़क तोड़कर तीन से चार जगह की पब्लिक हेल्थ विभाग को खुदाई करानी पड़ी। आखिर एक सीवरेज मेनहोल की क्रॉसिंग में लीकेज पब्लिक हेल्थ अधिकारियों की पकड़ में आई। लेबर कॉलोनी के लोग दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या को लेकर बूस्टिंग स्टेशन पर भी ताला जड़ चुके थे। लीकेज पकड़ में आने के बाद यहां पर अब क्षतिग्रस्त लाइन को ठीक करने का काम चल रहा है।
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शहर की ये कॉलोनियां झेल रही हैं दूषित आपूर्ति का दंश
शहर के हनुमान गेट, लेबर कॉलोनी, जगह कॉलोनी, चिरंजीव कॉलोनी, दादरी गेट, वाल्मीकि बस्ती, नई बस्ती, बावड़ी गेट, जैन चौक क्षेत्र सहित करीबन 40 से 50 कॉलोनियों के इलाके ऐसे हैं जो पूरी तरह या फिर आंशिक रूप से दूषित पेयजल आपूर्ति से प्रभावित हो रहे हैं। इन सभी इलाकों में या तो पुरानी पेयजल लाइन सीवरेज क्रॉसिंग है या फिर टूटने के कारण लीकेज की वजह से दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या से घिर चुकी हैं।
लीकेज ठीक करने के लिए पुरानी लाइनें की जा रही बंद
जिन इलाकों में दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हैं, वहां पर अक्सर नई पाइप लाइन डाले जाने के बावजूद पुरानी लाइन चालू छोड़ रखी हैं। ऐसी लाइनों को चिह्नित कर पब्लिक हेल्थ विभाग अब बंद कर रहा है, जहां नई लाइन डाली जा चुकी है और पुरानी लाइन भी चालू है। इससे काफी हद तक लीकेज की वजह से दूषित पेयजल आपूर्ति का समाधान होगा। अमृत योजना के तहत नई लाइन डालने के दौरान पब्लिक हेल्थ विभाग की पेयजल लाइनों को शहर में कई जगह तोड़ दिया गया है। इसके वजह से आसपास के इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति की समस्या पैदा हो गई है। इस संबंध में पब्लिक हेल्थ विभाग की तरफ से नगर परिषद को पत्र लिखकर अवगत कराया गया और भविष्य में यह सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया गया है कि काम के दौरान कहीं पर भी पेयजल आपूर्ति की लाइन प्रभावित ना हो।
- दर्शन कुमार, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा, जनस्वास्थ्य विभाग, भिवानी।
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अमृत योजना के तहत करीब 65 करोड़ का प्रोजेक्ट पूरे शहर से बरसाती पानी की निकासी के लिए प्रबंधों को करने में खर्च किया जा रहा है। इस कार्य के चलते शहर के विभिन्न हिस्सों में अमृत योजना के तहत नगर परिषद द्वारा जमीन के नीचे नई लाइन बिछाने का काम चल रहा है। लेकिन बारिश के पानी की निकासी के लिए नई लाइन डालने की वजह से पहले से ही जमीन में बिछाई जा चुकी पब्लिक हेल्थ विभाग की पेयजल लाइन भी आड़े आ रही है। कई जगहों पर जेसीबी से खुदाई के दौरान अमृत योजना का पाइप डालने के लिए खोदी गई जमीन से पेयजल लाइन भी टूट गई। जिससे पब्लिक हेल्थ विभाग को भी बैठे बिठाए मोटा चूना लग गया, वहीं पूरे शहर में दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या भी पैदा हो गई। पहले से ही दूषित पेयजल आपूर्ति का समाधान तलाश रहे पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी नई आफत खड़ी होने से और भी मुश्किल में आ गए।
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कई जगहों पर पेयजल लाइन टूटने की सूचनाओं पर पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों की भी खूब दौड़ धूप हुई। टूटी लाइनों को ठीक कर दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या का समाधान करने में सर्दी के मौसम में भी पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों के पसीने छूट गए। इतना ही नहीं शहर के बीटीएम चौक लेबर कॉलोनी बूस्टिंग स्टेशन से लेबर कॉलोनी व आसपास के इलाके में हो रही दूषित पेयजल आपूर्ति का ढूंढने के लिए भी सीसी सड़क तोड़कर तीन से चार जगह की पब्लिक हेल्थ विभाग को खुदाई करानी पड़ी। आखिर एक सीवरेज मेनहोल की क्रॉसिंग में लीकेज पब्लिक हेल्थ अधिकारियों की पकड़ में आई। लेबर कॉलोनी के लोग दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या को लेकर बूस्टिंग स्टेशन पर भी ताला जड़ चुके थे। लीकेज पकड़ में आने के बाद यहां पर अब क्षतिग्रस्त लाइन को ठीक करने का काम चल रहा है।
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शहर की ये कॉलोनियां झेल रही हैं दूषित आपूर्ति का दंश
शहर के हनुमान गेट, लेबर कॉलोनी, जगह कॉलोनी, चिरंजीव कॉलोनी, दादरी गेट, वाल्मीकि बस्ती, नई बस्ती, बावड़ी गेट, जैन चौक क्षेत्र सहित करीबन 40 से 50 कॉलोनियों के इलाके ऐसे हैं जो पूरी तरह या फिर आंशिक रूप से दूषित पेयजल आपूर्ति से प्रभावित हो रहे हैं। इन सभी इलाकों में या तो पुरानी पेयजल लाइन सीवरेज क्रॉसिंग है या फिर टूटने के कारण लीकेज की वजह से दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या से घिर चुकी हैं।
लीकेज ठीक करने के लिए पुरानी लाइनें की जा रही बंद
जिन इलाकों में दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हैं, वहां पर अक्सर नई पाइप लाइन डाले जाने के बावजूद पुरानी लाइन चालू छोड़ रखी हैं। ऐसी लाइनों को चिह्नित कर पब्लिक हेल्थ विभाग अब बंद कर रहा है, जहां नई लाइन डाली जा चुकी है और पुरानी लाइन भी चालू है। इससे काफी हद तक लीकेज की वजह से दूषित पेयजल आपूर्ति का समाधान होगा। अमृत योजना के तहत नई लाइन डालने के दौरान पब्लिक हेल्थ विभाग की पेयजल लाइनों को शहर में कई जगह तोड़ दिया गया है। इसके वजह से आसपास के इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति की समस्या पैदा हो गई है। इस संबंध में पब्लिक हेल्थ विभाग की तरफ से नगर परिषद को पत्र लिखकर अवगत कराया गया और भविष्य में यह सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया गया है कि काम के दौरान कहीं पर भी पेयजल आपूर्ति की लाइन प्रभावित ना हो।
- दर्शन कुमार, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा, जनस्वास्थ्य विभाग, भिवानी।