फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Water level in Tangri river reached above danger mark, major damage was averted due to timely steps

Bhiwani News: टांगरी नदी में खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा जलस्तर, समय पर उठाए कदमों से टला बड़ा नुकसान

Sun, 10 Aug 2025 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Sun, 10 Aug 2025 12:10 AM IST
विज्ञापन
Water level in Tangri river reached above danger mark, major damage was averted due to timely steps
भिवानी। प्रदेश की महिला एवं सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने बताया कि शुक्रवार की मध्यरात्रि को टांगरी नदी का जलस्तर 9.5 फीट (लगभग 20,900 क्यूसेक) तक पहुंच गया था जबकि खतरे का निशान 7.0 फीट (15,400 क्यूसेक) है। यह स्थिति पिछले वर्षों में अंबाला छावनी की कई कॉलोनियों के जलमग्न होने और करोड़ों रुपये के नुकसान का कारण बन चुकी है लेकिन इस बार समय रहते उठाए गए कदमों से खतरा टल गया।
विज्ञापन

मंत्री ने बताया कि सिंचाई विभाग ने इस बार बारिश से पहले ही टांगरी नदी की खोदाई और चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया था। बारिश के कारण फिलहाल आधा काम ही पूरा हो पाया लेकिन इससे नदी की जलनिकासी क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। पानी का बहाव सुरक्षित तरीके से हुआ और हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली। उन्होंने कहा कि मानसून समाप्त होते ही शेष कार्य भी पूरा किया जाएगा।
विज्ञापन


सुबह से रात तक लगातार बढ़ा जलस्तर, पर नहीं भरे निचले क्षेत्र
श्रुति चौधरी ने बताया कि छह अगस्त को सुबह 11 बजे नदी में 11,000 क्यूसेक पानी था जो शाम 4 बजे तक 15,400 क्यूसेक और मध्यरात्रि तक 20,900 क्यूसेक हो गया। पहले ऐसे जलस्तर पर न्यू टैगोर गार्डन, न्यू एकता विहार, प्रभु प्रेमपुरम, रामपुर, सरसेहड़ी, चंदपुरा और करधान जैसे क्षेत्रों में पानी भर जाता था लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि नदी को गांव रामगढ़ माजरा से गांव भुन्नी तक गहरा और चौड़ा किया जा रहा है, वहीं सरसेहड़ी और चंदपुरा में अस्थायी बांध भी बनाए गए हैं। इन प्रयासों से इस बार अधिक जलस्तर होने के बावजूद सरसेहड़ी, चंदपुरा और आसपास के क्षेत्र सुरक्षित रहे। मंत्री ने कहा कि पहले महेशनगर पंप हाउस के गेट नदी में केवल 2.5 फीट पानी आने पर बंद हो जाते थे जिससे शहर में बारिश का पानी भर जाता था लेकिन इस बार खुदाई के कारण गेट 4.5 फीट पानी आने पर ही बंद हुए और लोगों को भारी राहत मिली। उन्होंने दोहराया कि किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय सरकार हर समय लोगों के साथ खड़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed