{"_id":"61cf533c03e1623d7a1ed1e5","slug":"was-giving-notice-for-two-years-illegal-construction-demolished-on-the-last-day-of-the-year-bhiwani-news-hsr6208940128","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो साल से दे रहे थे नोटिस, साल के अंतिम दिन ढहाया अवैध निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो साल से दे रहे थे नोटिस, साल के अंतिम दिन ढहाया अवैध निर्माण
विज्ञापन
दिनोद रोड पर अवैध निर्माण तोड़ती जेसीबी। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। पिछले दो साल से अवैध निर्माण को खुद ही हटाने को लेकर बीएंडआर विभाग के अधिकारी कब्जाधारियों को नोटिस पर नोटिस देते आ रहे थे। इसके बाद भरी कोई अवैध निर्माण नहीं हटा। साल के अंतिम दिन शुक्रवार जेसीबी के साथ भारी पुलिस बल के साथ अधिकारियों व कर्मचारियों का अमला जीतुवाला जोहड़ क्षेत्र में पहुंचा और एक के बाद एक अवैध निर्माण पर पीला पंजा चलाकर कब्जों का ही अंत कर दिया।
इस दौरान कुछ लोगों ने अवैध निर्माण तोड़ने का भी विरोध जताया और कोर्ट के आदेश भी दिखाए, मगर अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। दरअसल जीतुवाला जोहड़ पर शहर के सबसे छोटे 600 मीटर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण का काम चल रहा है। जिसके आड़े क्षेत्र के कई अवैध निर्माण आ रहे थे, जिन्हें हटाने के लिए शुक्रवार का दिन तय हुआ और टीम मौके पर पहुंच गई।
शहर के दिनोद रोड जीतुवाला रेलवे फाटक संख्या 52-सी पर बीएंडआर विभाग द्वारा नया रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 18 करोड़ की लागत से मात्र 600 मीटर का सबसे छोटा रेलवे ओवरब्रिज बनना है। इसमें कृष्णा कॉलोनी के छोर से लेकर लाइनपार जीतुवाला जोहड़ क्षेत्र तक रेलवे पुल की हद में कई अवैध निर्माण आड़े आ रहे थे। इन निर्माण को हटवाने के लिए दो साल से बीएंडआर विभाग के अधिकारी कब्जाधारियों को नोटिस पर नोटिस देते रहे, मगर कब्जा जमाने वाले कार्रवाई से बचने के लिए कोर्ट की शरण में पहुंच गए। मगर कोर्ट से भी इन लोगों को कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट इस मामले में निर्देश तो दिए, मगर कब्जे वाली जगह को लेकर कानूनी दायरे में अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए भी स्वतंत्र कर दिया। इसके बाद बीएंडआर विभाग के अधिकारियों ने तीन दिन पहले भी अवैध निर्माण हटाने के लिए फाइनल नोटिस दिया और जगह को खाली करने के निर्देश दिए। इसके बाद शुक्रवार सुबह बीएंडआर विभाग के कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार अपनी टीम व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। जेसीबी ने यहां करीब 20 से 25 साल पहले बने अवैध निर्माणों को तोड़ना शुरू कर दिया। टीम की कार्रवाई से कई लोग बौखला गए और कई महिलाओं ने भी जमकर विरोध किया, मगर मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया और कब्जा तोड़ने की कार्रवाई निरंतर जारी रही। करीब छह घंटे तक टीम ने अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई कर वहां बने मकानों, दुकानों को मलवे के बड़े ढेर में तबदील कर दिया।
विज्ञापन
कई लोगों ने मांगी खुद ही निर्माण हटाने व जगह खाली करने की मोहलत
कब्जा कार्रवाई हटाने के दौरान टीम व पुलिस के समक्ष कुछ लोगों ने खुद ही निर्माण हटाने व जगह को खाली कर देने की मोहलत मांगी। इस पर बीएंडआर अधिकारियों ने उन लोगों को कुछ दिनों की राहत दे दी। इस बारे में उन लोगों से लिखित में भी आश्वासन लिया गया। इस अवधि के बाद टीम बिना किसी सूचना के निर्माण को गिरा देगी।
बिजली, पानी व सीवर लाइन शिफ्टिंग का भी रुका हुआ था काम
अवैध कब्जों की वजह से जीतुवाला फाटक से लेकर शमशान घाट तक सीवर, पेयजल व बिजली के खंभों को शिफ्ट किए जाने का काम भी काफी अर्से से रुका हुआ था। ये काम तभी शुरू हो सकता था, जब लोगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे हट जाते। मगर लोगों ने पक्का निर्माण किया हुआ था, जिसमें कई दुकानें और कई मकानों के लेंटर से बना पक्का निर्माण भी आड़े आ रहा था।
नोटिस के बाद भी नहीं हटाया था अतिक्रमण, इसलिए की कार्रवाई
जीतुवाला रेलवे फाटक पर सरकारी मार्किंग के अनुसार सड़क के दोनों तरफ लोगों द्वारा अवैध रूप से निर्माण किए हुए थे। सड़क की एक तरफ 15 फुट तो दूसरी तरफ करीब सात फुट तक अवैध निर्माण आड़े आ रहा था। इन लोगों को काफी बार नोटिस दिए जा चुके थे। इन सब में दो साल भी बीत गए, मगर अब खुद विभाग ने ये निर्माण तोड़ने शुरू किए हैं। जगह को खाली कराकर लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू कराया जाएगा।
-कृष्ण कुमार, कार्यकारी अभियंता, बीएंडआर विभाग।
विज्ञापन
इस दौरान कुछ लोगों ने अवैध निर्माण तोड़ने का भी विरोध जताया और कोर्ट के आदेश भी दिखाए, मगर अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। दरअसल जीतुवाला जोहड़ पर शहर के सबसे छोटे 600 मीटर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण का काम चल रहा है। जिसके आड़े क्षेत्र के कई अवैध निर्माण आ रहे थे, जिन्हें हटाने के लिए शुक्रवार का दिन तय हुआ और टीम मौके पर पहुंच गई।
विज्ञापन
शहर के दिनोद रोड जीतुवाला रेलवे फाटक संख्या 52-सी पर बीएंडआर विभाग द्वारा नया रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 18 करोड़ की लागत से मात्र 600 मीटर का सबसे छोटा रेलवे ओवरब्रिज बनना है। इसमें कृष्णा कॉलोनी के छोर से लेकर लाइनपार जीतुवाला जोहड़ क्षेत्र तक रेलवे पुल की हद में कई अवैध निर्माण आड़े आ रहे थे। इन निर्माण को हटवाने के लिए दो साल से बीएंडआर विभाग के अधिकारी कब्जाधारियों को नोटिस पर नोटिस देते रहे, मगर कब्जा जमाने वाले कार्रवाई से बचने के लिए कोर्ट की शरण में पहुंच गए। मगर कोर्ट से भी इन लोगों को कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट इस मामले में निर्देश तो दिए, मगर कब्जे वाली जगह को लेकर कानूनी दायरे में अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए भी स्वतंत्र कर दिया। इसके बाद बीएंडआर विभाग के अधिकारियों ने तीन दिन पहले भी अवैध निर्माण हटाने के लिए फाइनल नोटिस दिया और जगह को खाली करने के निर्देश दिए। इसके बाद शुक्रवार सुबह बीएंडआर विभाग के कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार अपनी टीम व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। जेसीबी ने यहां करीब 20 से 25 साल पहले बने अवैध निर्माणों को तोड़ना शुरू कर दिया। टीम की कार्रवाई से कई लोग बौखला गए और कई महिलाओं ने भी जमकर विरोध किया, मगर मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया और कब्जा तोड़ने की कार्रवाई निरंतर जारी रही। करीब छह घंटे तक टीम ने अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई कर वहां बने मकानों, दुकानों को मलवे के बड़े ढेर में तबदील कर दिया।
विज्ञापन
कई लोगों ने मांगी खुद ही निर्माण हटाने व जगह खाली करने की मोहलत
कब्जा कार्रवाई हटाने के दौरान टीम व पुलिस के समक्ष कुछ लोगों ने खुद ही निर्माण हटाने व जगह को खाली कर देने की मोहलत मांगी। इस पर बीएंडआर अधिकारियों ने उन लोगों को कुछ दिनों की राहत दे दी। इस बारे में उन लोगों से लिखित में भी आश्वासन लिया गया। इस अवधि के बाद टीम बिना किसी सूचना के निर्माण को गिरा देगी।
बिजली, पानी व सीवर लाइन शिफ्टिंग का भी रुका हुआ था काम
अवैध कब्जों की वजह से जीतुवाला फाटक से लेकर शमशान घाट तक सीवर, पेयजल व बिजली के खंभों को शिफ्ट किए जाने का काम भी काफी अर्से से रुका हुआ था। ये काम तभी शुरू हो सकता था, जब लोगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे हट जाते। मगर लोगों ने पक्का निर्माण किया हुआ था, जिसमें कई दुकानें और कई मकानों के लेंटर से बना पक्का निर्माण भी आड़े आ रहा था।
नोटिस के बाद भी नहीं हटाया था अतिक्रमण, इसलिए की कार्रवाई
जीतुवाला रेलवे फाटक पर सरकारी मार्किंग के अनुसार सड़क के दोनों तरफ लोगों द्वारा अवैध रूप से निर्माण किए हुए थे। सड़क की एक तरफ 15 फुट तो दूसरी तरफ करीब सात फुट तक अवैध निर्माण आड़े आ रहा था। इन लोगों को काफी बार नोटिस दिए जा चुके थे। इन सब में दो साल भी बीत गए, मगर अब खुद विभाग ने ये निर्माण तोड़ने शुरू किए हैं। जगह को खाली कराकर लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू कराया जाएगा।
-कृष्ण कुमार, कार्यकारी अभियंता, बीएंडआर विभाग।