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30 नई बसों के इंतजार में 38 बसें हो गईं कंडम
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बस स्टैंड स्थित बूथों पर लगीीं बसों की ओर बढ़ते यात्री। संवाद
- फोटो : Bhiwani
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संजय वर्मा
भिवानी। दो साल से रोडवेज बेड़े में 30 नई बसें आने के इंतजार में 38 बसें कंडम हो गईं, लेकिन परिवहन बेड़ा बढ़ने के बजाय घट गया। 31 चालकों के स्वास्थ्य विभाग में चले जाने से भी रोडवेज की व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ा गई है।
भिवानी डिपो 175 बसों के कोरम का है, फिलहाल सिर्फ 84 बसें ही रूट पर दौड़ रही हैं। इसका सीधा असर यात्री सेवाओं पर भी पड़ रहा है। कई रूट पर बसें ही नहीं चल रहीं। कुछ रूट पर एक दो बसें ही चल रही हैं। यात्री सेवाओं को बहाल रख पाने में रोडवेज अधिकारियों को भी पसीना छूट रहा है।
हरियाणा राज्य परिवहन विभाग का भिवानी डिपो कोरम के अनुसार 175 बसों का है। डिपो में कई सालों से कोरम के अनुसार बसों की संख्या नहीं हुई। भिवानी डिपो में फिलहाल 84 बसें भिवानी बस स्टैंड से रूटों पर दौड़ लगा रही हैं, जबकि तोशाम सब डिपो से 31 बसें चलाई जा रही हैं। 2020 में भिवानी डिपो में 30 नई बसें आवंटित की थीं, लेकिन आज तक डिपो को एक भी नई बस नहीं मिली। रोडवेज अधिकारियों की मानें तो चैसिस की मंजूरी मिलने के बाद बसों की बॉडी तैयार करने के लिए न तो सामान का टेंडर हुआ है न ही बसों की बॉडी तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो पाई है। ऐसे में रोडवेज बसों के लिए डिपो का इंतजार शायद जल्दी खत्म होने वाला नहीं है।
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चार माह से 31 चालक दे रहे स्वास्थ्य विभाग में सेवा, जून तक नहीं होगी वापसी
रोडवेज विभाग में तैनात 31 बस चालकों को जनवरी से स्वास्थ्य विभाग में ड्यूटी पर भेजा हुआ है। कोविड संक्रमण की वजह से स्वास्थ्य विभाग ने रोडवेज से चालकों की मांग की थी। इन चालकों की जून तक अपने विभाग में वापसी नहीं होगी। इन चालकों की वजह से भी कई ग्रामीण रूट पर परिवहन सेवाएं बुरी तरह से लड़खड़ा गई हैं। रोडवेज अधिकारी चाहकर भी इन चालकों को अपने विभाग में परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने में वापस नहीं बुला सकते हैं, क्योंकि उनकी बेबसी यह है कि सीधे मुख्यालय से आदेश हैं, जिनकी नाफरमानी शायद कोई अधिकारी नहीं करना चाहता है।
ये रूट हो रहे प्रभावित
भिवानी डिपो से 91 संबंधित रूट पर परिवहन सेवाएं दी जा रही हैं। इन सभी रूट का रोजाना संचालन का शेड्यूल भी बनाया हुआ है। मगर बसों व चालकों की कमी की वजह से रूट पर रोटेशन के हिसाब से बसें नहीं चल रही हैं। भिवानी-जींद, भिवानी-हांसी, भिवानी-बवानीखेड़ा, भिवानी-लोहारू, भिवानी-बहल प्रभावित हो रहे हैं। लंबी दूरी के रूट पर यात्री सेवाएं बहाल रखने में भी किलोमीटर स्कीम की बसों को दौड़ाया जा रहा है। इसी के साथ दूसरे राज्यों में जाने वाली बस सेवाओं पर भी बुरा असर पड़ा है। (संवाद)
सभी रूट पर सुविधा मुहैया कराने का प्रयास
भिवानी डिपो को 30 नई बसें आवंटित की हुई हैं। नई बसों को तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। हमारी 38 बसें कंडम हो गईं, जबकि 31 चालकों को स्वास्थ्य विभाग में भेजा हुआ है। इस वजह से यात्री सेवाओं पर असर पड़ा है, फिर भी हमारा प्रयास है कि सभी रूट पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराएं।
- कमलजीत सिंह चहल, महाप्रबंधक, भिवानी डिपो हरियाणा राज्य परिवहन निगम।
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भिवानी। दो साल से रोडवेज बेड़े में 30 नई बसें आने के इंतजार में 38 बसें कंडम हो गईं, लेकिन परिवहन बेड़ा बढ़ने के बजाय घट गया। 31 चालकों के स्वास्थ्य विभाग में चले जाने से भी रोडवेज की व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ा गई है।
भिवानी डिपो 175 बसों के कोरम का है, फिलहाल सिर्फ 84 बसें ही रूट पर दौड़ रही हैं। इसका सीधा असर यात्री सेवाओं पर भी पड़ रहा है। कई रूट पर बसें ही नहीं चल रहीं। कुछ रूट पर एक दो बसें ही चल रही हैं। यात्री सेवाओं को बहाल रख पाने में रोडवेज अधिकारियों को भी पसीना छूट रहा है।
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हरियाणा राज्य परिवहन विभाग का भिवानी डिपो कोरम के अनुसार 175 बसों का है। डिपो में कई सालों से कोरम के अनुसार बसों की संख्या नहीं हुई। भिवानी डिपो में फिलहाल 84 बसें भिवानी बस स्टैंड से रूटों पर दौड़ लगा रही हैं, जबकि तोशाम सब डिपो से 31 बसें चलाई जा रही हैं। 2020 में भिवानी डिपो में 30 नई बसें आवंटित की थीं, लेकिन आज तक डिपो को एक भी नई बस नहीं मिली। रोडवेज अधिकारियों की मानें तो चैसिस की मंजूरी मिलने के बाद बसों की बॉडी तैयार करने के लिए न तो सामान का टेंडर हुआ है न ही बसों की बॉडी तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो पाई है। ऐसे में रोडवेज बसों के लिए डिपो का इंतजार शायद जल्दी खत्म होने वाला नहीं है।
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चार माह से 31 चालक दे रहे स्वास्थ्य विभाग में सेवा, जून तक नहीं होगी वापसी
रोडवेज विभाग में तैनात 31 बस चालकों को जनवरी से स्वास्थ्य विभाग में ड्यूटी पर भेजा हुआ है। कोविड संक्रमण की वजह से स्वास्थ्य विभाग ने रोडवेज से चालकों की मांग की थी। इन चालकों की जून तक अपने विभाग में वापसी नहीं होगी। इन चालकों की वजह से भी कई ग्रामीण रूट पर परिवहन सेवाएं बुरी तरह से लड़खड़ा गई हैं। रोडवेज अधिकारी चाहकर भी इन चालकों को अपने विभाग में परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने में वापस नहीं बुला सकते हैं, क्योंकि उनकी बेबसी यह है कि सीधे मुख्यालय से आदेश हैं, जिनकी नाफरमानी शायद कोई अधिकारी नहीं करना चाहता है।
ये रूट हो रहे प्रभावित
भिवानी डिपो से 91 संबंधित रूट पर परिवहन सेवाएं दी जा रही हैं। इन सभी रूट का रोजाना संचालन का शेड्यूल भी बनाया हुआ है। मगर बसों व चालकों की कमी की वजह से रूट पर रोटेशन के हिसाब से बसें नहीं चल रही हैं। भिवानी-जींद, भिवानी-हांसी, भिवानी-बवानीखेड़ा, भिवानी-लोहारू, भिवानी-बहल प्रभावित हो रहे हैं। लंबी दूरी के रूट पर यात्री सेवाएं बहाल रखने में भी किलोमीटर स्कीम की बसों को दौड़ाया जा रहा है। इसी के साथ दूसरे राज्यों में जाने वाली बस सेवाओं पर भी बुरा असर पड़ा है। (संवाद)
सभी रूट पर सुविधा मुहैया कराने का प्रयास
भिवानी डिपो को 30 नई बसें आवंटित की हुई हैं। नई बसों को तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। हमारी 38 बसें कंडम हो गईं, जबकि 31 चालकों को स्वास्थ्य विभाग में भेजा हुआ है। इस वजह से यात्री सेवाओं पर असर पड़ा है, फिर भी हमारा प्रयास है कि सभी रूट पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराएं।
- कमलजीत सिंह चहल, महाप्रबंधक, भिवानी डिपो हरियाणा राज्य परिवहन निगम।