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लंदन में देशी घी खाकर मुक्के बरसाएंगे विजेंद्र
अमर उजाला ब्यूरो/भिवानी
Updated Fri, 02 Oct 2015 12:50 AM IST
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पेशेवर मुक्केबाजी में पदार्पण करने जा रहे भारत के सुपर स्टार बॉक्सर विजेंद्र लंदन में अपने गांव का देसी घी खाकर प्रतिद्वंद्वी पर मुक्के बरसाएंगे।
भैंस के दूध के घी के शौकीन विजेंद्र की इच्छा पूरी करने के लिए परिजनों ने यहां से 20 किलो देसी घी लंदन भिजवाया है। भैंस के दूध से बने घी को अपने मुक्कों की ताकत बताने वाले विजेंद्र लंदन में भी गांव के घी को नहीं भूल पाए।
पेशेवर मुक्केबाजी में अपनी पहली फाइट से पहले विजेंद्र देसी घी खाकर अपनी ताकत को और धार देना चाहते हैं। विजेंद्र के भाई मनोज ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में बताया कि चार दिन पहले गांव से कोरियर के माध्यम से विजेंद्र के पास लंदन में 20 किलोग्राम देसी घी भिजवाया है।
घी विजेंद्र को मिल भी गया। उन्होंने बताया कि विजेंद्र खाने के मामले में बहुत चूजी हैं। बाहर की चीज उन्हें कतई पसंद नहीं है इसलिए घर में तैयार किया गया घी उनके पास भेजा है।
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मनोज ने भरोसा जताया कि देसी घी खाकर विजेंद्र ओर ज्यादा ऊर्जा से लबरेज होंगे और प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज सोनी व्हाइटिंग को हरा देंगे। इस महीने की 10 तारीख को विजेंद्र पेशेवर मुक्केबाजी में ब्रिटिश बॉक्सर सोनी व्हाइटिंग से लंदन में भिड़ेंगे। पेशेवर मुक्केबाजी में विजेंद्र की पहली बाउट होगी।
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गांव की मिट्टी भी लंदन भेजी
मूल रूप से कालूवास गांव के रहने वाले विजेंद्र को शारीरिक मजबूती के अलावा मानसिक शांति के लिए भी परिजनों ने खास प्लान बनाया है। ओलंपिक और वर्ल्ड बॉक्सिंग में देश को पदक दिलाने वाले विजेंद्र के पास परिजनों ने गांव के कुल देव बाबा प्रेमदास और बाबा जांड वाले के चित्र और गांव की मिट्टी भिजवाई है। विजेंद्र कुल देव के साथ-साथ मिट्टी की धोक (नमन) लगाकर जीत के लिए मन्नत मांगेंगे। कुल देव के चित्र और गांव की मिट्टी भेजने की बात विजेंद्र के भाई मनोज ने बताई।
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जीतेगा विजेंदर भाई
विजेंद्र के भाई मनोज को पूरा-पूरा भरोसा है कि उनका भाई पेशेवर मुक्केबाजी में जीत के साथ पर्दापण करेगा। जीत के लिए विजेंद्र हर रोज सात-साढ़े सात घंटे पसीना बहा रहा है। सुबह-शाम तीन-तीन घंटे और दोपहर में एक से लेकर डेढ़ घंटे तक प्रैक्टिस कर रहा है। हौंसला अफजाई के लिए विजेंद्र लगभग हर रोज माता-पिता से बात करते हैं। मनोज का कहना है कि विजेंद्र की तैयारी जोरदार है और आत्मविश्वास से लबरेज है।
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भैंस के दूध के घी के शौकीन विजेंद्र की इच्छा पूरी करने के लिए परिजनों ने यहां से 20 किलो देसी घी लंदन भिजवाया है। भैंस के दूध से बने घी को अपने मुक्कों की ताकत बताने वाले विजेंद्र लंदन में भी गांव के घी को नहीं भूल पाए।
पेशेवर मुक्केबाजी में अपनी पहली फाइट से पहले विजेंद्र देसी घी खाकर अपनी ताकत को और धार देना चाहते हैं। विजेंद्र के भाई मनोज ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में बताया कि चार दिन पहले गांव से कोरियर के माध्यम से विजेंद्र के पास लंदन में 20 किलोग्राम देसी घी भिजवाया है।
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घी विजेंद्र को मिल भी गया। उन्होंने बताया कि विजेंद्र खाने के मामले में बहुत चूजी हैं। बाहर की चीज उन्हें कतई पसंद नहीं है इसलिए घर में तैयार किया गया घी उनके पास भेजा है।
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मनोज ने भरोसा जताया कि देसी घी खाकर विजेंद्र ओर ज्यादा ऊर्जा से लबरेज होंगे और प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज सोनी व्हाइटिंग को हरा देंगे। इस महीने की 10 तारीख को विजेंद्र पेशेवर मुक्केबाजी में ब्रिटिश बॉक्सर सोनी व्हाइटिंग से लंदन में भिड़ेंगे। पेशेवर मुक्केबाजी में विजेंद्र की पहली बाउट होगी।
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गांव की मिट्टी भी लंदन भेजी
मूल रूप से कालूवास गांव के रहने वाले विजेंद्र को शारीरिक मजबूती के अलावा मानसिक शांति के लिए भी परिजनों ने खास प्लान बनाया है। ओलंपिक और वर्ल्ड बॉक्सिंग में देश को पदक दिलाने वाले विजेंद्र के पास परिजनों ने गांव के कुल देव बाबा प्रेमदास और बाबा जांड वाले के चित्र और गांव की मिट्टी भिजवाई है। विजेंद्र कुल देव के साथ-साथ मिट्टी की धोक (नमन) लगाकर जीत के लिए मन्नत मांगेंगे। कुल देव के चित्र और गांव की मिट्टी भेजने की बात विजेंद्र के भाई मनोज ने बताई।
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जीतेगा विजेंदर भाई
विजेंद्र के भाई मनोज को पूरा-पूरा भरोसा है कि उनका भाई पेशेवर मुक्केबाजी में जीत के साथ पर्दापण करेगा। जीत के लिए विजेंद्र हर रोज सात-साढ़े सात घंटे पसीना बहा रहा है। सुबह-शाम तीन-तीन घंटे और दोपहर में एक से लेकर डेढ़ घंटे तक प्रैक्टिस कर रहा है। हौंसला अफजाई के लिए विजेंद्र लगभग हर रोज माता-पिता से बात करते हैं। मनोज का कहना है कि विजेंद्र की तैयारी जोरदार है और आत्मविश्वास से लबरेज है।
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